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सबसे खराब दौर से गुजर रहे पाकिस्‍तान में स्वास्थ्य पर किया गया केवल 0.2 फीसदी खर्च

सबसे खराब दौर से गुजर रहे पाकिस्‍तान में स्वास्थ्य पर किया गया केवल 0.2 फीसदी खर्च

सबसे खराब स्वास्थ्य संकट से गुजर रहे में देश में स्वास्थ्य पर सबसे कम खर्च हुआ. फोटो साभार/ट्विटर

सबसे खराब स्वास्थ्य संकट से गुजर रहे में देश में स्वास्थ्य पर सबसे कम खर्च हुआ. फोटो साभार/ट्विटर

राजस्व में कमी के कारण तीन महीनों में पाकिस्तान का बजट घाटा जीडीपी के 3.8 फीसदी के बराबर हो गया है. पाकिस्तान में सरकारें टैक्‍स क्‍लेक्‍शन और सरकारी राजस्व में वृद्धि करने में विफल रही हैं, जिसके कारण हर साल बजट घाटे में वृद्धि हुई है.

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    इस्‍लामाबाद. एक तरफ पाकिस्तान (Pakistan) अब तक के सबसे खराब स्वास्थ्य संकट से गुजर रहा है, लेकिन दूसरी ओर सरकार ने चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों के दौरान स्वास्थ्य पर अपने बजट का केवल 0.2 फीसदी ही खर्च किया है. 'समा टीवी' की खबर के हवाले से बताया गया है कि वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पहले नौ महीनों के दौरान केंद्र का राजस्व 4273 अरब रुपये था, जिसमें से केवल 7.6 अरब रुपये ही स्वास्थ्य पर खर्च किए गए. इसी में कोरोना वायरस (Corona virus) महामारी से जुड़े खर्च भी शामिल हैं.

    वित्त मंत्रालय की इसी रिपोर्ट के मुताबिक इन नौ महीनों के दौरान लगभग दो-तिहाई राजस्व यानी 62 फीसदी कर्जों पर ब्याज भुगतान और रक्षा पर खर्च किया गया. कर्जों पर ब्‍याज के भुगतान के तौर पर 1879 अरब और रक्षा पर 802 अरब रुपये खर्च किए गए. इस बीच सरकार को 1,686 अरब रुपये के बजट घाटे का सामना भी करना पड़ा. इसका मतलब है कि सरकार के खर्च उसके राजस्व से अधिक हैं.

    पुराने कर्ज चुकाने के लिए और नए कर्ज लेने पड़ रहे
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्व में कमी के कारण तीन महीनों में पाकिस्तान का बजट घाटा जीडीपी के 3.8 फीसदी के बराबर हो गया है. पाकिस्तान में सरकारें टैक्‍स क्‍लेक्‍शन और सरकारी राजस्व में वृद्धि करने में विफल रही हैं, जिसके कारण हर साल बजट घाटे में वृद्धि हुई है. एक ओर सरकार राजस्व बढ़ाने में असफल हो रही है, दूसरी ओर इसका खर्च दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण पाकिस्तान कर्जों के ऐसे दलदल में फंसता जा रहा है कि उसे पुराने कर्ज चुकाने के लिए और नए कर्ज लेने पड़ रहे हैं. ऐसे में जनता पर खर्च करने के लिए बहुत कम पैसा बचा है.

    रिपोर्ट के मुताबिक इन नौ महीनों के दौरान सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के विकास कार्यक्रम पर केवल 722 अरब रुपये खर्च किए, जो सभी तरह के व्यय का 11 फीसदी है. गौरतलब है कि पाकिस्‍तान फरवरी में फैले कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से आर्थिक तौर पर और कमजोर होता जा रहा है. यहां तक कि उसे अपने कर्ज माफ कराने के लिए तक कहना पड़ा. कोरोना के मद्देनजर जहां लॉकडाउन को बढ़ाया गया, वहीं कारोबार, हर तरह के व्‍यापार भी बंद करने पड़े, इसका भी पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था पर बुरा प्रभाव पड़ा. हालांकि देश में अब कुछ शर्तों के साथ कारोबार खोलने की अनुमति दे दी गई है.

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    Tags: Corona Health and Fitness, Finance ministry, Pakistan

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