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FATF ने दी ब्लैकलिस्ट करने चेतावनी तो पाकिस्तान ने कहा- लागू करेंगे एक्शन प्लान

News18Hindi
Updated: October 19, 2019, 10:12 AM IST
FATF ने दी ब्लैकलिस्ट करने चेतावनी तो पाकिस्तान ने कहा- लागू करेंगे एक्शन प्लान
पाकिस्तान ने कहा, लागू करेंगे एक्शन प्लान

अंतरराष्ट्रीय संस्था एफएटीएफ (FATF) ने शुक्रवार को पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि उसने आतंकवाद को मिल रहे धन को अगले साल फरवरी तक नियंत्रित नहीं किया तो उसे काली सूची (Black List) में डाल दिया जाएगा.

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  • Last Updated: October 19, 2019, 10:12 AM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) ने शुक्रवार को कहा कि वह वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (Financial Action Task Force) की कार्रवाई योजना को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है. उसने यह बयान तब दिया है जब आतंकवाद को मुहैया कराए जाने वाले धन की निगरानी करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था एफएटीएफ ने शुक्रवार को उसे चेतावनी दी कि यदि उसने आतंकवाद को मिल रहे धन को अगले साल फरवरी तक नियंत्रित नहीं किया तो उसे काली सूची (Black List) में डाल दिया जाएगा.

उसने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें भी की और उन्हें एफएटीएफ की कार्रवाई योजना पर की गई प्रगति के बारे में बताया.

एफएटीएफ ने पाकिस्तान के 27 लक्ष्यों में ज्यादातर को उसके पूरा करने में नाकाम रहने पर गंभीर चिंता जाहिर की. एफएटीएफ की ओर से पाकिस्‍तान को निर्देश दिया है कि टेरर फाइनेंसिंग और मनी लॉन्ड्रिंग को पूरी तरह से खत्‍म करने के लिए और ज्‍यादा सख्‍त कदम उठाए. उसने पाकिस्तान से सख्त अनुरोध किया है कि वह फरवरी 2020 तक अपनी कार्य योजना को पूरा करे. वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एफएटीएफ में पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल कार्रवाई योजना को पूरी तरह से लागू करने में अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता दोहराता है.

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन, तुर्की, और मलेशिया ने पाकिस्‍तान की ओर से उठाए गए कदमों की तारीफ की. एफएटीएफ की ब्‍लैक लिस्‍ट में नहीं आने के लिए पाकिस्‍तान को तीन देशों के समर्थन की जरूरत थी, जो उसे इन तीनों देशों के तौर पर मिल गया. बैठक में भारत ने कहा कि इस्‍लामाबाद ने आतंकी हाफिज सईद को फ्रीज अकाउंट से पैसे निकालने की मंजूरी दी. लिहाजा पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट में डाला जाना चाहिए.

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) में अगर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकालकर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता तो अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ पाकिस्तान को कर्ज देने से इनकार कर सकते थे. ऐसे में पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो जाती. इसी के साथ पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी कर्ज मिलने में मुश्किल होती. (भाषा इनपुट के साथ)

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First published: October 19, 2019, 10:12 AM IST
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