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BRICS Summit में पीएम मोदी बोले- आतंकवाद के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था को हुआ 1,000 अरब डॉलर का नुकसान

भाषा
Updated: November 14, 2019, 9:57 PM IST
BRICS Summit में पीएम मोदी बोले- आतंकवाद के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था को हुआ 1,000 अरब डॉलर का नुकसान
ब्राजील में हो रही ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी ने आतंकवाद, व्यापार समेत कई मुद्दों पर बात की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ब्रिक्स समिट (Brics Summit) कहा कि आतंकवाद के द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम, टेरर फंडिंग, ड्रग ट्रैफिकिंग और अप्रत्यक्ष रूप से हो रहे संगठित अपराधों के चलते व्यापार और व्यवसायों का बहुत नुकसान हुआ है.

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ब्रासीलिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरुवार को 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के स्वागत भाषण में आतंकवाद का मुद्दा उठाया और कहा कि इस समस्या के कारण विश्व अर्थव्यवस्था को 1,000 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. ब्रासीलिया के ऐतिहासिक इतामराती पैलेस में ब्रिक्स पूर्ण अधिवेशन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद विकास, शांति और समृद्धि के लिये सबसे बड़ा खतरा है. इस मौके पर ब्राजील (Brazil), चीन (China), रूस (Russia) और दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के राष्ट्रपति मौजूद थे.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘कुछ अनुमानों के अनुसार आतंकवाद के कारण विकासशील देशों की आर्थिक वृद्धि 1.5 प्रतिशत प्रभावित हुई है...इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था 1,000 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है.’’

ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं के बीच 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन गुरुवार को प्रारंभ हुआ. ब्रासीलिया सम्मेलन में व्यापार, निवेश और आतंकवाद निरोधी उपायों पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद के द्वारा फैलाया भ्रम, टेरर फंडिंग, ड्रग ट्रैफिकिंग और अप्रत्यक्ष रूप से हो रहे संगठित अपराधों के चलते व्यापार और व्यवसायों का बहुत नुकसान हुआ है.

 



पीएम मोदी ने कहा कि मुझे मित्र देश ब्राज़ील की इस सुंदर राजधानी में 11वें ब्रिक्स समिट के लिए आकर बहुत खुशी हुई. मैं भव्य स्वागत और समिट की बेहतरीन व्यवस्था के लिए मेरे मित्र राष्ट्रपति बोल्सोनारो को मैं हार्दिक धन्यवाद देता हूं.

'इनोवेशन हमारे विकास का आधार'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस समिट की थीम- 'इकोनॉमिक ग्रोथ फॉर एन इनोवेटिव फ्यूचर' बहुत सटीक है. पीएम ने कहा कि इनोवेशन हमारे विकास का आधार बन चुका है. इसलिए, आवश्यक है कि हम इनोवेशन के लिए ब्रिक्स के अंतर्गत सहयोग मज़बूत करें. ब्राजील ने स्वयं इनोवेशन और व्यावहारिक सहयोग के लिए कई सफल कदम उठाए हैं. आने वाले सालों में भी ब्राज़ील द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर हमें कार्यरत रहना चाहिए.

पीएम ने कहा कि 10 वर्ष पहले, वित्तीय संकट और कई आर्थिक समस्याओं के समय, ब्रिक्स की शुरुआत हुई थी. 2009 में येका-तरिन-बर्ग से शुरू हुई यात्रा कई उल्लेखनीय पड़ाव पार कर चुकी है. इन सालों में ब्रिक्स देश वैश्विक आर्थिक वृद्धि के प्रमुख इंजन रहे हैं. और पूरी मानवता के विकास में हमारा योगदान रहा है. साथ ही, शांतिपूर्ण, समृद्ध और मल्टी पोलर विश्व के प्रमुख कारक के रूप में हम उभरे हैं.

व्यापार, निवेश पर ध्यान देने की जरूरत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब हमें अगले दस सालों में ब्रिक्स की दिशा, आपसी सहयोग को और प्रभावी बनाने पर विचार करना होगा. उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में सफलता के बावजूद कुछ क्षेत्रों में प्रयास बढ़ाने की काफी गुंजाइश है. ग्लोबल इकॉनमी की चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें ब्रिक्स मेकेनिज़्म और प्रॉसेस को अधिक कुशल तथा परिणाम आधारित बनाना चाहिए. हमें आपसी व्यापार और निवेश पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ट्रेड प्रमोशन एजेंसीज के बीच समझौता हमारे बीच 500 बिलियन डॉलर के ट्रेड टारगेट को जल्द हासिल करने में मदद करेगा.



उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत में हमने ‘Fit India Movement’ शुरू किया है. मैं चाहता हूं कि फिटनेस और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारे बीच संपर्क और आदान-प्रदान बढ़े. स्वास्थ्य के क्षेत्र में ट्रेडिशनल नॉलेज हम पांचों देशों में है. इसे परस्पर मान्यता देकर और इस क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाकर हम हज़ारों सालों से संभाली इस विद्या का फायदा पूरी मानवता तक पहुंचा सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस विषय में ब्रिक्स देशों के बीच एक MoU करने का सुझाव भी मैं देना चाहूंगा.

भारत में बढ़ी महिलाओं की सहभागिता
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में पिछले पांच सालों में हर क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता बढ़ी है. पिछले चुनाव में महिला मतदाता पहली बार पुरुषों की संख्या के बराबर रहीं. और अब तक सबसे अधिक संख्या में महिला उम्मीदवार विजयी भी हुईं. हमारे स्थानीय स्वशासन में चुनी हुई महिला नेताओं की संख्या करीबन 14 लाख से ज्यादा है. मेटर्निटी लीव हो या वेतन में अंतर को कम करना, महिला उद्यमिता और सशक्तिकरण के लिए पिछले पांच सालों में हमने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं.



प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे देश हर क्लाइमेट जोन को कवर करते हैं. बाढ़ग्रस्त इलाके हों या सूखा-पीड़ित क्षेत्र, बर्फीले क्षेत्र हों या रेगिस्तान, भूकंर जोन, वगैरह हमारे देशों में मौजूद हैं. शहरी क्षेत्रों में स्थायी जल प्रबंधन और स्वच्छता महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं. मैं भारत में ब्रिक्स जल मंत्रियों की पहली बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव करता हूं.

पीएम ने कहा यूएन, WTO, वर्ल्ड बैंक और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को मजबूत बनाने और उनमें सुधार लाने के लिए हमें सामूहिक रणनीति बनानी चाहिए.

विश्व युद्ध के खतरे हुए कम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विश्व-युद्ध जैसे खतरों से मानवता दूर आई है. लेकिन विकास और सुख-शांति के लिए आतंकवाद सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरा है. दस सालों में आतंकवाद के हाथों सवा दो लाख लोगों की जान गई और समाज को गहरी क्षति हुई. इसके अलावा, विभिन्न अनुमानों के अनुसार एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान विश्व की अर्थ-व्यवस्था को हुआ. और विकासशील देशों की इकोनॉमिक ग्रोथ को 1.5 प्रतिशत तक कम किया है.



पीएम मोदी ने कहा कि हमारे बीच बढ़ते संबंध हमारी साझेदारी को ऊर्जा देंगे. इस संबंध में मैं कुछ सुझाव देना चाहता हूं. ब्रिक्स देशों के बीच यूथ समिट का आयोजन करना चाहिए. इसमें स्टार्टअप, हेकेथॉन, स्पोर्ट्स, क्रिएटिविटी जैसी गतिविधियों में बड़ी संख्या में पांचों देशों के युवा हिस्सा लें. भारत में ब्रिक्स देशों के विद्यार्थियों को ब्रिक्स से संबन्धित विषयों पर अध्ययन के लिए हर साल इंटर्नशिप और फैलोशिप दी जायेंगी. हमारे देशों के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने पर भी हमें विचार करना चाहिए. भारत को इस बारे में पहल करके खुशी होगी.

आपसी संबंध बढ़ाने के लिए फिल्म्स जरूरी
फिल्म्स हमारे लोग के बीच संबंधों को बढ़ाने का महत्वपूर्ण जरिया हो सकती हैं. भारत में कई भाषाओं में, और विश्व में सबसे ज़्यादा फिल्में बनती हैं. भारत अगले वर्ष मार्च में मुंबई में ब्रिक्स फिल्म टेक्नोलॉजी सिम्पोजियम आयोजित करेगा. मुझे ख़ुशी है कि हमारे देश वीजा, आदि की व्यवस्थाओं में सुगमता ला रहे हैं. मैं राष्ट्रपति बोल्सोनारो द्वारा भारतीयों के लिए ब्राज़ील में वीजा फ्री एंट्री की घोषणा का स्वागत करता हूं. वीजा, सोशल सिक्योरिटी अग्रीमेंट और क्वालिफिकेशन के म्यूचुअल रिकॉग्निशन से हम पांच देशों के लोगों को परस्पर यात्रा और काम के लिए और अनुकूल माहौल मिलेगा.

अंत में, राष्ट्रपति बोल्सोनारो को उत्कृष्ट व्यवस्था और ब्रिक्स के प्रभावशाली नेतृत्व के लिए एक बार फिर हार्दिक बधाई देना चाहूंगा. आने वाले वर्ष के लिए ब्रिक्स के अध्यक्ष रूस को भी मैं बधाई और भारत के पूरे समर्थन का आश्वासन देता हूं.

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First published: November 14, 2019, 9:49 PM IST
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