लंदन में दो सप्ताह तक घरों में पड़े रहे कई शव, बाद में हुई coronavirus की पुष्टि- रिपोर्ट

लंदन में दो सप्ताह तक घरों में पड़े रहे कई शव, बाद में हुई coronavirus की पुष्टि- रिपोर्ट
लंदन में दो सप्ताह तक घरों में पड़े रहे कई शव (फाइल फोटो)

लंदन (London) में कई तो ऐसे भी मामले सामने आए हैं जब लोगों की मौत का पता तब लगा है जब हो जब उनके शव पूरी तरह सड़ चुके थे. डॉक्टरों का मानना ​​है कि मार्च, अप्रैल और मई के दौरान लंदन में इस तरह के कई दर्जन मामले सामने आए हैं.

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लंदन. दुनिया में रविवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) से मरने वालों की संख्या चार लाख तक पहुंच गई है. रविवार को दुनिया भर में संक्रमण (Covid-19) के 1 लाख 13 हजार से ज्यादा नए केस सामने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर अब 70 लाख से भी ज्यादा हो गए हैं. बीते 24 घंटे में 3300 लोगों की मौत के बाद कुल मौतों का आंकड़ा 4 लाख से भी ज्यादा हो गया है. वहीं लंदन की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोनोवायरस के कारण कई बुजुर्ग लोगों की अकेले घर पर मौत हो गई है और दो सप्ताह तक उनका पता तक नहीं लग पाया है. कई लोगों की मौत का पता उनके पड़ोसियों या तो उनके रिश्तेदारों द्वारा पता लगा है.

मेल ऑनलाइन के मुताबिक कई तो ऐसे भी मामले सामने आए हैं जब लोगों की मौत का पता तब लगा है जब हो जब उनके शव पूरी तरह सड़ चुके थे. डॉक्टरों का मानना ​​है कि मार्च, अप्रैल और मई के दौरान लंदन में इस तरह के कई दर्जन मामले सामने आए हैं.

पोस्टमॉर्टम के बाद लगा मौत का पता
लंदन के रॉयल कॉलेज ऑफ पैथोलॉजिस्ट की मृत्यु जांच समिति के अध्यक्ष डॉ. माइक ओसबॉर्न ने कहा, 'मारे गए कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना के लक्षणों को हल्के में लिया और सात से 14 दिनों तक इसे अनदेखा किया है. मैंने इस तरह के बहुत सारे मामले देखे हैं, जहां शव पूर तरह सड़ गए थे. जब उनका पोस्टमॉर्टम किया गया तब पता लगा कि उन लोगों को कोरोना था.' उन्होंने कहा कि अगर मृत शरीर का सड़ना शुरू हो जाए तो मृत्यु के कारणों का पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है. लेकिन उन्होंने कुछ शवों से पता लगा लिया था कि उनकी मौत कोरोना के कारण ही हुई थी.
मानसिक रूप से अस्वस्थ लोग


डॉक्टरों ने लंदन में महामारी के दौरान घरों पर रहने वाले 700 लोगों की मृत्यु की पुष्टि की है. एज यूके (Age UK) के चैरिटी डायरेक्टर ने कहा है कि उन्हें हमेशा डर था कि महामारी के दौरान कई लोग घरों पर मृत पाए जा सकते हैं. लेकिन यह कहते हुए बेहद दुख हो रहा है कि ऐसा सच में ही हो गया. उन्होंने बताया कि इसके इतर जो अन्य लोगों का निधन हुआ है, वे या तो दूसरी किसी बीमारी से पीड़ित थे या तो मानसिक रूप से अस्वस्थ.

फैमिली डॉक्टरों से लगा मौत का पता
एक अन्य लंदन पैथोलॉजिस्ट का कहना है कि महामारी के कारण कई हफ्तों तक ह्यूमन कॉन्टेक्ट में ना आने के कारण भी लोगों की मानसिक स्थिति में कुछ फर्क पड़ा और उनकी मौत हो गई. वहीं कई मौतें ऐसी भी हैं जिसमें मरीज की मौत का तब पता लगा है जब उनके फैमिली डॉक्टर उनसे कॉन्टेक्ट नहीं कर पा रहे थे.

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