कश्मीर पर पाकिस्तान के अब भी इरादे नापाक, कहा- पूर्ण राज्य का दर्जा दें वापस तभी और सुधरेंगे रिश्ते

(AP Photo/ Dar Yasin)

(AP Photo/ Dar Yasin)

भारत और पाकिस्तान ने 2003 में संघर्ष विराम समझौता किया था लेकिन पिछले कुछ वर्षों से शायद ही इस पर अमल हुआ.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 9:47 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली/इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) ने बीते दिनों भारत के साथ सीमा पर संघर्षविराम () के नियमों का पालन करने का ऐलान किया था. हालांकि अब पाक इससे मुकरने की कोशिश कर रहा है और इस बार उसने जम्मू-कश्मीर के राज्य की स्थिति यानी स्टेटहुड को बहाना बनाया है. पाक ने भारत को बताया है कि एलओसी पर संघर्षविराम के लिए जिन नियमों को 25 फरवरी के दिन नवीनीकरण किया गया, वे लंबे समय तक तभी स्थिर रह पाएंगी जब भारत, जम्मू और कश्मीर का स्टेटहुड वापस करेगा. पाकिस्तान का कहना है कि भारत फिर से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दे.
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को राज्यसभा और लोकसभा में एक विधेयक के जरिये जम्मू, कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश क्रमशः जम्मू और कश्मीर , लद्दाख बना दिया. साथ ही इस क्षेत्र से अनुच्छेद 370 के कई प्रावधान खत्म किये गये और अनुच्छेद 35ए को पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया था.

Youtube Video


डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) द्वारा जारी संयुक्त बयान में पाकिस्तानी स्थिति में किसी भी तरह के बदलाव को प्रकट नहीं किया गया.  आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि उस बयान पाक की उस स्थिति में कोई बदलाव नहीं है जिसके अनुसार कश्मीर एक 'विवाद' है और इसका 'समाधान' संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों से जुड़ा है. उन्होंने कहा किसी भी तरह से  साझा बयान का मतलब यह ना निकाला जाये कि कश्मीर को लेकर भारत के 'दावों' को स्वीकार कर लिया गया है.
भारत और पाक के बीच समझौते में क्या है?


रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी सूत्रों ने कहा कि संघर्ष विराम के समझौते को लेकर भारत की ओर से कश्मीर में यह ना कहा जाए कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच समझौता हो गया. या फिर पाकिस्तान और भारत के बीच सब कुछ ठीक हो गया है. वहीं भारत ने संकेत दिया है कि अगर युद्धविराम होता है और कोई भी आतंकवादी घटना नहीं होती है तो भारत और पाक के बीच रिश्ते सामान्य हो सकते हैं.

बता दें समझौते के बारे में नई दिल्ली और इस्लामाबाद में जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों ने स्थापित हॉटलाइन संपर्क तंत्र के माध्यम से चर्चा की और ‘मुक्त, खुले तथा सौहार्दपूर्ण’ माहौल में नियंत्रण रेखा एवं अन्य सभी सेक्टरों में स्थिति की समीक्षा की. समझौता 24/25 फरवरी की मध्य रात्रि से प्रभाव में आ गया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज