लाइव टीवी

इस मौलाना के चलते खतरे में आई इमरान खान की कुर्सी, उनके ही स्टाइल में दे रहा टक्कर

भाषा
Updated: October 30, 2019, 11:45 PM IST
इस मौलाना के चलते खतरे में आई इमरान खान की कुर्सी, उनके ही स्टाइल में दे रहा टक्कर
पाकिस्तानी नेता फजलुर रहमान ने इमरान खान की सरकार के खिलाफ मार्च निकाला है (फाइल फोटो)

मौलाना फजलुर रहमान (Maulana Fazlur Rehman) ने पीएम इमरान खान (PM Imran Khan) पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पिछले चुनावों में जीत हासिल नहीं की थी बल्कि उनका चुनाव शक्तिशाली सैन्य ताकतों ने खुद ही कर लिया था.

  • Share this:
लाहौर. पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) इस समय अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं. सफेद दाढ़ी और केसरिया पगड़ी के साथ मौलाना फजलुर रहमान (Maulana Fazlur Rehman) इस्लामाबाद (Islamabad) की ओर चल रहे हैं. उनके साथ हजारों इस्लाम के समर्थक हैं, जो इमरान खान की सरकार गिराना चाहते हैं. इमरान खान उन्हें मौलाना डीजल के नाम से पुकारते हैं.

मौलाना फजलुर रहमान (Maulana Fazlur Rehman) पाकिस्तान के सबसे मंझे हुए नेताओं में से एक माने जाते हैं. आजकल मौलाना पाकिस्तान (Pakistan) में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहे हैं. इसकी वजह है उनका अपने पुराने विरोधी इमरान खान के खिलाफ निकाला जा रहा 'आजादी मार्च'.

धोखे से इमरान के पीएम बनने का है दावा
उनका दावा है कि पीएम इमरान खान (PM Imran Khan) ने पिछले चुनावों में जीत हासिल नहीं की थी बल्कि उनका चुनाव शक्तिशाली सैन्य ताकतों ने खुद ही कर लिया था. हालांकि उनके इस दावे को इमरान खान ने खारिज किया है. लेकिन यह बात पाकिस्तान की बड़ी जनता के बीच जुलाई, 2018 में हुए चुनावों से पहले से ही चक्कर काट रही है.

रहमान ने मार्च से पहले पत्रकारों से कहा कि इस सरकार के जाने तक यह आंदोलन जारी रहेगा. सबसे बड़ी इस्लामी पार्टियों में शुमार जमीयत उलेमा-इस्लाम (JUI-F) के अध्यक्ष रहमान ने कहा कि पाकिस्तान को वापस लोकतांत्रिक राह पर लौटाने के लिए इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है.

गुरुवार को मौलाना फजलुर रहमान पहुंच सकते हैं इस्लामाबाद
JUI-F ‘आज़ादी मार्च (Azadi March) के लिए देशभर से समर्थकों को जुटा रही है. यह मार्च इस्लामाबाद की ओर बढ़ेगा जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. रहमान बुधवार को लाहौर में थे और गुरुवार शाम तक इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं.
Loading...

उधर, प्रधानमंत्री खान खुद ऐसी परिस्थितियों से वाकिफ हैं. 2014 में विपक्ष के नेता के तौर पर उन्होंने इस्लामाबाद (Islamabad) में महीनों तक प्रदर्शनों का आयोजन किया था, लेकिन सरकार गिराने में नाकाम रहे थे.

भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद इमरान ने कहा था 'मौलाना डीजल'
जेयूआई-एफ मदरसों में पढ़ने वाले हजारों छात्रों को जुटाने की कुव्वत रखती है और उसका अशांति पैदा करने का इतिहास है. इसे देखते हुए प्रशासन ने राजधानी (Capital) के राजनयिक इलाके को सील कर दिया है.

खान 2018 से भ्रष्टाचार रोधी एजेंडा चला रहे हैं. उन्होंने डीजल का लाइसेंस देने में हुए भ्रष्टाचार में रहमान की कथित संलिप्पता को लेकर उन्हें ‘मौलाना डीज़ल’ (Maulana Diesel) कहा था. रहमान 2018 के चुनाव में खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के उम्मीदवार से हार गए थे.

इस मार्च से पहले, देशभर के कारोबारियों (Businessmen) ने दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी जिससे खान पर दबाव और बढ़ा है. रहमान चाहते हैं कि खान पद छोड़ें और ‘स्वतंत्र और निष्पक्ष’ चुनाव हों.

यह भी पढ़ें: इमरान के मंत्री बोले- कश्मीर पर जो देश भारत का देगा साथ, उसपर गिराएंगे मिसाइल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 30, 2019, 11:20 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...