दोहा बैठक के बाद अफगानिस्तान में आएगी शांति, US-NATO के सैनिक वापस जाएंगे

दोहा बैठक के बाद अफगानिस्तान में आएगी शांति, US-NATO के सैनिक वापस जाएंगे
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी. (File Photo)

अफगानिस्तान सरकार (Afganistan Government) और तालिबानी आतंकवादी समूह (Taliban Terrorist Groups) के बीच कतर में बैठक होने जाएगी. इस बैठक के बाद अफगानिस्तान में शांति स्थापित हो जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 12, 2020, 3:04 PM IST
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दुबई. अफगानिस्तान के विरोधी खेमे दशकों के संघर्ष के बाद दीर्घकालिक शांति के मकसद से शनिवार को लंबे समय से अपेक्षित वार्ता शुरू करेंगे. इससे अमेरिका (American Soldier) और नाटो सैनिकों (NATO Soldier) की करीब 19 साल के बाद अफगानिस्तान से वापसी का रास्ता साफ होगा. कतर में बातचीत शुरू होगी, जहां अफगानिस्तान तालिबान के आतंकवादियों (Talibani Terrorist) का राजनीतिक दफ्तर है. यह बातचीत नवंबर में अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप प्रशासन द्वारा संचालित अनेक कूटनीतिक गतिविधियों में एक है.

तालिबान का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा

अफगानिस्तान की आंतरिक वार्ता की शनिवार को शुरुआत के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी मौजूद रहेंगे. इससे पहले दो खाड़ी देशों- बहरीन ने शुक्रवार को तथा संयुक्त अरब अमीरात ने इस महीने की शुरुआत में अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल को मान्यता दी. दोहा में होने जा रही रही वार्ता में अफगान सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार और तालिबान का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा.



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वार्ता की औपचारिक शुरुआत के बाद दोनों पक्ष कठिन मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करेंगे. इनमें स्थायी संघर्ष विराम की शर्तें, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकार तथा दसियों हजार तालिबान लड़ाकों का निरस्त्रीकरण शामिल है. दोनों पक्ष संवैधानिक संशोधनों और सत्ता बंटवारे पर भी बातचीत कर सकते हैं.

दोहा डील में ये होना तय है...

पश्चिमी राजनयिक ने मीडिया से कहा कि दोहा डील में निर्धारित समयसीमा से पहले ही अमेरिका अफगानिस्तान में अपने सैनिकों की संख्या घटाकर 8,600 कर देगा. दोहा डील के मुताबिक अमेरिका को मध्य जुलाई तक अफगानिस्तान में अपने सैनिकों की संख्या 13,000 से घटाकर 8,600 करनी है. समझौते के मुताबिक मई 2021 तक अमेरिकी फौज को पूरी तरह अफगानिस्तान छोड़ना होगा. अमेरिका और नाटो के अधिकारियों के मुताबिक सैनिकों की वापसी का पहला चरण मध्य जून तक, यानि एक महीने पहले ही पूरा सकता है.
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