इमरान ने कबूला- PAK को पता था लादेन का ठिकाना, ISI ने ही CIA को दी थी जानकारी

इमरान खान ने सोमवार को खुलासा किया कि पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई ने सीआईए को वह खुफिया सूचना मुहैया की थी.

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Updated: July 23, 2019, 6:06 PM IST
इमरान ने कबूला- PAK को पता था लादेन का ठिकाना, ISI ने ही CIA को दी थी जानकारी
इमरान खान ने सोमवार को खुलासा किया कि पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई ने सीआईए को वह खुफिया सूचना मुहैया की थी. (फाइल फोटो)
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Updated: July 23, 2019, 6:06 PM IST
पाकिस्‍तान वैश्विक मंचों पर कई बार आतंकवाद का पनाहगार साबित हो चुका है. भारत भी अंतरराष्‍ट्रीय मंचों पर कई बार उसे घेर चुका है. ऐसे में पाक अब अपनी छवि बदलने की फिराक में है. साथ ही पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का दिल जीतने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.

इसी के तहत इमरान खान ने सोमवार को खुलासा किया अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी CIA को पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI ने ही ये सूचना मुहैया कराई थी कि अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में ही छिपा हुआ है. इसी के बाद अमेरिकी सेना की एक कार्रवाई में उसे मार गिराया गया. बता दें कि अभी तक पाकिस्तान ने ये बात कबूल नहीं की थी कि ओसामा के छिपे होने की जानकारी पाकिस्तान को थी.

बतौर प्रधानमंत्री अपने पहले अमेरिकी दौरे पर पहुंचे खान ने इस बात का खुलासा फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्‍यू के दौरान किया. दरअसल, उनसे यह सवाल किया गया कि क्या उनका देश जेल में कैद पाकिस्तानी डॉक्टर शकील अफरीदी को रिहा करेगा, जिन्होंने ओसामा का पता लगाने में सीआईए की मदद की थी.

ISI ने फोन पर दी थी अमेरिका को जानकारी

खान का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि पाकिस्तान ओसामा के ठिकाने के बारे में कोई भी जानकारी होने से तब तक इनकार कर रहा था. जब तक कि दो मई 2011 को इस्लामाबाद के छावनी नगर ऐबटाबाद में यूएस नेवी सील की टीम ने एक अभियान में उसे मार नहीं गिराया.



खान ने कहा, 'वह आईएसआई थी जिसने सूचना दी थी, जिससे ओसामा बिन लादेन के ठिकाने का पता चला था. अगर आप सीआईए से पूछें तो वह आईएसआई थी जिसने फोन पर शुरुआती स्थान के बारे में जानकारी दी.'
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डॉक्‍टर अफरीदी की रिहाई पर बोलने से कतराते रहे
सवालों का जवाब देते हुए खान पाकिस्तानी डॉक्टर अफरीदी की रिहाई पर किसी तरह की प्रतिबद्धता जताने से कतराते रहे. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं. खान ने कहा कि अफरीदी की रिहाई पाकिस्तान के लिए 'भावनात्मक मुद्दा' है क्योंकि देश में उन्हें अमेरिका का जासूस समझा जाता है.

इमरान ने कहा, 'पाकिस्तान में हमने हमेशा से महसूस किया कि हम अमेरिका के सहयोगी हैं और अगर हमें ओसामा की सूचना होती, तो हम उसे बाहर निकाल कर लाए होते.' खान ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के लिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा था. ओसामा के ठिकाने पर धावा बोलना और उसकी हत्या किया जाना 'पाकिस्तान के लिए बहुत अपमानजनक था.'



अमेरिका ने नहीं किया भरोसा: इमरान खान
खान ने कहा, 'यहां हम अमेरिका के सहयोगी बने हुए थे और अमेरिका ने हम पर भरोसा नहीं किया. बल्कि, वे हमारी सीमा में घुसे और बम गिराए तथा एक व्यक्ति की हत्या कर दी.' यह कहे जाने पर कि ओसामा एक व्यक्ति नहीं बल्कि 3,000 से ज्यादा अमेरिकियों की हत्या करने वाला आतंकवादी था. खान ने कहा कि पाकिस्तान ने इस लड़ाई (आतंकवाद के खिलाफ) में 70,000 लोग खोए हैं.

हमनें अमेरिका के लिए लड़ाई लड़ी
खान ने कहा, 'हम अमेरिका के लिए यह लड़ाई लड़ रहे थे और हमने इस लड़ाई के लिए लड़ते हुए इन सारे लोगों को खोया. इसलिए निश्चित तौर पर जिस तरह से चीजें की गईं उसे लेकर गुस्सा था. लेकिन ये सब पहले की बात है.'

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उनसे जब यह कहा गया, 'आप प्रधानमंत्री हैं, आप फैसला ले सकते हैं.' इस पर खान ने कहा, 'लोकतंत्र में कुछ ऐसे फैसले होते हैं जिसे लेना प्रधानमंत्री के लिए भी मुश्किल होता है क्योंकि हमारे पास विपक्ष भी होता है. लेकिन यह कुछ ऐसा है कि जिस पर समय बीतने के साथ बात की जा सकती है.'

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First published: July 23, 2019, 5:57 PM IST
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