होम /न्यूज /दुनिया /गरीबी में आटा गीला: बाढ़ ने पाकिस्तान में बढ़ा दिए 90 लाख गरीब, GDP ग्रोथ 2% पर आई

गरीबी में आटा गीला: बाढ़ ने पाकिस्तान में बढ़ा दिए 90 लाख गरीब, GDP ग्रोथ 2% पर आई

जलवायु परिवर्तन का पाकिस्तान पर बहुत ज्यादा असर देखने को मिल रहा है.  (Image: AFP)

जलवायु परिवर्तन का पाकिस्तान पर बहुत ज्यादा असर देखने को मिल रहा है. (Image: AFP)

Flood in Pakistan: पाकिस्तान के लिए विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर नाजी बेन्हासिन ने कहा कि हाल ही में आई बाढ़ से पाकिस ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

पाकिस्तान में बाढ़ ने 90 लाख लोगों को गरीबी रेखा से नीचे धकेला
देश की अर्थव्यवस्था के केवल 2 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद
पाकिस्तान की गरीबी दर 2.5 से 4 प्रतिशत अंक के बीच बढ़ने की उम्मीद है

इस्लामाबाद. भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में विनाशकारी साबित हुई बाढ़ ने जहां अपने साथ कई बीमारियां दीं, तो वहीं इसने एक बड़ी आबादी को वापस गरीबी रेखा के नीचे धकेल दिया है. 22 करोड़ से अधिक की आबादी वाले पाकिस्तान में बाढ़ की वजह से 90 लाख लोगों को गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करना पड़ रहा है. गुरुवार को आई वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जलवायु परिवर्तन से जुड़ी प्रलयकारी बाढ़ ने 6 से 9 मिलियन पाकिस्तानियों को दो वक्त की रोटी का भी मोहताज बना दिया है. विश्व बैंक ने जून 2023 को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के केवल 2% सालाना की दर से बढ़ने की उम्मीद जताई है.

विश्व बैंक की इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि बाढ़ के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में पाकिस्तान की गरीबी दर 2.5 से 4 प्रतिशत अंक के बीच बढ़ने की उम्मीद है. गरीबी बढ़ने का कारण बाढ़ के कारण नौकरियों, पशुधन, फसल और घर के नुकसान को बताया गया है. वहीं बंद हुए कई स्कूलों के कारण शिक्षा पर भी बुरा प्रभाव पड़ने की बात कही गई है. आपको बता दें कि एशियाई विकास बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 2 करोड़ की आबादी के इस देश में कुछ 20 प्रतिशत पहले से ही गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं. ऐसे में बाढ़ के कारण 90 लाख लोगों के और गरीबी रेखा के नीचे आने से देश की मुश्किलों में इजाफा होना तय माना जा रहा है.

वहीं पाकिस्तान के लिए विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर नाजी बेन्हासिन ने कहा कि हाल ही में आई बाढ़ से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और गरीबों पर, ज्यादातर कृषि उत्पादन में व्यवधान के कारण काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है. उन्होंने सलाह दी कि पाकिस्तान के लिए कहीं अधिक महत्वपूर्ण होगा कि गरीबों को सावधानी से राहत दी जाए और राजकोषीय घाटे को स्थायी सीमाओं के भीतर सीमित रखा जाए.

1,700 लोगों की गई जान
बाढ़ के कारण पाकिस्तान में 1,700 से अधिक लोगों की जान चली गई तो वहीं 75 लाख प्रभावित लोग हुए हैं. अभी भी कई क्षेत्रों में लोग सूखी जमीन की तलाश में भटक रहे हैं. देश के जलवायु परिवर्तन मंत्री शेरी रहमान ने बताया कि 5,98,000 लोगों को आश्रय उपलब्ध कराए जाने के बावजूद 75 लाख प्रभावित लोग अब भी सूखी जमीन के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘पाकिस्तान ने यह संकट पैदा नहीं किया है और वह अनचाहे ढंग से इसका शिकार हो गया है. हमें 20 लाख से अधिक परिवारों को आश्रय और जरूरी पारिवारिक वस्तुएं देने की जरूरत है.’

Tags: Floods, Poverty, World bank

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें