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मिशन प्रमुख की 'हत्या की कोशिश' के बाद पाकिस्तान का बड़ा फैसला, काबुल में खाली करेगा अपना दूतावास!

पाकिस्तान सरकार ने काबुल में अपना दूतावास खाली करने का फैसला किया है.​ (File Photo)

पाकिस्तान सरकार ने काबुल में अपना दूतावास खाली करने का फैसला किया है.​ (File Photo)

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान सरकार ने काबुल में अपना दूतावास खाली करने का फैसला किया है.​ विश्वस्त सूत्रों के हवाले से इस बारे में CNN-News18 को पता चला है. शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से यह फैलसा, गत शुक्रवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तानी दूतावास को निशाना बनाकर की गई गोलीबारी के बाद आया है. इस फायरिंग में काबुल में पाकिस्तान के मिशन प्रमुख, उबैद निजामनी बच गए, जबकि उनकी सुरक्षा में लगे सिपाही इसरार गंभीर रूप से घायल हो गए. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस गोलीबारी को अफगानिस्तान में पाकिस्तानी मिशन प्रमुख की ‘हत्या का प्रयास’ कहा था. उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं पाकिस्तानी मिशन के प्रमुख पर काबुल में कायराना हमले की निंदा करता हूं. मैं उनकी जान बचाने के लिए गोली खाने वाले बहादुर सुरक्षा गार्ड को सलाम करता हूं. सुरक्षा गार्ड के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना है. मैं इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करता हूं.’

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पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार को तुरंत इस हमले की गहन जांच करनी चाहिए, दोषियों को पकड़ना चाहिए, उन्हें जवाबदेह बनाना चाहिए और अफगानिस्तान में पाकिस्तानी राजनयिक कर्मियों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए.’ उबैद निजामनी ने पिछले महीने 4 नवंबर को पाकिस्तान के काबुल मिशन प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था. वहीं, अफगानिस्तान ने प्रारंभिक जांच के बाद दावा किया कि पाकिस्तानी दूतावास के पास मौजूद इमारत से फायरिंग की गई थी. हमले के बाद सुरक्षाकर्मियों ने दूतावास को घेर लिया और आसपास के इलाकों की जांच की. अभी तक किसी भी हमलावर को पकड़ा नहीं जा सका है. न ही इस हमले पीछे के कारणों का खुलासा हुआ है.

हमले के बाद काबुल में अपना दूतावास खाली करेगा पाकिस्तान
पाकिस्तान के शीर्ष खुफिया सूत्रों ने CNN-News18 को बताया कि इस्लामाबाद अपने राजनयिकों, कर्मचारियों और कर्मियों को अफगानिस्तान से अस्थायी रूप से निकालने के लिए काबुल के लिए एक विशेष फ्लाइट भेज सकता है. सूत्रों ने बताया कि विमान घायल सुरक्षा गार्ड को भी वापस लाएगा. अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हम पाकिस्तानी दूतावास पर विफल हमले की कड़ी निंदा करते हैं. दुर्भावनापूर्ण तत्वों को काबुल में राजनयिक मिशनों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने की अनुमति नहीं देंगे. सुरक्षा एजेंसियां ​​इस घटना की गंभीरता से जांच करेंगी. अपराधियों की पहचान करने के बाद, उन्हें कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा.’ आपको बता दें कि हमले में एसएसजी गार्ड को तीन गोलियां लगी हैं.

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पूर्व अफगान PM  हिकमतयार आत्मघाती हमले में बाल-बाल बचे 
अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री गुलबुद्दीन हिकमतयार के दारुलामन क्षेत्र में स्थित इमारत पर भी शुक्रवार को आत्मघाती हमला हुआ. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. हिकमतयार हमले में बाल-बाल बच गए. सूत्रों के मुताबिक हिकमतयार और उनके समर्थक शुक्रवार की नमाज के लिए उनके भवन में स्थित एक मस्जिद में एकत्रित हुए थे, तभी बुर्का पहने हमलावरों ने मस्जिद में घुसने की कोशिश की. लेकिन सुरक्षा गार्डों ने दो हमलावरों को मार गिराया. इस हमले की अभी किसी व्यक्ति या संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है. 2001 के आक्रमण के बाद हिकमतयार ने अमेरिकी सेना से जंग लड़ी. अन्य अफगान गुटों के साथ उनकी तगड़ी प्रतिद्वंद्विता चल रही थी. 2017 में उन्होंने हथियार डाल दिए और पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ शांति समझौते में शामिल हो गए. पिछले साल तालिबान के सत्ता में आने के बाद हिकमतयार काबुल में ही बने रहे, जबकि गनी और अन्य पूर्व नेता अफगानिस्तान छोड़कर चले गए.

Tags: Afghanistan, International news in hindi, Pakistan

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