कश्मीर पर झूठ बोल रहा था पाकिस्तान, श्रीलंका ने रंगेहाथ पकड़ा

Shailendra Wangu | News18Hindi
Updated: August 23, 2019, 1:11 PM IST
कश्मीर पर झूठ बोल रहा था पाकिस्तान, श्रीलंका ने रंगेहाथ पकड़ा
श्रीलंका ने किया पाकिस्तान को बेनकाब (तस्वीर-ANI)

अनुच्छेद 370 (Article 370) पर भारत (India) के फैसले को श्रीलंका (Sri Lanka) ने न सिर्फ अंदरूनी मामला बताया, बल्कि लद्दाख (Ladakh) को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने का स्वागत भी किया.

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कश्मीर (Kashmir) मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन न मिलने पर अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान (Pakistan) अब खुलेआम झूठ का सहारा ले रहा है. UN सुरक्षा परिषद में मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान कई देशों के साथ कश्मीर मुद्दे को उठा रहा है. इसी सिलसिले में श्रीलंका (Sri Lanka) में पाक उच्चायुक्त शहज़ाद चौधरी ने मंगलवार को राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेन से मुलाकात कर कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की और अनुच्छेद 370 पर भारत (India) के फैसले पर जानकारी दी. लेकिन इस मुलाकात के बाद पाक ने दावा किया कि श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कश्मीर को विवादित मुद्दा बताया. एक प्रेस रिलीज़ जारी कर पाकिस्तान ने दावा किया श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा कि UN के प्रस्तावों के अनुसार और कश्मीरियों की इच्छाओं के तहत कश्मीर मुद्दे का हल होना चाहिए. साथ ही पाक ने यह भी दावा किया कि श्रीलंका ने भारत-पाक के बीच मध्यस्थता कर सार्क के मंच को दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव भी दिया.
श्रीलंका ने किया पाकिस्तान को बेनकाब

पाकिस्तान के इस झूठ को खुद श्रीलंका के राष्ट्रपति कार्यालय ने बेनकाब किया. राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान के अनुरोध पर राष्ट्रपति सिरिसेन ने पाक उच्चायुक्त से मुलाकात की, और पाक उच्चायुक्त ने अनुच्छेद 370 और आर्टिकल 35A पर लिए गए भारत के फैसले की जानकारी दी. सिरीसेना ने कहा कि भारत और पाकिस्तान से श्रीलंका के बेहतरीन रिश्ते हैं और कोलंबो के लिए क्षेत्रीय सहयोग और मित्रता महत्वपूर्ण है. जहां तक कश्मीर की बात है, श्रीलंका के राष्ट्रपति ने इस मुद्दे का जिक्र नहीं किया था. राष्ट्रपति कार्यालय ने साफ किया कि भारत-पाकिस्तान से जुड़े किसी भी मुद्दे पर राष्ट्रपति सिरिसेन ने टिप्पणी नहीं की.

भारत के फैसले का श्रीलंका ने किया था स्वागत

अनुच्छेद 370 और आर्टिकल 35A पर भारत के फैसले को श्रीलंका ने न सिर्फ अंदरूनी मामला बताया था बल्कि लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने का स्वागत भी किया था. एक ट्वीट में श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा था कि 70% बोध धर्म मानने वाले लोगों के साथ यह भारत का पहला बोध बहुल राज्य होगा. कश्मीर मुद्दे पर पड़ोसी देशों ने भी पाक से बनाई दूरी. श्रीलंका की तरह अन्य पड़ोसी देशों ने भी कश्मीर मुद्दे पर पाक का समर्थन नहीं किया है. बांग्लादेश, मालदीव, भूटान ने अनुच्छेद 370 और 35A पर भारत के फैसले को अंदरूनी मामला बताया है. वहीं नेपाल और अफगानिस्तान ने कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा बताया है.

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First published: August 23, 2019, 1:09 PM IST
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