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ब्रू शरणार्थियों को वापस भेजने की योजना असफल, 32 हजार लोगों का भविष्य अनिश्चित

News18Hindi
Updated: December 1, 2019, 12:48 PM IST
ब्रू शरणार्थियों को वापस भेजने की योजना असफल, 32 हजार लोगों का भविष्य अनिश्चित
राहत शिविरों में रह रहे ब्रू शरणार्थी

राहत शिविरों में रह रहे ब्रू शरणार्थियों (Bru Refugees) को शनिवार को आखिरी बार मुफ्त राशन बांटा गया क्योंकि सरकारी निर्देशानुसार रविवार को यह बंद कर दिया जाएगा.

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  • Last Updated: December 1, 2019, 12:48 PM IST
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अगरतला. उत्तरी त्रिपुरा (Tripura) में राहत शिविरों में रह रहे ब्रू शरणार्थियों (Bru Refugees) को वापस मिजोरम भेजने की नई पहल असफल हो गई क्योंकि चिह्नित किए गए 4,447 परिवारों में केवल 171 परिवार ही अपने गृह राज्य लौटे. अधिकारियों ने वापस भेजने की प्रक्रिया समाप्त होने पर शनिवार को यह जानकारी दी.

अब शिविरों में रह रहे करीब 32 हजार लोगों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि कंचनपुर (Kanchanpur) और पानीसागर (Panisagar) में शिविरों में रह रहे शरणार्थियों को शनिवार को आखिरी बार मुफ्त राशन बांटा गया क्योंकि सरकारी निर्देशानुसार रविवार को यह बंद कर दिया जाएगा.

इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि शरणार्थियों को वापस उनके गृह राज्य भेजने का नौवां दौर 3 अक्टूबर को शुरू किया गया था जो आज समाप्त हो गया. इसे आखिरी दौर माना जा रहा था, लेकिन पहले के चरणों की ही तरह यह भी विस्थापित लोगों को पुन: मिजोरम ले जाने में असफल रहा.

इससे पहले भी केंद्र सरकार ने बीते 1 अक्टूबर को त्रिपुरा के उत्तरी ज़िलों में स्थित छह ब्रू राहत शिविरों में मुफ्त राशन और नकद सहायता रोक दी, क्योंकि शरणार्थियों ने मिज़ोरम वापस लौटने से इनकार कर दिया था. लेकिन इसके बाद शरणार्थियों ने उत्तर त्रिपुरा ज़िले में आनंद बाजार से कंचनपुर के बीच सड़क जाम कर दी और प्रदर्शन करने लगे.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, त्रिपुरा सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार मुफ्त राशन सेवा बहाल नहीं करेगी, लेकिन अगर वे मिजोरम लौट जाते हैं तो वह हर शरणार्थी परिवार को 25 हजार रुपये देगी. लेकिन यह सहायता सिर्फ उन्हें ही दी जाएगी जो 5, 6 और 7 नवंबर को वापस मिजोरम लौटेंगे. (भाषा इनपुट के साथ)

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First published: December 1, 2019, 12:47 PM IST
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