पीएम मोदी ने इस रणनीति से दुनिया भर में PAK को किया किनारे, खाड़ी देशों ने भी नहीं दिया साथ

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Updated: August 20, 2019, 5:46 PM IST
पीएम मोदी ने इस रणनीति से दुनिया भर में PAK को किया किनारे, खाड़ी देशों ने भी नहीं दिया साथ
पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के जबरदस्त अंतरराष्ट्रीय संबंधों ने पाकिस्तान को दुनियाभर में किया अकेला (फाइल फोटो)

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अकेले नहीं हैं, जिनकी ओर से इमरान खान को कश्मीर के मुद्दे पर निराशा हाथ लगी है. सऊदी अरब जैसे सहयोगियों ने भी इस्लामाबाद को कश्मीर के मसले पर निराश किया है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) से फोन पर बातचीत की है. इस दौरान उन्हें कश्मीर (Kashmir) पर भारत के खिलाफ बयानबाजी को लेकर एहतियात बरतने को कहा है. ट्रंप ने मौजूदा हालात को 'मुश्किल' बताया और दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा.

इसके बाद से ही पाकिस्तान एक बार फिर से कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय बनाने के अपने प्रयासों में असफल सिद्ध हुआ है. लेकिन ट्रंप अकेले नहीं हैं, जिनकी ओर से इमरान खान को कश्मीर के मुद्दे पर निराशा हाथ लगी है. सऊदी अरब जैसे सहयोगियों ने भी इस्लामाबाद को कश्मीर के मसले पर निराश किया है.

सऊदी अरब जैसे पुराने सहयोगियों ने भी नहीं दिया पाकिस्तान का साथ
पाकिस्तान के साथ सऊदी अरब ने न तो इस मुद्दे पर सहानुभूति दिखाई बल्कि भारतीय कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ 15 बिलियन डॉलर की डील करके इस्लामाबाद के घावों पर नमक छिड़कने का काम भी किया है.

पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप


प्रधानमंत्री मोदी भी इस हफ्ते के आखिरी में संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) और बहरीन (Bahrain) जैसे मुस्लिम देशों की यात्रा पर जाने वाले हैं. माना जा रहा है कि इसका असर भी कश्मीर पर इन देशों के रुख पर जरूर पड़ा होगा. पीएम मोदी फ्रांस के साथ पेरिस में होने वाली बातचीत के बाद लौटते हुए इन देशों में रुकेंगे. इससे पहले वे फ्रांस के बियारिट्ज, फ्रांस में G-7 समिट में हिस्सा लेंगे. जहां वे फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रां के विशेष अतिथि के तौर पर रहेंगे. दरअसल माना तो यह भी जा रहा है कि यहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ भी उनकी विभिन्न मुद्दों पर अनौपचारिक बातचीत होगी.

भारत की अंतरराष्ट्रीय मजबूती बनी है पाकिस्तान को दरकिनार किए जाने की वजह
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भारत के ऐसे बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय दोस्ताने ने (खासकर खाड़ी और मुस्लिम देशों के साथ) पाकिस्तान के कश्मीर पर किए जा रहे प्रयासों को निष्क्रिय कर दिया है. साथ ही पाकिस्तान की ओर से पीएम मोदी की छवि को इस्लामोफोबिक बताने के झूठ की पोल भी खोल दी है. बल्कि यूएई (UAE) में पीएम मोदी को ऑर्डर ऑफ जाएद से भी सम्मानित किया जाना है, जो वहां का सबसे बड़ा सम्मान है. इसकी घोषणा इसी साल अप्रैल में की गई थी. पीएम मोदी को यह सम्मान दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊचाईयां लेने के लिए दिया जाना है. यह अवॉर्ड शेख जाएद बिन सुल्तान अल नह्यान के नाम पर दिया जाता है.

पाकिस्तानी पीएम इमरान को ट्रंप ने कश्मीर पर संयम बरतने की नसीहत दी है.


पीएम मोदी का राजपरिवार से साथ डिनर का भी है कार्यक्रम
उन्हें यूएई का संस्थापक-राष्ट्रपति कहा जाता है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पिछले साल यह अवॉर्ड दिया गया था. उनके साथ-साथ यह अवॉर्ड इथोपिया और इरिट्रिया के राष्ट्राध्यक्षों को भी दिया गया था. बहरीन में, अल खलीफा राज परिवार सत्ता में है. इसने भारतीय प्रधानमंत्री के लिए डिनर का आयोजन भी किया है. वहां पर मनामा में बनाए जा रहे श्रीनाथ जी (श्रीकृष्ण) के मंदिर के उद्घाटन में भी प्रधानमंत्री मौजूद रहेंगे और वे यहां लंच में भी हिस्सा लेंगे.

अमेरिकी अख़बार भी कर रहे हैं पाकिस्तान की आलोचना
यही कारण हैं कि इमरान खान के दुनिया भर के मुस्लिम देशों से समर्थन की मांग करने के बाद भी कश्मीर का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं बन सका और उसके पुराने सहयोगी रहे सऊदी अरब (Saudi Arabia) जैसे खाड़ी देशों ने भी इस मुद्दे पर उसकी मांगों को दरकिनार कर दिया. न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे अख़बार भी पाकिस्तान की इन मुद्दों पर आलोचना कर रहे हैं. उसने लिखा कि इमरान खान अपने गिरती अर्थव्यवस्था जैसे घरेलू मुद्दों और दूर होते अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के मुद्दे पर चुप हैं और छोड़कर कश्मीर के मुद्दे पर शोर मचा रहे हैं.

सिर्फ चीन बचा है पाक का सहयोगी, बाकी सबने किया किनारा
अब यह सामने आ चुका है कि पिछली हफ्ते जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (UNSC) में कश्मीर पर हुई बातचीत में केवल चीन, पाकिस्तान के पक्ष में था. इसमें शामिल बाकी सारे 14 देशों में से किसी ने भी चीन का साथ नहीं दिया था. केवल ब्रिटेन के चीन का साथ देने की ख़बरें सामने आईं थीं, जिनके बारे में बाद में पता चला था कि वे झूठी हैं.

यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप की इमरान खान को फटकार, कहा- कश्मीर पर जुबान संभाल के

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First published: August 20, 2019, 5:05 PM IST
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