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कुलभूषण जाधव मामले पर पाक ने मारी पलटी, कहा- सिविल कोर्ट में केस चलाने की खबर गलत

पाकिस्तान ने जाधव को मार्च 2016 में पकड़ा था और अप्रैल 2017 में पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी.
पाकिस्तान ने जाधव को मार्च 2016 में पकड़ा था और अप्रैल 2017 में पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी.

कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) पर झूठे आरोप लगाकर पाकिस्तान की आर्मी ने मौत की सजा सुनाई थी. पाक न तो जाधव को काउंसलर एक्सेस की सुविधा दी और न ही सुनवाई का मौका. भारत ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में चुनौती दी थी. जहां पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 13, 2019, 7:27 PM IST
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कराची. पाकिस्तान (Pakistan) ने एक बार फिर से अपनी फितरत दिखाते हुए कुलभूषण (Kulbhushan Jadhav) मामले में पलटी मार दी है. पहले कहा जा रहा था कि पाकिस्तान (Pakistan) सरकार ने आर्मी एक्ट (Army Act) में बदलाव का निर्णय लिया है. इस बदलाव के बाद कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सिविल कोर्ट (Civil Court) में अपील करनी होगी. लेकिन अब पाकिस्तान की ओर से किए ट्वीट में इस मामले में दूसरी ही बात कही जा रही है.

पाकिस्तान सेना के आधिकारिक ट्विटर हैंडल DG ISPR की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि ऐसी अटकलें गलत हैं कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव के बारे में ICJ के फैसले को लागू करने के लिए पाक सेना अधिनियम में संशोधन करने जा रहा है. हम इस मामले की समीक्षा और पुनर्विचार के विभिन्न कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. जल्द ही इस बारे में जो निर्णय लिया जाएगा, उसे सभी को बताया जाएगा.

 





बता दें कि कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) पर झूठे आरोप लगाकर पाकिस्तान की आर्मी ने मौत की सजा सुनाई थी. उसने न तो जाधव को काउंसलर एक्सेस की सुविधा दी और न ही सुनवाई का मौका. भारत ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में चुनौती दी थी. जहां भारत की जीत हुई और पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी. अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने पाकिस्तान को कहा कि वह जाधव को काउंसलर एक्सेस दें.

कहा गया पाकिस्तान बदल सकता है नियम
कुलभूषण जाधव पर अभी तक आर्मी कोर्ट में मुकदमा चलाया जा रहा है. आर्मी एक्ट के तहत ऐसे व्यक्तियों या समूह को जिसका मुकदमा आर्मी कोर्ट में चल रहा हो, उसे सिविल कोर्ट में अपील करने की इजाजत नहीं दी जाती है. इसके बाद खबरें आईं कि कुलभूषण जाधव मामले को लेकर पाकिस्तान आर्मी कोर्ट के इस एक्ट में संशोधन करेगा. लेकिन अब वह इस बात से पलटते हुए कह रहा है कि वह ऐसा कुछ नहीं करने जा रहा है.

आईसीजे ने कहा-पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया
बता दें कि कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान को हाल में ही बड़ी शिकस्त मिली है. इंटरनेशनल जस्टिस कोर्ट के प्रेसिडेंट जज ने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान ने वियना संधि के नियमों की अनदेखी की है. आईसीजे ने कहा कि इस गिरफ्तारी की सूचना भारतीय दूतावास को भी नहीं दी गई थी. यहां तक कि भारत के कई बार अपील के बाद भी कुलभूषण जाधव को काउंसुलर एक्सेस नहीं दिया गया. आईसीजे के प्रेसिडेंट जज अब्दुलकावी यूसुफ ने संयुक्त राष्ट्र में बयान देते हुए कहा था कि पाकिस्तान ने वियना संधि के आर्टिकल 36 का उल्लंघन किया है. भारत हमेशा से कुलभूषण जाधव को कांसुलर एक्सेस देने की मांग करता रहा है, जिसे पाकिस्तान ने हर बार खारिज किया है.
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