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तबलीगी जमात पर बदले पाकिस्तान के सुर, पहले बताया आतंकी गुटों का हमदर्द, अब कहा शांति संगठन

तबलीगी जमात पर बदले पाकिस्तान के सुर, पहले बताया आतंकी गुटों का हमदर्द, अब कहा शांति संगठन

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान. (फाइल फोटो)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान. (फाइल फोटो)

Pakistan backs Tablighi Jamaat after Saudi ban: पाकिस्तान में पंजाब प्रांत की असेंबली में तबलीगी जमात को लेकर एक प्रस्ताव पारित हुआ जिसमें तबलीगी जमात को गैर राजनीतिक शांति संगठन बताया गया है. तबलीगी जमात के प्रति पाकिस्तान की यह एकजुटता सऊदी अरब के खिलाफ एक आक्रामक कदम है. दरअसल सऊदी अरब ने सुन्नी इस्लामिक संगठन तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगाते हुए इसे समाज के लिए खतरा बताया था.

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    लाहौर (पाकिस्तान): सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने सुन्नी इस्लामिक संगठन तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) पर प्रतिबंध लगाते हुए इसे समाज के लिए खतरा बताया था. लेकिन पाकिस्तान (Pakistan) तबलीगी जमात के समर्थन में उतर आया है. सऊदी अरब की सरकार ने इस इस्लामिक संगठन को आतंकवाद का प्रवेश द्वार बताया और कहा है कि सऊदी अरब की धरती पर तबलीगी जमात की सभी गतिविधियों पर बैन रहेगा.

    पाकिस्तान में पंजाब प्रांत की असेंबली में तबलीगी जमात के समर्थन में एक प्रस्ताव पारित किया गया है. यहां पाकिस्तान के पीएम इमरान खान (Pak PM Imran Khan) की पार्टी तहरीके इंसाफ बहुमत में है. पंजाब असेंबली द्वारा पारित इस प्रस्ताव में तबलीगी जमात को एक बेहतर और गैर राजनीतिक शांति संगठन बताया गया है. तबलीगी जमात के प्रति पाकिस्तान की यह एकजुटता सऊदी अरब के खिलाफ एक आक्रामक कदम है.

    पंजाब असेंबली द्वारा पारित इस प्रस्ताव में कहा गया कि, तबलीगी जमात एक वैश्विक संगठन है. इसका आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है. इतिहास बताता है कि इस ऑर्गेनाइजेशन के लोग कभी इस तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं रहे. ये लोग पूरी दुनिया में इस्लाम का प्रचार करके पाकिस्तान के लिए सद्भावना अर्जित कर रहे हैं.

    2016 में पाकिस्तान ने लगाया था तबलीगी जमात पर बैन

    हालांकि जनवरी 2016 में पंजाब असेंबली ने तबलीगी जमात को यूनिवर्सिटी से बैन कर दिया था. इसमें यूनिवर्सिटी के अंदर शामिल मस्जिदों में तबलीगी जमात पर प्रतिबंध शामिल था. दरअसल पाकिस्तान के राजनेताओं का मानना था कि तबलीगी जमात आतंकवादी संगठनों से सहानुभूति रखती है और देश के युवाओं गुमराह करने की कोशिश करेगी.

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    लेकिन अब 5 साल बाद तबलीगी जमात को लेकर पाकिस्तान के सुर बदल गए हैं और पाकिस्तान की सरकार अब तबलीगी जमात की जमकर तारीफ कर रही है. दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में देश के अंदर सक्रिय सभी उग्रवादी संगठनों से शांति समझौते किए हैं. हालांकि वह तहरीके तालिबान से पीस एग्रीमेंट करने में असफल रहे. दरअसल पाकिस्तान में 2023 में आम चुनाव होने वाले हैं इसलिए पीएम इमरान खान की नजर तबलीगी जमात से जुड़े वोट बैंक पर है.

    पाकिस्तान में हुई आतंकी वारदातों में शामिल रहे तबलीगी जमात के सदस्य

    साल 2010 में लाहौर की एक मस्जिद में हुए कत्लेआम में बंधक बनाकर 94 अहमदिया मुसलमानों को मार दिया गया था. उस समय पंजाब प्रांत के कानून मंत्री ने बताया था कि यह हमला तबलीगी जमात के सदस्यों द्वारा किया गया था.

    इसके अलावा खुद पाकिस्तान के सुरक्षा जानकारों ने यह बताया है कि तबलीगी जमात के पूर्व मशीनरियों के हरकत उल मुजाहिद्दीन जैसे उग्रवादी संगठनों से तालुक हैं. पाकिस्तान सरकार की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि हरकत उल मुजाहिद्दीन संगठन
    का निर्माण तबलीगी जमात के पूर्व सदस्य ने किया था.

    Tags: Imran khan, Pakistan, Saudi arabia, Tablighi Jamaat

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