Home /News /world /

सिर तक कर्ज में डूबा पाकिस्तान अब इस देश की करेगा मदद, 5 अरब रुपये देने का किया ऐलान

सिर तक कर्ज में डूबा पाकिस्तान अब इस देश की करेगा मदद, 5 अरब रुपये देने का किया ऐलान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (AP)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (AP)

पाकिस्तान (Pakistan) अब तक के सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है. इस आर्थिक संकट से उबरने के लिए पाकिस्तान को 51.6 अरब अमेरिकी डॉलर की बाहरी मदद की जरूरत है. अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस देश को अगले दो साल में करीब 9 लाख 92 हजार करोड़ रुपये (पाकिस्तानी मुद्रा) की बाहरी मदद की जरूरत है. जिससे वह दो साल (2021-23) के वित्त वर्ष में अपने देश की मूलभूत जरूरतों को पूरा कर सके.

अधिक पढ़ें ...

    इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) में बढ़ती महंगाई ने प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की नींद उड़ा दी है. पड़ोसी देश में इस वक्त महंगाई के कारण हाहाकार मचा हुआ है. कहीं विपक्षी पार्टी के नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं, तो कहीं सत्ताधारी पार्टी के नेता लोगों को कम खाने की सलाह दे रहे हैं. इन सबके बीच पाकिस्तान तालिबान को मदद करने के लिए उतावला है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) ने अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबानी सरकार (Taliban Government) को 5 अरब पाकिस्तानी रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है.

    अफगानिस्तान (Afghanistan) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच होने वाली द्वीपक्षीय वार्ता में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी गुरुवार को काबुल के दौरे पर पहुंचे थे. इस दौरान तालीबानी सरकार के कई नेताओं ने उनकी अगवानी भी की थी. एक दिवसीय दौरे पर शाह महमूद कुरैशी ने अफगानिस्तान में अंतरिम सरकार के कार्यकारी विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी से बात की. इस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान को 5 अरब रुपये की मानवीय सहायता देने की घोषणा की.

    पाकिस्तानी विदेश मंत्री कुरैशी, ISI चीफ अचानक पहुंचे काबुल, आखिर माजरा क्या है?

    काबुल के एक दिन के दौरे पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मीडिया से कहा, ‘अगर उन्हें अस्पतालों में दवाओं की जरूरत है या उनकी प्राथमिकता कुछ और है, तो वे हमें बताएंगे और हम उन्हें मानवीय सहायता देने के लिए तैयार रहेंगे.’

    तालिबान सरकार से कई अहम मुद्दे पर हुई चर्चा
    अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनने के बाद शाह महमूद कुरैशी पहली बार काबुल पहुंचे थे. विदेश मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके साथ यात्रा पर गए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न मंत्रालयों और संस्थानों के अधिकारी भी शामिल थे. कुरैशी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल मुख्य चर्चा के बाद उप-समूहों में विभाजित हो गए और वीजा, व्यापार और बॉर्डर मूवमेंट से संबंधित विभिन्न मुद्दों का विवरण दिया.

    खुद कंगाल है पाकिस्तान
    पाकिस्तान अब तक के सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है. इस आर्थिक संकट से उबरने के लिए पाकिस्तान को 51.6 अरब अमेरिकी डॉलर की बाहरी मदद की जरूरत है. अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस देश को अगले दो साल में करीब 9 लाख 92 हजार करोड़ रुपये (पाकिस्तानी मुद्रा) की बाहरी मदद की जरूरत है. जिससे वह दो साल (2021-23) के वित्त वर्ष में अपने देश की मूलभूत जरूरतों को पूरा कर सके.

    द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान के मुताबिक 2021-22 में पाकिस्तान को सकल बाहरी वित्त पोषण की जरूरत 23.6 अरब अमेरिकी डॉलर और 2022-23 में 28 अरब अमेरिकी डॉलर है. यानी आने वाले दो वर्ष में पाकिस्तान को 51.6 अरब अमेरिकी डॉलर के बाहरी फंडिंग की जरूरत है.

    विश्व बैंक ने कहा-अब पाकिस्तान को नहीं दे सकते उधार
    हाल ही में विश्व बैंक की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पाकिस्तान विदेशी कर्ज में डूबे टॉप 10 देशों की सूची में शामिल हो गया है. इस रिपोर्ट में बताया गया कि अब पाकिस्तान डेबिट सर्विस सस्पेंशन एनीशिएटिव (DSSI) के दायरे में आ गया है. इसका मतलब यह हुआ कि पाकिस्तान पर अब इतना विदेशी कर्ज हो चुका है कि उसे अब उधार नहीं दिया जा सकता है.

    कंगाल हो चुका है पाकिस्तान, इमरान खान ने किया बेड़ा गर्क, चौंकाने वाली रिपोर्ट

    विश्व बैंक की रिपोर्ट कहती है कि पाकिस्तान का विदेशी कर्ज आठ फीसदी बढ़ा है. जून में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक इमरान सरकार ने विश्व बैंक से 442 मिलियन अमेरिकी डॉलर का कर्ज लिया था.

    अंतरराष्ट्रीय वित्त सुविधा (IFF) विस्तारित फंड सुविधा (EFF) के तहत पाक को यह रकम नहीं देता है तो वह आर्थिक तौर पर तबाह होने की तरफ बढ़ जाएगा. आईएमएफ की पात्रता खोने के बाद पाक को विश्व बैंक और एशियन डवलपमेंट बैंक जैसे बहुस्तरीय कर्जदारों से भी ऋण नहीं मिल पाएगा. पाकिस्तान अगले साल अप्रैल में वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FTF) की अगली बैठक तक ग्रे सूची में ही रहेगा.

    Tags: Imran khan, Pakistan

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर