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भारत-चीन सीमा विवाद के बाद आज पहली बार आमने-सामने होंगे मोदी-जिनपिंग

भारत-चीन सीमा विवाद के बाद आज पहली बार आमने-सामने होंगे मोदी-जिनपिंग

आज आमने-सामने होंगे मोदी-जिनपिंग

आज आमने-सामने होंगे मोदी-जिनपिंग

SCO summit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अध्यक्षता में हो रही शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन की समिट में आज (मंगलवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) हिस्सा लेंगे. इस समिट में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan PM Imran Khan) भी मौजूद रहेंगे.

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    नई दिल्ली/बीजिंग. भारत-चीन (India-China Standoff) के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख के गलवान वैली में हुए हिंसक संघर्ष और पैंगोग लेक तनाव के बाद मंगलवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन (SCO summit) के वर्चुअल सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. मई में पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल पर तनाव शुरू होने के बाद ये पहली बार है जब दोनों नेता आमने-सामने होंगे. इस सम्मेलन की अध्यक्षता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कर रहे हैं. इस मीटिंग में पाकिस्तानी पीएम इमरान खान भी मौजूद रहेंगे.

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस महीने मोदी छह सम्मेलनों में हिस्सा लेने वाले हैं. एससीओ सम्मेलन के बाद नवंबर के मध्य में मोदी वियतनाम द्वारा आयोजित ईस्ट एशिया और आसियान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. 17 नवंबर को मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अध्यक्षता में ब्रिक्स सम्मेलन में शिरकत करेंगे जिसके बाद 21-22 नवंबर को वो सऊदी अरब द्वारा आयोजित जी-10 देशों के सम्मेलन में शामिल होंगे. महीने के आख़िर में 30 नवंबर को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष मोदी की अध्यक्षता में होने वाली एक बैठक में हिस्सा लेंगे.

    18 बार हुई है मोदी-जिनपिंग की मुलाक़ात
    बता दें कि बीते छह सालों में मोदी और शी जिनपिंग की 18 बार मुलाक़ातें हुई हैं. आख़िरी बार दोनों की मुलाक़ात सऊदी अरब द्वारा आयोजित जी-20 देशों के सम्मेलन में हुई थी. जानकारों के मुताबिक चीन के आक्रामक रवैये के बीच इन सम्मेलनों के ज़रिए भारत को ख़ुद विश्व के सप्लाई चेन में एक अहम सदस्य के तौर पर पेश करने का मौक़ा मिलेगा. कोरोना महामारी के दौर में ये सभी सम्मेलन ऑनलाइन आयोजित किए जाएंगे. सीमा पर तनाव को लेकर दोनों देशों का कड़ा रुख़ रहा है और ऐसे में इस बात की कम ही संभावना है कि दोनों नेताओं के बीच सीमा को लेकर कोई बात हो.



    सामान्य तौर पर आयोजित किए गए सम्मेलनों में नेता सम्मेलन से अलग मुलाक़ात करते हैं और अलग-अलग मुद्दों पर बात करते हैं, लेकिन वर्चुअल बैठकों में ये संभावना लगभग न के बराबर होती है. साल 2017 में तीन महीने लंबा चला डोकलाम विवाद सितंबर 2017 में शियामेन में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन से पहले सुलझ गया था. साल 2014 का चूमर सीमा विवाद भी उस वक्त सुलझा था जब चीनी राष्ट्रपति अहमदाबाद के दौरे पर रहे थे. इस दौरान मोदी ने उनसे बात की थी. इस बार सैन्य कमांडरों के बीच आठ दौर की बातचीत, राजनयिकों के बीच छह दौर की बातचीत और दोनों देशों के रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और विदेश मंत्रियों के बीच फेस-टू-फेस एक बार बातचीत हुई है, लेकिन अब तक डिसइन्गेजमेंट और डीएस्केलेशन का संकेत नहीं दिखे है.

    Tags: China border crisis, India china border dispute, India china border news, Modi government, Xi jinping

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