16 साल से कम उम्र के किशोरों को भी मिलेगी कोरोना वैक्सीन, Pfizer ने दिया आवेदन

फाइज़र वैक्सीन को भारत में भी इमरजेंसी यूज की अनुमति दिए जाने की चर्चा चल रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

फाइज़र वैक्सीन को भारत में भी इमरजेंसी यूज की अनुमति दिए जाने की चर्चा चल रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

इस वैक्सीन को Pfizer और BioNTech ने मिलकर बनाया है. दोनों ही कंपनियों ने अमेरिका फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से 16 वर्ष और उससे अधिक के लोगों में वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए लाइसेंस को लेकर आवेदन किया है.

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नई दिल्ली. अमेरिकी फार्मा कंपनी Pfizer ने अपनी वैक्सीन का इस्तेमाल 16 साल की उम्र के लोगों पर करने के लिए आवेदन किया है. इस वैक्सीन को Pfizer और BioNTech ने मिलकर बनाया है. दोनों ही कंपनियों ने अमेरिका फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से 16 वर्ष और उससे अधिक के लोगों में वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए लाइसेंस को लेकर आवेदन किया है. बता दें इससे पहले तक वैक्सीन का इस्तेमाल सिर्फ 18 साल के ऊपर के लोगों यानी वयस्कों में ही किया जा रहा था लेकिन अब संभव है कि वैक्सीन का दायरा बढ़ाया जाए.

बता दें कि भारत में भी फाइज़र की वैक्सीन को जल्द ही इमरजेंसी यूज की अनुमति दिए जाने की चर्चा चल रही है. फाइजर के चेयरमैन और सीईओ अल्बर्ट बूर्ला ने बीते सोमवार को कहा था कि कंपनी अपनी वैक्सीन को भारत में जल्द उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के साथ बातचीत कर रही है, ताकि उसे तेजी से मंजूरी मिल सके. फाइजर ने इससे पहले अप्रैल में कहा था कि उसने भारत में सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम के लिए अपनी वैक्सीन को लाभ-रहित मूल्य पर उपलब्ध कराने की पेशकश की है और वह भारत में वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है.


बूर्ला ने कहा था, ‘फाइजर इस बात से अवगत है कि महामारी को खत्म करने के लिए वैक्सीन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है. दुर्भाग्य से हमारी वैक्सीन भारत में पंजीकृत नहीं है, हालांकि हमने महीनों पहले आवेदन दिया था.’ उन्होंने कहा, ‘हम इस समय भारत सरकार के साथ अपनी फाइजर बायोएनटेक वैक्सीन को देश में उपलब्ध कराने के लिए तेजी से मंजूरी देने पर चर्चा कर रहे हैं.’
भारत में स्टडी न होने के कारण नहीं मिली थी अनुमति

फाइज़र ने पहले भी देश में इमरजेंसी यूज की अनुमति मांगी थी तब कोई स्वदेशी स्टडी न होने की वजह से कंपनी को अनुमति नहीं दी गई थी. कंपनी का कहना था दुनियाभर में उपलब्ध उसके एफिकेसी रेट के आधार पर अनुमति दी जाए. लेकिन अब कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच सरकार ने विदेशी वैक्सीन्स को भी अनुमति दी है. माना जा रहा है कि जल्द ही फाइज़र वैक्सीन पर कोई ठोस बात सामने आ सकती है.

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