अपना शहर चुनें

States

अमेरिका में फाइजर और मॉर्डना के कोविड-19 के टीके को बहुत जल्द मिलेगी मंजूरी

अमेरिका में फाइजर और मॉर्डना के कोरोनावायरस के टीके को जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी.
अमेरिका में फाइजर और मॉर्डना के कोरोनावायरस के टीके को जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी.

Covid-19 Vaccine Approvals in America: फाइजर (Pfizer) और मॉडर्ना (Moderna) कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) को कुछ ही हफ्तों में अमेरिका में मंजूरी मिल जाएगी लेकिन इसके बाद ज्यादा बड़ा सवाल सामने आकर खड़ा होता है और वह यह है कि अमेरिका में सबसे पहले यह वैक्सीन किस को प्राप्त होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2020, 6:14 PM IST
  • Share this:
वाशिंगटन. फाइजर (Pfizer) और मॉडर्ना (Moderna) कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) को कुछ ही हफ्तों में अमेरिका में मंजूरी मिल जाएगी लेकिन इसके बाद ज्यादा बड़ा सवाल सामने आकर खड़ा होता है और वह यह है कि अमेरिका में सबसे पहले यह वैक्सीन किस को प्राप्त होगी. अमेरिकी विशेषज्ञों के एक उच्च स्तरीय पैनल ने मंगलवार को वोटिंग करके यह तय किया कि प्रथम चरण में हेल्थ केयर संबंधी कर्मचारियों और दीर्घकालिक देखभाल सुविधा ग्रहों के निवासियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

वैक्सीन के वितरण में एक नियम नहीं लागू होगा: जोस रोमेरो

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों में टीकाकरण की सलाहकार समिति के अध्यक्ष जोस रोमेरो ने कहा कि इस वैक्सीन के वितरण के संबंध में मेरा वोट अधिकतम लाभ, न्यूनतन नुकसान और मौजूदा स्वास्थ्य संबंधी असामनाताओं को कम करेगा. यह भी कहा जा रहा है कि वैक्सीन के वितरण के मामले में पूरे अमेरिका में एक नियम नहीं लागू होगा. हालांकि अमेरिकी विशेषज्ञ महत्वपूर्ण कर्मचारियों के संबंध में अन्य देशों के विचार से अलग राय रखते हैं. अमेरिकी विशेषज्ञों के अनुसार ये वे लोग हैं जो देश को आगे बढ़ाते हैं और संभावित रूप से कोरोना के खतरे वाले लोगों से भी पहले इन लोगों को वैक्सीन मिलनी चाहिए.



'सबसे पहले कमजोर तबके को मिले कोरोना टीका'
वर्ष 2009 में H1N1 फ्लू के खिलाफ टीका अभियान के दौरान भ्रम पैदा हो गया था. उसे देखते हुए संघीय सरकार केवल राज्य सरकारों को सुझाव दे सकती हैं कि वैक्सीन की खुराकें किस तरह वितरित की जाए और किसे प्राथमिकता दी जाए. शीर्ष विशेषज्ञों के पैनल इस विषय पर पहले ही अपनी राय दे चुके हैं जो कई विषयों पर भिन्न हैं और इस बहस के केंद्र में पसरे तनाव को सामने लाए है. इनके अनुसार वैक्सीन के दो प्रमुख उद्देश्य हैं. पहला सबसे कमजोर लोगों को यह वैक्सीन मिले और दूसरा इसके माध्यम से हालात सामने की ओर मुड़ें.

फ्रांस में रिटायरमेंट होम में रहने वालों को टीका देने की बात

फ़्रांस की टॉप हेल्थ अथॉरिटी ने रिटायरमेंट होम में रहने वालों और वहां काम करने वालों के साथ वैक्सीन के वितरण की शुरुआत करने की सिफारिश की है. उनके बाद बुजुर्ग और हेल्थ केयर वर्कर्स फिर 50 की आयु से ऊपर के लोग, फिर वे लोग जिनकी नौकरियों के कारण वे कोरोना के खतरे से जूझ रहे हैं, चिकित्सकीय रूप से उच्च जोखिम वाले लोग, गरीब और अंत में देश की बाकी आबादी को यह टीका लगाया जाएगा.

ये भी पढ़ें: ट्रंप समर्थक जान से मारने की दे रहे धमकियां, चुनाव अधिकारी ने कहा- लगाम लगाएं

हंगरी के सांसद ने सेक्स पार्टी में शामिल होने की बात स्वीकार की, इस्तीफा दिया

येल इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के निदेशक साद ओमर ने एएफपी को बताया कि वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन द्वारा इस दृष्टिकोण को रेकमेंड किया गया है. विशेषज्ञों ने "1 बी," चरण में महत्वपूर्ण श्रमिकों या वर्कर्स को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव दिया है जिनके बाद मल्टीप्ल रिस्क वाले वयस्कों और उनके बाद 65 की आयु से ऊपर के वयस्कों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज