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उपराष्ट्रपति पेंस ने ट्रंप को हटाने से किया इनकार, अमेरिकी संसद में महाभियोग पर बहस शुरू

पेंस ने 25वें संशोधन के जरिए ट्रंप को हटाने से इनकार किया.  (फोटो- AFP)
पेंस ने 25वें संशोधन के जरिए ट्रंप को हटाने से इनकार किया. (फोटो- AFP)

Pence rejects to invoke 25th Amendment: अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कुर्सी से हटाने के लिए संविधान के 25वें संशोधन का इस्तेमाल करने से स्पष्ट इनकार कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2021, 8:01 AM IST
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वाशिंगटन. डेमोक्रेट्स के भारी दबाव के बावजूद उपराष्ट्रपति माइक पेंस (Mike Pence) ने निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को पद से हटाने के लिए संविधान के 25वें संशोधन (25th Amendment) का इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया है. पेंस ने मंगलवार रात स्पीकर नैंसी पेलोसी (House Speaker Nancy Pelosi) को ख़त लिखकर स्पष्ट कर दिया कि उनका या फिर ट्रंप कैबिनेट के अन्य साथियों का ऐसा कोई कदम उठाने का कोई इरादा नहीं है. उधर अमेरिकी संसद में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव पर बहस शुरू हो गयी है. CNN की खबर के मुताबिक कई रिपब्लिकन सीनेटर्स ने भी ट्रंप को हटाने के समर्थन में वोट करने का ऐलान कर दिया है.

ट्रंप को 25वें संशोधन के जरिए हटाने का प्रस्ताव मैरीलेंड के डेमोक्रेट रिप्रेजेंटेटिव जेमी रस्किन ने पेश किया था. प्रस्ताव के मताबिक पेंस और अन्य कैबिनेट मेम्बर्स को सेक्शन 4 और 25वें अमेडमेंट का इस्तेमाल कर तुरंत ट्रंप को हटा देना चाहिए. हालांकि पेंस ने ख़त में लिखा कि ये किसी भी देश के लिए सबसे शर्म की बात है कि कोई चुना हुआ राष्ट्रपति अपना कार्यकाल न पूरा कर पाए और उसे निकाल दिया जाए. डेमोक्रेट्स की मांग थी कि ट्रंप को हटाकर शपथ ग्रहण तक पेंस कार्यकारी राष्ट्रपति बनाकर जिम्मेदारी संभाले. हालांकि पेंस ने स्पष्ट कहा कि ट्रंप के कार्यकाल में अब सिर्फ 8 दिन बचे हैं और आप डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि मैं राष्ट्रपति को हटाने के लिए 25वें संशोधन का इस्तेमाल करूं. मैं ऐसा करना ज़रूरी नहीं समझता और ये फैसला इस देश के हित में ही लिया गया है.

अमेरिकी संसद में महाभियोग पर बहस शुरू
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्ज (HOR) में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव पर बहस शुरू हो गयी है. प्रस्ताव में ट्रंप पर हिंसा भड़काने का आरोप है, जिसके चलते पिछले हफ्ते संसद पर ट्रंप समर्थकों ने हमला कर दिया था. इसमें 5 लोगों की जान चली गई थी. बहस शुरू होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में एक बार फिर से चेतावनी दे दी. उन्होंने कहा कि कैपिटल हिल्स के बाहर जो कहा था, वह वाजिब था और मुझ पर महाभियोग चलाना भयानक कदम होगा. इससे लोगों में गुस्सा फूटेगा. हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा है कि वो किसी भी तरह की हिंसा नहीं चाहते हैं.



ट्रंप ने मेक्सिको की सीमा पर बन रहे दीवार का निरीक्षण करने के लिए टेक्सास रवाना होने से पहले कहा कि वे जो कर रहे हैं, यह वास्तव में बहुत भयानक बात है. ट्रंप का सीधा इशारा हाल में ही एफबीआई और यूएस नेशनल गार्ड की हिंसा के आशंका वाले बयान के तरफ है. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी के नेतृत्व में डेमोक्रेटिक सांसद पहले ही विद्रोह को उकसावा देने के लिए ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव को पेश कर चुके हैं. जिसके बाद कार्यवाही को आगे बढ़ने के लिए डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन के सांसदों का सहयोग भी मांगा है. डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं जिनके एक कार्यकाल में दो बार महाभियोग प्रस्ताव लाया गया है.
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