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कुलभूषण जाधव को दूसरी बार कॉन्सुलर एक्सेस देने से पाकिस्तान का इनकार

कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान ने बड़ा फैसला लिया है.
कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान ने बड़ा फैसला लिया है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैसल ने कहा कि कुलभूषण जाधव को दूसरी बार कॉन्सुलर एक्सेस नहीं दिया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 12, 2019, 2:14 PM IST
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पाकिस्तान (Pakistan) ने कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को दूसरी बार कॉन्सुलर एक्सेस (Consular Access) देने से मना कर दिया है. इस बात की जानकारी पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैसल ने दी. उन्होंने कहा कि कुलभूषण जाधव को दूसरी बार कॉन्सुलर एक्सेस नहीं दिया जाएगा.

इससे पहले 2 सितंबर को उन्हें पहली बार कॉन्सुलर एक्सेस दिया गया था. इस्लामाबाद में भारत के उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया ने उनसे मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद भारत की ओर से कहा गया है कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव पर गलत दावों को बनाए रखने के लिए गलत बयानी करने के लिए काफी दबाव बना रहा है. इसके बाद भारत ने एक बार फिर से कॉन्सुलर एक्सेस की मांग की थी. लेकिन अब पाकिस्तान ने मना कर दिया है.

2016 में हिरासत में लिए जाने के बाद जाधव तक भारत की ये पहली राजनयिक पहुंच थी. अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) ने उन्हें कॉन्सुलर एक्सेस देने का आदेश दिया था.



क्या है कॉन्सुलर एक्सेस?
कॉन्सुलर एक्सेस का मतलब है कि जिस देश का कैदी है उस देश के राजनयिक या अधिकारी को जेल में बंद कैदी से मिलने की इजाजत दी जाए. जैसे कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव. उन्हें पाकिस्तान ने जेल में कैद कर रखा है.

क्या है पूरा मामला?
कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में साल 2016 से हैं. पाकिस्तान आरोप लगाता है कि कुलभूषण जाधव एक जासूस है. हालांकि, भारत की ओर से इस दावे को नकारा जा चुका है. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 3 मार्च 2016 को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था. पाकिस्तान के आर्मी कोर्ट ने सीक्रेट ट्रायल के बाद कुलभूषण को फांसी की सज़ा सुनाई थी. इसके बाद ये मामला तरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में पहुंचा था.

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