कोरोना वायरस के खौफ में इस टाउन को लोग कहने लगे 'भुतहा' शहर, नहीं नजर आता एक भी आदमी

कोरोना वायरस के खौफ में इस टाउन को लोग कहने लगे 'भुतहा' शहर, नहीं नजर आता एक भी आदमी
अमेरिका में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले न्यू रोशेल शहर में सामने आए हैं.

अमेरिका के न्यू रोशेल शहर में संक्रमण के फैलने की वजह से खौफ पसरा है. सड़कें सुनसान हो गई हैं. लोगों ने अपने घरों से निकलना बंद कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2020, 1:34 PM IST
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न्यूयॉर्क: कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण अमेरिका में भी तेजी से फैला है. खासकर अमेरिकी शहर न्यू रोशेल (New Rochelle) में वायरस संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. इस शहर के डेढ़ किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह से शट डाउन कर दिया गया है. इलाके में विशेष सावधानी बरती जा रही है. न्यूयॉर्क में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 217 मामलों में 120 मामले वेस्टचेस्टर काउंटी के इसी शहर में मिले हैं. इसके बाद अमेरिकी एजेंसियों ने इस शहर पर विशेष निगरानी रखनी शुरू कर दी है.

न्यू रोशेल शहर में संक्रमण के फैलने की वजह से खौफ पसरा है. सड़कें सुनसान हो गई हैं. लोगों ने अपने घरों से निकलना बंद कर दिया है. दुकानें बंद करवा दी गई हैं. सड़क पर एक आदमी चलता नहीं दिखता है. यहां कोरोना वायरस के खौफ में इतना सन्नाटा पसरा है कि लोगों ने इसे अमेरिका का घोस्ट टाउन (भुतहा शहर) कहना शुरू कर दिया है.

संक्रमण के डर से अपने घरों में कैद हुए लोग
न्यू रोशेल के प्रभावित इलाकों में रेस्टोरेंट्स बंद पड़े हैं. स्कूल-कॉलेजों को बंद करवा दिया गया है. नेशनल गार्ड यहां की मदद करने के लिए आए हैं. वो पब्लिक स्पेस को साफ कर रहे हैं. लोगों को उनके घरों में ही जाकर खाना दे रहे हैं. किसी भी आदमी को बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी जा रही है.



डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक न्यू रोशेल शहर में कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा प्रकोप देखा गया है. इसके बाद न्यूयॉर्क के हेल्थ कमीशनर डॉ हॉवर्ड जुकर और पब्लिक हेल्थ के दूसरे अधिकारियों ने बैठक कर न्यू रोशेल शहर में प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया. इसके बाद गवर्नर एंड्रयू कुमोओ ने करीब डेढ़ किलोमीटर के एरिया को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है.



एक आदमी से पूरे शहर में फैला संक्रमण
न्यू रोशल में गुरुवार को शट डाउन का फैसला लिया गया. ये पूरे दो हफ्ते तक चलेगा. इस दौरान शहर में कहीं भी भीड़ इकट्टा नहीं होगी. स्कूलों और पूजाघरों में भी किसी तरह की भीड़ इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. न्यू रोशेल के गवर्नर मानते हैं कि ये ज्यादा नाटकीय फैसला है. लेकिन उन्हें भी लगता है कि संक्रमण को रोकने के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है, क्योंकि यहां जिंदगी और मौत का सवाल है.

गुरुवार को गवर्नर की तरफ से 2 लाख डॉलर का फंड न्यू रोशेल के एक फूड बैंक को दिया गया है. फूड बैंक के जरिए जरूरतमंदों को खाना घर में भिजवाया जा रहा है. इसमें बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स भी शामिल हैं.

पिछले हफ्ते 50 साल के एक शख्स गार्ब्ज में पहली बार कोरोना वायरस से संक्रमित होने के लक्षण दिखे थे. वो संक्रमण के शिकार हुए पहले मरीजों में से एक हैं. उस 50 साल के शख्स से संक्रमण उनके परिवार में फैला. जिसके बाद परिवार से दूसरे परिवारों में भी ये फैल गया. उसके बाद यहां वायरस संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए.

विश्व स्वास्थ्य संगठन कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर चुका है. अमेरिका में संक्रमण के 1,281 मामले दर्ज किए गए हैं. वायरस की चपेट में आकर 37 लोगों की मौत हो चुकी है. कहा जा रहा है कि अमेरिका की पब्लिक हेल्थ सर्विस ने वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने को लेकर देरी से कदम उठाए, जिसकी वजह से अमेरिका में वायरस का संक्रमण चिंताजनक स्थिति में पहुंचा है.

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First published: March 12, 2020, 1:34 PM IST
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