जानिए क्‍यों पाकिस्‍तान में सरकारी कर्मचारियों के हो चुके हैं बुरे हाल, हजारों सड़कों पर आए

पाकिस्‍तान के विभिन्न सरकारी विभागों के हजारों कर्मचारियों ने मूल्यवृद्धि के विरोध में प्रदर्शन किया.
पाकिस्‍तान के विभिन्न सरकारी विभागों के हजारों कर्मचारियों ने मूल्यवृद्धि के विरोध में प्रदर्शन किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2020, 4:16 PM IST
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नई दिल्‍ली/इस्‍लामाबाद. कोरोना (Covid 19) महामारी संकट के बीच बुरी तरह चरमराई पाकिस्‍तान (Pakistan) की अर्थव्‍यवस्‍था से न केवल देश के आम लोगों बल्कि सरकारी कर्मचारियों के हालात भी बुरे हो चले हैं. इससे लोगों में इमरान खान (Imran Khan) सरकार को लेकर नाराजगी बढ़ रही है. नतीजतन बुधवार को देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों के हजारों कर्मचारियों के साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने मूल्यवृद्धि के विरोध में प्रदर्शन किया और सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की खिलाफत की.

इस विरोध प्रदर्शन के जरिये सरकारी कर्मचारियों ने सरकार से अपने वेतन और भत्ते को मुद्रास्फीति के अनुपात में बढ़ाने और उनकी अन्य मांगों को स्वीकार करने का पुरजोर मांग उठाई.





सरकारी कर्मचारियों का यह विरोध ऑल पाकिस्तान क्लर्क एसोसिएशनों के आह्वान पर किया गया था, जो कई यूनियनों, संघों और सरकारी कर्मचारियों के संगठनों द्वारा समर्थित थी. उनकी प्रमुख मांगों में बेसिक पे स्‍केल के प्रोपर स्‍ट्रक्‍चर, सरकारी विभागों में कटौती एवं सरकार के स्वामित्व वाली संस्थाओं के निजीकरण के प्रति विरोध जताना था.
एक रिपोर्ट के अनुसार, इमरान सरकार के खिलाफ विरोध करने वाले सरकारी कर्मचारियों की संख्‍या करीब 8 से 10 हजार के बीच थी.

प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के नेताओं के साथ बातचीत की और बाद में एक प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए प्रधानमंत्री के वित्त सलाहकार के पास ले गए.

विरोध कर रहे इन सरकारी कर्मचारियों की तरफ से कहा गया कि सरकार वेतनभोगी वर्ग को निशाना बना रही है और सभी वर्ग इससे नाखुश हैं. उनका कहना था कि सरकार अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के बहाने सभी वर्गों को कुचल रही है. साथ ही इमरान सरकार को चेतावनी दे डाली कि प्रदर्शनकारियों की सभी जायज मांगों को जल्द से जल्द स्वीकार किया जाए.
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