गले तक कर्ज़ में डूबा पाकिस्तान, इमरान ने मीटिंग में चाय-बिस्किट पर भी लगाई रोक

पाक प्रधानमंत्री इमरान खान

पाक प्रधानमंत्री इमरान खान

पाकिस्तान (Pakistan) के अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान सरकार (Imran Khan Government) ने मीटिंग में परोसे जाने वाले चाय और बिस्किट पर भी बैन लगाया है. ऐसे में डायबिटीज या अन्य बीमारियों से जूझ रहे अधिकारियों के लिए घंटों मीटिंग में बिना कुछ खाए-पिए बैठना मुश्किल हो रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 26, 2019, 8:42 AM IST
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पाकिस्तान (Pakistan) की आर्थिक हालत इन दिनों बेहद खराब है. भारत के साथ व्यापारिक संबंध खत्म करने के बाद से उसकी माली हालत पर और असर पड़ा है. ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) सरकार में कॉस्ट कटिंग कर रहे हैं. दीवालिया होने की कगार तक पहुंच गए पाकिस्तान में संघीय सरकार ने नई नौकरियों पर रोक लगा दी है. अब यह फैसला किया गया है कि संघीय सरकार विकासपरक योजनाओं को छोड़कर अन्य किसी भी काम के लिए किसी नए रोजगार का सृजन नहीं करेगी.

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पाकिस्तान के अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान सरकार ने ऑफिशियल मीटिंग के दौरान रिफ्रेशमेंट में कटौती की है. मीटिंग में परोसे जाने वाले चाय और बिस्किट पर भी बैन लगाया है. ऐसे में डायबिटीज या अन्य बीमारियों से जूझ रहे अधिकारियों के लिए घंटों मीटिंग में बिना कुछ खाए-पिए बैठना मुश्किल हो रहा है.



अखबार-मैगजीन पर बैन
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (Pakistan Tehreek-e-Insaf) सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में नई गाड़ी या लग्ज़री सामान नहीं खरीदने समेत कई तरह की कॉस्ट कटिंग की है. सरकार ने अधिकारियों के लिए एक से ज्यादा अखबार और मैगजीन पर भी बैन लगा दिया है.

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इमरान सरकार ने ऑफिशियल मीटिंग के दौरान रिफ्रेशमेंट में कटौती की है.


कागज के दोनों तरफ का होगा इस्तेमाल
इसके साथ ही दफ्तरों में कागज की खपत को घटाने के लिए सभी सरकारी संदेशों के आदान-प्रदान में इसके दोनों तरफ का इस्तेमाल करने का फैसला लिया गया है.

मेमोरंडम में कहा गया है कि प्रधान अकाउंट अफसरों पर यह जिम्मेदारी रहेगी कि वे बिजली, गैस, टेलीफोन आदि के संतुलित और कम उपयोग को सुनिश्चित करें.

IMF ने 6 अरब डॉलर पैकेज की दी मंजूरी
माली हालत सुधारने के लिए पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कुछ शर्तों पर 6 अरब डॉलर के पैकेज की मंजूरी मिली है. इसके लिए इमरान सरकार को बजट घाटा कम करना होगा. साथ ही कुछ और भी कड़ी शर्तों को पूरा करना होगा. सरकार ने बजट घाटा कम करने के लिए ही कॉस्ट कटिंग की है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ इमरान खान


पाकिस्तान पर कितना है कर्ज?
पाकिस्तान के वित्त विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान उसके सार्वजनिक विदेशी कर्ज में 2.29 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले तीन वर्षो में सबसे कम है.

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन वित्तीय वर्षों में पाकिस्तान के विदेशी कर्जे में क्रमश: 6.82 अरब डॉलर, 4.77 अरब डॉलर और 6.64 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी. ये आंकड़ा 2015-16 से 2017-18 के बीच का है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इस तरह पाकिस्तान के सार्वजनिक विदेशी कर्ज में शुद्ध 2.29 अरब की बढ़ोतरी हुई.
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