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PoK की सरकार और चीन में 700 मेगावॉट की पनबिजली परियोजना के लिए हुआ समझौता

इमरान खान और शी जिनपिंग (तस्वीर-News18.com)
इमरान खान और शी जिनपिंग (तस्वीर-News18.com)

PoK and China agreements: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की सरकार ने चीन के साथ 700 मेगावाट क्षमता की पनबिजली परियोजना के लिए होने वाले समझौते पर सहमति दे दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2020, 1:53 PM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की सरकार ने 1.35 अरब डॉलर की अनुमानित लागत से 700 मेगावाट क्षमता की पनबिजली परियोजना के निर्माण के लिए चीन की कंपनी और स्थानीय नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी से करार किए हैं. यह परियोजना महत्वाकांक्षी चीन- पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) का हिस्सा है. चीन (China) के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही (General Wei Fenghe) के पाकिस्तान दौरे के अगले ही दिन इसका ऐलान किया गया है.

डॉन के मुताबिक चीन की गेझोउबा समूह और स्थानीय साझेदार 'लारैब ग्रुप पाकिस्तान' पीओके के सुधनोती जिले में झेलम नदी पर प्रस्तावित ‘आजाद पट्टन हाड्रोपॉवर प्रोजेक्ट’ के साझेदार हैं. अखबार के मुताबिक परियोजना के लिए चीन विकास बैंक, चीन निर्माण बैंक, औद्योगिक और वाणिज्यिक बैंक चीन और बैंक ऑफ चाइना का समूह वित्त मुहैया कराएगा. खबर के मुताबिक परियोजना को लागू करने और परियोजना में जल इस्तेमाल के समझौते पर पीओके ऊर्जा सचिव जफर महमूद खान, आजाद पट्टन पॉवर प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ली शियोतो ने मंगलवार को दस्तखत किए. गौरतलब है कि सीपीईसी के तहत चीन पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को शिनजियांत प्रांत से जोड़ा जा रहा है और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की यह महत्वकांक्षी परियोजना है.

भारत ने जताई है कड़ी आपत्ति
भारत ने सीईपीईसी के पीओके से गुरने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. विदेश मंत्रालय ने इस साल कहा था कि पाकिस्तान को बता दिया गया है कि गिलगित-बल्तिस्तान सहित पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है और उसे (पाकिस्तान को) गैर कानूनी तरीके से कब्जा किए गए क्षेत्र को तुरंत खाली कर देना चाहिए. उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार गिलगित बल्तिस्तान को अस्थाई तौर पर प्रांत का दर्जा देने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम करेगी. खान गिलगित बल्सिस्तान की 14 सदस्य कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए विवादित क्षेत्र पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने उक्त टिप्पणी की.



इमरान ने कहा कि पहले, हम क्षेत्र को अस्थाई तौर पर प्रांत का दर्जा देने पर काम करेंगे ताकि (लोगों के बीच) प्रचलित महरूम रखने की भावना को खत्म किया जा सके. भारत ने गिलगित बल्तिस्तान में चुनाव कराने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की थी और कहा था कि सैन्य ताकत से कब्जा किए गए इलाके के दर्जे में बदलाव का कोई वैध आधार नहीं है. भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि गिलगित बल्तिस्तान समेत जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख का सारा क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है. गिलगित बल्तिस्तान की 23 सदस्यीय विधानसभा के लिए 15 नवंबर को चुनाव हुआ था. एक सीट पर उम्मीदवार की मौत के कारण मतदान टाल दिया गया था. खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने ज्यादातर सीटों पर जीत हासिल की है. खान ने उम्मीद जाहिर की है कि गिलगित बल्तिस्तान की नई हुकूमत नई परंपरा शुरू करेगी और शासन की व्यवस्था को नए मानक प्रदान करेगी.
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