SAARC सम्मेलन की मेजबानी करने तैयार पाकिस्तान, 2016 में रद्द हो चुका है आयोजन

वर्ष 2016 में दक्षेस सम्मेलन का आयोजन इस्लामाबाद में होना था. (पाक प्रधानमंत्री इमरान खान की फाइल फोटो)

वर्ष 2016 में दक्षेस सम्मेलन का आयोजन इस्लामाबाद में होना था. (पाक प्रधानमंत्री इमरान खान की फाइल फोटो)

SAARC Summit: वर्ष 2016 में दक्षेस सम्मेलन का आयोजन इस्लामाबाद (Islamabad) में होना था, लेकिन उस साल उरी हमले के कारण भारत इसमें शामिल नहीं हुआ था. इसके बाद दूसरे देशों ने शिरकत करने से इनकार कर दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 11:49 AM IST
  • Share this:
इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) ने गुरुवार को कहा कि वह महत्वपूर्ण दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (South Asian Association for Regional Cooperation) के लंबे समय से लंबित शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार है. इस बात की जानकारी विदेश कार्यालय ने दी है. खास बात है कि इससे पहले यह सम्मेलन नेपाल की राजधानी काठमांडू (Kathmandu) में आयोजित हुआ था.

विदेश कार्यालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी ने यहां अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘पाकिस्तान दक्षेस सम्मेलन का आयोजन करने के लिए प्रतिबद्ध है...उसका मानना है कि दक्षेस शिखर सम्मेलन के आयोजन के दौरान आने वाली कृत्रिम बाधाओं को हटा दिया जाना चाहिए.’ पिछले दक्षेस सम्मेलन की मेजबानी 2014 में काठमांडू ने की थी.

वर्ष 2016 में दक्षेस सम्मेलन का आयोजन इस्लामाबाद में होना था, लेकिन उस साल 18 सितम्बर को जम्मू कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद भारत ने ‘मौजूदा हालातों’ के कारण सम्मेलन में भाग लेने में असमर्थता व्यक्त की थी. बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान द्वारा इस्लामाबाद की बैठक में भाग लेने से इनकार करने के बाद शिखर सम्मेलन का आयोजन नहीं हो सका था.



यह भी पढ़ें: कश्मीर पर पाकिस्तान के अब भी इरादे नापाक, कहा- पूर्ण राज्य का दर्जा दें वापस तभी और सुधरेंगे रिश्ते
चौधरी ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन रिपोर्टों को भी खारिज किया कि पाकिस्तान भारत से कोविड-19 टीके का आयात कर रहा है. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘पाकिस्तान ने भारत से कोविड-19 टीके के लिए कोई भी द्विपक्षीय खरीद समझौता नहीं किया है.’ खास बात है कि भारत पड़ोसी मुल्कों के अलावा दुनिया के कई देशों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया करा चुका है.

8 दिसंबर 1985 को ढाका में पहला SAARC सम्मेलन हुआ था. इस दौरान सात दक्षिण एशियाई देशों- मालदीव्स, भारत, भूटान, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका ने ब्लॉक स्थापित करने के लिए एक चार्टर पर दस्तखत किए थे. शुरुआत में इस समूह में केवल 7 देश ही शामिल थे. वहीं, इस ग्रुप में अफगानिस्तान की एंट्री साल 2007 में हुई थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज