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इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों ने की इमरान के इस्तीफे की मांग, समर्थन में आये विपक्षी दल

भाषा
Updated: November 1, 2019, 4:46 PM IST
इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों ने की इमरान के इस्तीफे की मांग, समर्थन में आये विपक्षी दल
प्रदर्शनकारियों ने की इमरान के इस्तीफे की कि मांग

दक्षिणपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (Jamiat Ulema-e Islam-F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने 27 अक्टूबर को अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ दक्षिणी सिंध प्रांत से “आजादी मार्च” की शुरुआत की है.

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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) में प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एक प्रभावशाली धर्मगुरू एक विशाल रैली के लिये शुक्रवार को यहां पहुंचे. प्रदर्शनकारी, इमरान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. दक्षिणपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने 27 अक्टूबर को अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ दक्षिणी सिंध प्रांत से “आजादी मार्च” की शुरुआत की है. ये लोग खान पर 2018 के आम चुनावों में "गड़बड़ी" करने का आरोप लगाते हुए उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों ने लगाए ये आरोप
प्रधानमंत्री पर अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन, अक्षमता और कुप्रशासन का आरोप लगाया है. जमियत नेताओं ने कहा कि रहमान का 31 अक्टूबर को इस्लामाबाद पहुंचने का कार्यक्रम था, लेकिन काफिले में सैकड़ों की संख्या में वाहनों के होने की वजह से रफ्तार धीमी हो गई इससे देर हुई. मौलाना ने सुक्कूर, मुल्तान, लाहौर और गुजरांवाला के रास्ते अपना सफर तय किया और शुक्रवार को तड़के इस्लामाबाद पहुंचे. उन्होंने रास्ते में अपने समर्थकों को बताया कि वह (प्रधानमंत्री खान) चुनावों में धांधली कर सत्ता में आए हैं. उन्हें स्पष्ट संकेत देखने चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए वर्ना हम उन्हें बाहर कर देंगे.

इंटरव्यू में बोले रहमान

आज टीवी को दिए एक इंटरव्यू में रहमान ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो देश में "अव्यवस्था" फैल जाएगी. जिससे आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ जाएगी. रहमान का कहना है कि खान ने 2018 के आम चुनावों में "गड़बड़ी" की है.

मार्च में इन पार्टियों ने दिया समर्थन
सुरक्षा संस्थाओं के मुताबिक आजादी मार्च में हजारों लोग हिस्सा ले रहे हैं. इस्लामाबाद में यह आंकड़ा और बढ़ गया क्योंकि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) समेत विपक्षी दलों के समर्थक भी सरकार विरोधी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए. यह प्रदर्शनकारी पेशावर मोड के निकट एक विशाल मैदान में रुके हुए हैं जहां विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने कार्यकर्ताओं को ठहराने के लिये तंबू लगा रखे हैं. यहां प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पीपीपी प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि इमरान खान एक कठपुतली हैं और राष्ट्र अपना सिर एक चयनित प्रधानमंत्री और उसका चयन करने वालों के सामने झुकाने के लिये तैयार नहीं हैं.
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प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए किए ये इंतजाम
रहमान ने एक ट्वीट में सभी प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को उनके समर्थन के लिये शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि यह रैली अब शुक्रवार की प्रार्थना के बाद शुरू होगी और सभी वरिष्ठ विपक्षी नेता इसमें मौजूद होंगे. इस बीच पाकिस्तानी अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये हैं. मुख्य मार्गों को पूरी तरह या आंशिक तौर पर बंद कर दिया गया है. प्रमुख सरकारी इमारतों और राजनयिक क्षेत्र समेत ‘रेड जोन’ की तरफ प्रदर्शनकारियों को जाने से रोकने के लिये कंटीले तार लगाए गए हैं. अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. संवेदनशील जगहों पर सैनिकों को भी तैनात किया गया है.

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First published: November 1, 2019, 4:46 PM IST
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