कराची प्लेन क्रैश: खुलासा! पायलट कुछ छुपा रहा था, जबरदस्ती लैंड कराने से फटा तेल टैंक

कराची प्लेन क्रैश: खुलासा! पायलट कुछ छुपा रहा था, जबरदस्ती लैंड कराने से फटा तेल टैंक
पाकिस्तान विमान हादसे में पायलट पर उठे सवाल

जांच में जो शुरूआती बातें सामने आयीं हैं उसने पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA), पायलट कैप्टन सज्जाद गुल और विमान संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच में सामने आया है कि पायलट ने विमान को तीन बार लैंड कराने की कोशिश की थी जबकि उन्हें लैंडिंग गियर में समस्या होने के चलते रुकने के लिए कहा गया था.

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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) के कराची (Karachi) में हुए दर्दनाक विमान हादसे (PIA Plane Crash) की वजह पता लगाने के लिए जांच शुरू हो गयी है. हालांकि इस जांच में जो शुरूआती बातें सामने आयीं हैं उसने पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA), पायलट कैप्टन सज्जाद गुल और विमान संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच में सामने आया है कि पायलट ने विमान को तीन बार लैंड कराने की कोशिश की थी जबकि उन्हें लैंडिंग गियर में समस्या होने के चलते रुकने के लिए कहा गया था. इसके अलावा विमान की कंडीशन के बारे में न तो PIA और न ही पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से सही सूचना साझा की थी.

डॉन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक विमान हादसे पर एक प्रारंभिक रिपोर्ट में पायलट के विमान संचालन के बारे में गंभीर सवाल खड़े किये गए हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक इस विमान की फिटनेस पहले ही सवालों के घेरे में है और अब पायलट पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी ने कॉकपिट में मौजूद और अन्य चालक दल के सदस्यों को संकट के बारे में एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बताने से रोका गया था. जांचकर्ताओं को शक है कि उड़ान के दौरान पायलट ने किसी के दबाव में विमान की सही स्थिति नहीं बताई.

दुर्घटना या फिर गलती?
जियो न्यूज की एक अन्य खबर के अनुसार पाकिस्तानी जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उड़ान संख्या पीके -8303 की दुर्घटना पायलट की गलती से हुई या एक तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई है. देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, एयरबस ए -320 के इंजनों ने पायलट द्वारा विमान उतारने के पहले प्रयास में तीन बार रनवे को स्पर्श किया था, विशेषज्ञों को इन तीन प्रयासों के दौरान विमान का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के सबूत मिले हैं



द न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक ने सीएए के विश्वस्त सूत्रों ने बताया है कि पायलट ने विमान में खराबी का सही स्टेटस नहीं बताया था. जब तीसरी बार में भी विमान लैंड नहीं हो पाया तो इस बात का शक एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर में बैठे लोगों को भी हुआ था और उसी दौरान इसकी शिकायत भी दर्ज की गई. तीन बार के बाद जब पायलट ने फिर से उड़ान भरी तो अधिकारियों को यह काफी अजीब लगा कि कॉकपिट में चालक दल के सदस्यों ने जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) को 'लैंडिंग गियर' के संबंध में किसी समस्या के बारे में सही समय पर और पूरी जानकारी नहीं दी.



तेल टैंक और ईंधन पंप फटा!
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब विमान ने लैंडिंग के पहले असफल प्रयास में जमीन को स्पर्श किया, तो संभव है कि इंजन का तेल टैंक और ईंधन पंप क्षतिग्रस्त हो गये जिससे पायलट विमान को सुरक्षित नहीं कर पाया. रिपोर्ट में कहा गया है कि कई सवाल बहुत गंभीर हैं कि कॉकपिट में अलार्म सिस्टम पायलटों को आसन्न आपात स्थिति के बारे में जानकारी देने में क्यों और कैसे विफल रहे. पीआईए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरशद मलिक ने कहा कि विमान का ब्लैक बॉक्स जांच दल को सौंप दिया गया है. पीआईए के इंजीनियरिंग और रखरखाव विभाग के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त विमान की दो महीने पहले जांच की गई थी और इसने दुर्घटना से एक दिन पहले मस्कट से लाहौर के लिए उड़ान भरी थी.

गौरतलब है कि पीआईए की उड़ान संख्या पीके-8303 के शुक्रवार को यहां हवाई अड्डे के निकट एक घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने से नौ बच्चों समेत 97 लोगों की मौत हो गई थी और दो यात्री इस हादसे में चमत्कारिक ढंग से बच गये. कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पाकिस्तान सरकार ने पांच प्रमुख हवाई अड्डों इस्लामाबाद, कराची, लाहौर, पेशावर और क्वेटा से 16 मई से घरेलू उड़ानों के संचालन की अनुमति दी थी. इस विमान हादसे के बाद पीआईए ने अपनी घरेलू उड़ानों के संचालन को बंद कर दिया है.

 

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