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पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान ने कहा- अखबार पढ़ना, टीवी पर चैट शो देखना कर दिया है बंद

भाषा
Updated: January 23, 2020, 6:50 PM IST
पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान ने कहा- अखबार पढ़ना, टीवी पर चैट शो देखना कर दिया है बंद
पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने दावोस में कहा, मैं आलोचना का आदी हो चुका हूं, लेकिन पिछले डेढ़ साल में मीडिया ने मेरी बहुत ज्‍यादा आलोचना की.

पाकिस्‍तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) ने दावोस में वर्ल्‍ड इकोनॉमिक फोरम (WEF 2020) की सालाना बैठक में कहा कि पिछले डेढ़ साल में मीडिया ने मुझ पर बहुत ज्‍यादा निशाना साधा है. ऐसे में मैंने सुबह अखबार पढ़ना और शाम को टीवी चैट शो देखना बंद कर दिया है.

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दावोस. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) ने कहा कि उन्हें निशाना बनाकर मीडिया नकारात्मकता फैला रहा है. इसी वजह से उन्होंने सुबह अखबार पढ़ना और शाम को टीवी पर चैट शो देखना बंद कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की ओर से लागू किए जा रहे संस्थागत और प्रशासनिक सुधारों (Institutional and Administrative Reforms) के लाभ हासिल करने के लिए पाकिस्तान (Pakistan) को एक पीड़ादायक प्रक्रिया से गुजरना ही था. उन्‍होंने लोगों से उनकी कोशिशों के नतीजे आने तक संयम बरतने की अपील की.

इमरान ने दावोस में डब्‍ल्‍यूईएफ में की आर्थिक संभावनाओं पर चर्चा
इमरान खान ने दावोस में कहा, 'सुधारों का दर्द ठीक वैसा है जैसे आप जन्नत जाना चाहते हैं, लेकिन मरना नहीं चाहते. यह बुरा उदाहरण हो सकता है. इसलिए मैं कहूंगा कि आप ट्यूमर को हटवाना तो चाहते हैं, लेकिन सर्जरी की तकलीफ बर्दाश्त नहीं करना चाहते हैं.' इस दौरान उन्‍होंने प्रवासी पाकिस्तानियों और वैश्विक नेताओं के सामने पाकिस्तान तथा उसकी आर्थिक संभावना (Economic Potential) पर अपने विचार रखे. इमरान खान वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए दावोस (Davos) पहुंचे हुए हैं.

'40 साल से सार्वजनिक जीवन में हूं, आलोचना का हो गया हूं आदी'

पाकिस्‍तान के पीएम ने कहा कि मैं पाकिस्तान को मानवीय, न्यायपूर्ण और कल्याणकारी समाज के तौर पर बनाना चाहता हूं. पाकिस्‍तान के संस्‍थापक मोहम्‍मद अली जिन्ना (Muhammad Ali Jinnah) ने भी ऐसे ही देश परिकल्पना की थी. उन्होंने कहा कि मैं 40 साल से सार्वजनिक जीवन में हूं. इसलिए आलोचना का आदी हूं, लेकिन पिछले डेढ़ साल में मीडिया ने मुझे बुरी तरह निशाना बनाया है. ऐसे में मैं सबसे बेहतर यही कर सकता था कि मैं अखबार पढ़ना और शाम को चैट शो देखना बंद कर दूं. समस्या यह है कि मेरे अधिकारी इन्हें देखते हैं. फिर उनमें कही गई बातों के बारे में मुझे बताते हैं. मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि सभी सब्र रखें.

लोगों को सुधारों के नतीजों के लिए थोड़ा संयम बरतने की दी सलाह
खान ने कहा, 'मैं भी जानता हूं कि इन आलोचनाओं का मुकाबला करने और सफल होने के लिए मुझे बहुत राजनीतिक इच्छाशक्ति तथा साहस की जरूरत होगी. वहीं, बेहतर कल के लिए लोगों का संयम रखना भी मुश्किल होगा. थोड़े समय के लिए दर्द भी होगा. आगे संघर्ष के लिए भी तैयार रहना होगा. लेकिन, भरोसा रखें कि पाकिस्तान का अच्छा समय आने वाला है.' प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आप सुधारों की प्रक्रिया से गुजर रहे होते हैं, खासकर प्रशासनिक सुधार कर रहे हैं तो इसका तुरत-फुरत परिणाम मिलना संभव नहीं है. आप किसी संस्थान को तुरंत बर्बाद कर सकते हैं, लेकिन उसे फिर खड़ा करने में समय लगता है. इसलिए थोड़ा सब्र रखें.ये भी पढ़ें:

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First published: January 23, 2020, 6:50 PM IST
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