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पाक सेना का क्रूर चेहरा : कोरोना मरीजों को जबरन भेज रही PoK और गिलगित

News18Hindi
Updated: March 27, 2020, 12:04 PM IST
पाक सेना का क्रूर चेहरा : कोरोना मरीजों को जबरन भेज रही PoK और गिलगित
स्‍थानीय लोगोंं का कहना है कि सेना की इस कार्रवाई से यहां के हालात और खराब हो सकते हैं. फाइल फोटो

सेना के शीर्ष अधिकारियों की ओर से एक आदेश में कहा गया है कि इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि कोई भी क्वारंटाइन केंद्र सैन्य परिसरों के पास न हो.

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  • Last Updated: March 27, 2020, 12:04 PM IST
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इस्‍लामाबाद. पाकिस्‍तान (Pakistan) में कोरोना वायरस (Coronavirus) तेजी से फैल रहा है. इसको देखते हुए पाकिस्तानी सेना ने पीओके (POK) और गिलगित बाल्टिस्तान में कोरोना वायरस (COVID-19) के पॉजिटिव मरीजों को जबरन स्‍थानांतरित करना शुरू कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक पंजाब प्रांत के कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज करने के लिए मीरपुर और अन्य प्रमुख शहरों में क्वारंटाइन केंद्र स्थापित किए गए हैं.

सेना के शीर्ष अधिकारियों की ओर से एक आदेश में कहा गया है कि इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि कोई भी क्वारंटाइन केंद्र सैन्य परिसरों के पास न हो. यही वजह है कि मीरपुर शहर और गिलगित बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) के अन्य हिस्सों में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस के मरीजों को स्थानांतरित किया जा रहा है. वहीं सेना के जबरन स्‍थानांतरित किए जाने के विरोध में स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. उनका कहना है कि इस क्षेत्र में पहले से ही बुनियादी सुविधाओं और चिकित्सा कर्मचारियों की कमी है. ऐसे में सेना की इस कार्रवाई से यहां के हालात और खराब हो सकते हैं. वहीं पीओके के लोगों को डर है कि अगर उनके क्षेत्र में इलाज के लिए यह केंद्र बनाए जाते हैं, तो महामारी पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लेगी और कश्मीरी लोगों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा.

लोग कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की आशंका से चिंतित
हालांकि पाकिस्तान सेना के शीर्ष अधिकारी इस बात से बिल्‍कुल भी चिंतित नहीं हैं. इसकी वजह यह हो सकती है कि पंजाब प्रांत की तुलना में पीओके और गिलगित बाल्टिस्तान का पाकिस्तान के लिए कोई राजनीतिक महत्व नहीं है. वहीं मुजफ्फराबाद के लोग महामारी फैलने की आशंका से डरे हुए हैं. ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि इस क्षेत्र में मामूली बीमारियों से निपटने के लिए कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं है. स्‍थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना केवल पंजाब के बारे में सोचती है.



मुजफ्फराबाद के एक व्यापारी जाफर इस्माइल ने कहा कि पाकिस्तानी सेना केवल पंजाब के बारे में सोचती है और वे पंजाब को इस कोरोना वायरस से मुक्त रखना चाहते हैं. वे कश्मीर और गिलगित को पाकिस्तान का कूड़ाघर मानते हैं. वहीं पीओके के एक राजनीतिक कार्यकर्ता डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने कहा कि एक तरफ हम कोरोना वायरस की वजह से दूरी बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं और दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार का यह कदम लोगों को इसके खिलाफ इकट्ठा होने और प्रदर्शन करने पर मजबूर कर रहा है. देश को सेना को सौंप दिया है. गौरतलब है कि पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 1193 मामले सामने आ चुके हैं और 9 लोगों की मौत हो चुकी है. देश में सबसे ज्‍यादा मामले सिंध प्रांत से सामने आए हैं.

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First published: March 27, 2020, 11:38 AM IST
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