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पाक कार्यकर्ताओं ने कहा, PM मोदी UN के सामने उठाएं बलूचिस्तान में मानवाधिकार हनन का मामला

News18Hindi
Updated: September 17, 2019, 7:13 PM IST
पाक कार्यकर्ताओं ने कहा, PM मोदी UN के सामने उठाएं बलूचिस्तान में मानवाधिकार हनन का मामला
सिंध-बलूचिस्तान (Sindh-Baluchistan) और गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी से इन क्षेत्रों में किए जा रहे मानवाधिकार हनन के मामले को संयुक्‍त राष्‍ट्र के सामने उठाने को कहा है.

पाकिस्‍तान के सामाजिक कार्यकर्ताओं (Pakistani Activists) ने कहा, संयुक्‍त राष्‍ट्र (UN) को पाक के प्रांतों में मानवाधिकार उल्लंघन (Human Rights Violation) की जांच के लिए टीम भेजनी चाहिए. अफगानिस्तान के कार्यकर्ताओं ने जिनेवा (Geneva) में हाल में हुए संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के कार्यक्रम में पाक प्रायोजित आतंकवाद (Terrorism) का मुद्दा उठाया था.

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  • Last Updated: September 17, 2019, 7:13 PM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्‍तान की मुश्‍किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब पाकिस्तान (Pakistan) के ही सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मांग की है कि वह सिंध-बलूचिस्तान (Sindh-Baluchistan) और गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) में किए जा रहे मानवाधिकार हनन (Human Rights Violation) का मामला संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सामने उठाएं. यही नहीं, पाक अधिकृत कश्‍मीर (PoK) के सामाजिक कार्यकर्ताओं (Social Activists) ने भी पीएम मोदी से इंसाफ दिलाने की मांग की है.

'भारत को हमारे कारण मिला नाम, अब यूएन में रखे हमारी बात'
अमेरिका में सिंधी फाउंडेशन के निदेशक सूफी लगहरी ने जिनेवा (Geneva) में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, सिंध प्रांत के लोग डर के साये में जीते हैं. सबसे बड़ी चुनौती लोगों से यह डर खत्म करने की है. हम चाहते हैं कि पीएम मोदी यूएनजीए में सिंध का मुद्दा उठाएं, क्योंकि भारत को अपना नाम सिंधु घाटी सभ्यता के कारण मिला है, जो हमारा क्षेत्र है. इस कार्यक्रम में पीओके, बलूचिस्तान और अफगानिस्तान (Afghanistan) के कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया. बलूचिस्तान के मानवाधिकार आयोग (Human Rights Commission) के प्रमुख ताज बलोच (Taj Baloch) ने कहा कि प्रांत में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं.

'पाकिस्‍तान की सेना ही कर रही है बलूचिस्‍तान में नरसंहार'



ताज बलोच ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय (International Community) हमारे ऊपर किए जा रहे अत्‍याचारों को लेकर खामोश है. पहले बलूचिस्‍तान के लोगों का अपहरण (Kidnap) कर लिया जाता था. फिर लोगों को मारकर गायब कर दिया जाता था. अब गांव के गांव को जला दिया जा रहा है. ये नरसंहार (Genocide) कोई और नहीं बल्कि पाकिस्‍तान की सेना (Pakistani Army) कर रही है. उन्होंने कहा कि यूएन और मानवाधिकार संस्थानों को बलूचिस्तान आकर जांच करनी चाहिए. उन्हें पाकिस्‍तान की सेना को मानवता के खिलाफ अपराध करने से रोकना होगा.

'पाकिस्‍तान ने आत्‍मघाती हमले करने वाले देश की छवि बनाई'
अफगानिस्तान से पत्रकार बिलाल सरवरी ने कहा कि हमारे देश में पाकिस्‍तान की भूमिका विनाशकारी पड़ोसी की रही है. वर्ष 2001 में तालिबान (Taliban) को सरकार से हटाने के बाद हमारे पास नया सफर शुरू करने का मौका था, लेकिन पाकिस्तान ने अपनी छवि सड़क किनारे बम लगाने वाले और आत्मघाती हमलों (Suicide Attacks) को अंजाम देने वाले देश की बनाई. सरवरी ने बताया कि जिहाद के नाम पर अफगानिस्तान में सभाएं होती हैं और पैसा जुटाया जाता है.

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First published: September 17, 2019, 7:12 PM IST
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