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बच्चों को कोविड-19 से जुड़ी इस गंभीर समस्या से बचाएगी Pfizer की वैक्सीन, US में हुई स्टडी में दावा

बच्चों को कोविड-19 से जुड़ी इस गंभीर समस्या से बचाएगी Pfizer की वैक्सीन, US में हुई स्टडी में दावा

Pfizer vaccine protects children against critical Covid-19 complication: अमेरिका में 12 से 18 वर्ष के बच्चों पर फाइजर की वैक्सीन को लेकर यूएस सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने कहा है कि इस वैक्सीन के दो डोज से बच्चों को कोविड-19 से जुड़े गंभीर हालात से सुरक्षा मिलेगी. 12 से 18 साल की आयु वाले बच्चों में वैक्सीन का प्रभाव 91 फीसदी तक है और इससे मल्टीसिस्टम इन्फलामेटरी सिंड्रोम की रोकथाम में मदद मिलती है.

Pfizer vaccine protects children against critical Covid-19 complication: अमेरिका में 12 से 18 वर्ष के बच्चों पर फाइजर की वैक्सीन को लेकर यूएस सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने कहा है कि इस वैक्सीन के दो डोज से बच्चों को कोविड-19 से जुड़े गंभीर हालात से सुरक्षा मिलेगी. 12 से 18 साल की आयु वाले बच्चों में वैक्सीन का प्रभाव 91 फीसदी तक है और इससे मल्टीसिस्टम इन्फलामेटरी सिंड्रोम की रोकथाम में मदद मिलती है.

Pfizer vaccine protects children against critical Covid-19 complication: अमेरिका में 12 से 18 वर्ष के बच्चों पर फाइजर की वैक्सीन को लेकर यूएस सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने कहा है कि इस वैक्सीन के दो डोज से बच्चों को कोविड-19 से जुड़े गंभीर हालात से सुरक्षा मिलेगी. 12 से 18 साल की आयु वाले बच्चों में वैक्सीन का प्रभाव 91 फीसदी तक है और इससे मल्टीसिस्टम इन्फलामेटरी सिंड्रोम की रोकथाम में मदद मिलती है.

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    न्यूयॉर्क: अमेरिका में 12 से 18 वर्ष के बच्चों पर फाइजर की वैक्सीन (Pfizer Vaccine) को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. यूएस सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने कहा है कि इस वैक्सीन के दो डोज से बच्चों को कोविड-19 (Covid-19) से जुड़ी गंभीर समस्या से सुरक्षा मिलेगी. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित होने के बाद ये गंभीर स्थिति अंगों पर सूजन आने से संबंधित है. दरअसल कोविड-19 से संक्रमित होने के कुछ सप्ताह बाद शरीर के अंदरुनी अंगों पर सूजन आने लगती है.

    यूएस सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने यह बात एक अध्ययन के सामने आने के बाद कही है जिसमें कहा गया है कि 12 से 18 साल की आयु वाले बच्चों में वैक्सीन का प्रभाव 91 फीसदी तक है और इससे मल्टीसिस्टम इन्फ्लामेटरी सिंड्रोम की रोकथाम में मदद मिलती है.

    दरअसल इस सिंड्रोम के चलते बच्चों के अंगों जैसे ह्रदय, फेफड़ों, किडनी और ब्रेन में सूजन आने लगती है. 12 से 18 वर्ष की आयु के 283 बच्चों पर वैक्सीन के असर को लेकर यह अध्ययन किया गया. जुलाई से दिसंबर की शुरुआत तक 20 राज्यों के 24 अलग- अलग चिल्ड्रन हॉस्पिटल में इस स्टडी को किया गया. इस अध्ययन के अनुसार, 5 से 11 साल के बच्चों में इन्फ्लामेटरी सिन्ड्रोम की संभावना सबसे अधिक रहती है.

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    यह वैक्सीन फाइजर और उसके सहयोगी बायोएनटेक ने सिर्फ अमेरिका में किसी भी आयु के बच्चों के लिए तैयार की है. सीडीएस के अनुसार 12 से 17 वर्ष की आयु वाले करीब 1 करोड़ 30 लाख से अधिक बच्चों को फाइजर वैक्सीन के दोनों डोज दिए जा चुके हैं.

    बता दें कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण अमेरिका में कोरोना संक्रमण के मामलों में फिर से तेजी आई है. पूरी दुनिया में ब्रिटेन और अमेरिका ओमिक्रॉन वेरिएंट के सबसे ज्यादा मामले सामने आए है. जिसके बाद इन देशों में वैक्सीन के संशोधित और बूस्टर डोज देने की मांग तेज होने लगी है.

    Tags: Coronavirus, Omicron, Pfizer vaccine

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