पाकिस्तान के मशहूर प​त्रकार मतिउल्लाह जान को कोर्ट में पेशी से पहले किया अगवा

पाकिस्तान के मशहूर प​त्रकार मतिउल्लाह जान को कोर्ट में पेशी से पहले किया अगवा
पाकिस्तान के मशहूर प​त्रकार मतिउल्लाह को कोर्ट में पेशी से पहले अगवा कर लिया गया.

पाकिस्तानी पत्रकार मतिउल्लाह जान (Pakistani journalist Matiullah Jan) को अदालत में पेश होने से एक दिन पहले अगुवा (Abducted) कर लिया गया है. मतिउल्लाह जान सत्ता और सेना के खिलाफ लिखते रहे हैं और सुर्ख़ियों में बने रहे हैं.

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  • Last Updated: July 21, 2020, 11:41 PM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तानी पत्रकार मतिउल्लाह जान (Pakistani journalist Matiullah Jan) को अदालत में पेश होने से एक दिन पहले अगुवा (Abducted) कर लिया गया है. मतिउल्लाह जान पकिस्तान के एक बहुत मशहूर पत्रकार (Pakistani Journalist) हैं जो सत्ता और सेना के खिलाफ लिखते रहे हैं और सुर्ख़ियों में बने रहे हैं. उनके पिता पाकिस्तान की आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल थे और वे खुद भी सेना में कमीशन अधिकारी रह चुके हैं लेकिन उन्होंने थोड़े वक़्त के बाद ही सेना की नौकरी छोड़ दी थी. अदालत में पेश होने से एक दिन पहले घटना की कैमरा फुटेज से पता चलता है कि मतिउल्लाह के अपहरकर्ताओं में कुछ सादे कपड़ों में थे और कुछ पुलिस की वर्दी में थे. ये सभी चार कारों में यात्रा कर रहे थे.

पत्नी को स्कूल छोड़ने के बाद अपहरणकर्ताओं ने घेर लिया

मतिउल्लाह जान ने इस्लामाबाद के एक सरकारी स्कूल के बाहर अपनी पत्नी को सुबह साढ़े नौ बजे छोड़ा और उसके तुरंत बाद उनकी कार को अन्य कारों ने घेर लिया और अपहरणकर्ताओं ने पत्रकार मतिउल्लाह जान को अपनी गिरफ्त में ले लिया था.यह पूरी घटना स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गई थी. इस घटना की फुटेज के मुताबिक़ तीन गाड़ियों पर आधे दर्जन से ज़्यादा लोग तीन कारों में आये और उन्हें जबरदस्ती कार में ले गए.



मतिउल्लाह ने अपना फोन स्कूल के अंदर फेंक दिया
सीसीटीवी फुटेज में मतिउल्लाह ने अपना फोन स्कूल के भीतर फेंक दिया था लेकिन एक वर्दी पहने बंदूकधारी ने गेट से स्कूल परिसर में खड़ी एक महिला से वो फोन मांगा. महिला ने उसे चुपचाप वह फोन दे दिया. पुलिस के अनुसार अपहरणकर्ताओं की शक्ल फुटेज में साफ़ नजर नहीं आ रही है इसलिए उन्हें पहचानना मुश्किल है.

सुप्रीम कोर्ट में होनी थी पेशी

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को बुधवार से पहले अपहृत पत्रकार मतिउल्लाह जान को ढूंढ निकालने का आदेश दिया है. मतिउल्लाह को मंगलवार की सुबह अगवा कर लिया गया और उसके ठीक एक दिन बाद उन्हें अदालत के नोटिस की अवमानना ​​पर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में पेश होना था. मतिउल्लाह के लिए विवाद कोई नई चीज नहीं थी. न्यायाधीशों और न्यायपालिका के खिलाफ ट्वीटर की गई मतिउल्लाह की एक टिप्पणी के कारण उन्हें सम्मन जारी किया एपेक्स कोर्ट की तीन सदस्य वाली बेंच, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्य न्यायधीश कर रहे हैं, ने अवमानना ​​नोटिस में कहा कि 10 जुलाई को मतिउल्ला जान ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट में न्यायाधीशों और न्यायपालिका के खिलाफ सही शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया।

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कई पत्रकारों ने इस्लामाबाद स्थित पत्रकार मतीउल्लाह जान की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. पत्रकार आइमा खोसा ने मंगलवार को एक ट्वीट में कहा कि मतिउल्लाह जान को जानबूझकर कानूनी मामलों में धकेल दिया गया जिससे उसे काम से भटकाया जा सके और अब इस अपहरण के बाद ऐसा लग रहा है कि यह उसे चुप कराने की एक कोशिश है.

पहले भी हुआ था हमला

2017 में भी मतिउल्लाह जान पर इस्लामाबाद में हमला किया गया था. हालांकि इस हमले में उन्हें कोई चोट नहीं लगी थी. उस वक़्त वे अपने बच्चों के साथ इस्लामाबाद से यात्रा कर रहे थे जब सामने से आ रही दो मोटर साइकिल चालकों ने एक बड़ा पत्थर फेंक कर उनकी कार की विंडस्क्रीन तोड़ दी. इस घटना से पहले भी उनके साथ एक हादसा हुआ था जिसमें एक कार रात में उनका पीछा करती थी और उस समय भी उनकी कार की विंडस्क्रीन को इसी तरह से तोड़ दिया गया था. तब उन्होंने बताया था उन दिनों वे एक पत्रकार के साथ एक स्टोरी पर काम कर रहे थे और उसी दौरान उस पत्रकार पर भी उसी उसी तरह से हमला किया गया था.
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