नेपाल में फिर राजनीतिक संकट गहराया, PM ओली से मिलीं चीनी राजदूत यांकी

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मिलीं चीनी राजदूत
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मिलीं चीनी राजदूत

Nepal Political Crisis: नेपाल में राजनीतिक संकट गहराने के बाद मंगलवार को चीनी राजदूत हाओ यांकी ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मुलाक़ात की. जानकारों के मुताबिक भारत के साथ सीमा पर तनाव के बीच चीन नहीं चाहता कि नेपाल में सरकार गिरे और ओली जैसे सहयोगी से उन्हें मदद मिलनी बंद हो जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 18, 2020, 2:16 PM IST
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काठमांडू. नेपाल (Nepal) में सत्तारूढ़ पार्टी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) में एक बार फिर सत्ता संघर्ष शुरू हो गया है. इसी बीच नेपाल में चीनी राजदूत हाओ यांकी (Hou yanqi) ने मंगलवार देर शाम प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) से मुलाकात की. दोनों के बीच लगभग दो घंटे तक बातचीत हुई. पीएम आवास और सचिवालय के अंदर के सूत्रों ने इस मुलाकात की पुष्टि की है. जुलाई में भी एनसीपी में फूट पड़ गई थी. माना जाता है कि तब यांकी ने ही प्रधानमंत्री ओली के विरोधी पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड को मनाया था और सरकार गिरने से बच गई थी.

मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री के ऑफिस और सेक्रेटेरिएट ने माना कि यांकी मंगलवार शाम प्रधानमंत्री ओली के ऑफिशियल रेसिडेंस गईं थीं और उनसे वहां दो घंटे बातचीत की. इस अधिकारी ने यह बताने से इनकार कर दिया कि मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा हुई. हालांकि, माना ये जा रहा है कि बुधवार को होने वाली एनसीपी मीटिंग में पीएम से फिर इस्तीफा मांगा जाएगा और चीन नहीं चाहता कि इस नाजुक मौके पर ओली सरकार गिरे. ओली चीन समर्थक नीतियों के लिए पार्टी में ही निशाने पर रहे हैं. सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर बुधवार दोपहर को होने वाली सचिवालय की बैठक को लेकर मतभेद बढ़ गया है.

चीन फिर से आया दखल देने
ओली ने बैठक को स्थगित करने के लिए सह-अध्यक्ष पुष्प कमल दहल को एक प्रस्ताव भेजा है, जबकि दहल दोपहर बाद बैठक के आयोजन पर अडिग हैं. एनसीपी के नौ सदस्यीय सचिवालय में से पांच सदस्य दहल , माधव नेपाल, झाल नाथ खनाल, बामदेव गौतम, और नारायण काजी श्रेष्ठ बैठक के लिए दबाव डाल रहे हैं. इस बीच, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ बिष्णु पोडेल, ईश्वर पोकेल और राम बहादुर थापा बैठक को स्थगित करना चाहते हैं. माना जा रहा है कि ओली और प्रचंड के मतभेदों के चलते एनसीपी टूट सकती है. ज्यादातर नेता प्रचंड के साथ हैं. वे चाहते हैं कि ओली पीएम या पार्टी चेयरमैन में से कोई एक पद फौरन छोड़ें. ओली इसके लिए तैयार नहीं हैं। पीएम हाउस के एक सूत्र ने कहा- यांकी चाहती हैं कि एनसीपी में फूट न पड़े. इसके लिए वे कोशिश कर रही हैं.
बुधवार को अहम कैबिनेट बैठक


बुधवार को प्रचंड और ओली की मौजूदगी में पार्टी की कोर कमेटी की मीटिंग होगी. इसमें कुल 9 मेंबर्स हैं. 6 प्रचंड समर्थक हैं जबकि 3 ओली के पाले में हैं. प्रधानमंत्री जुलाई की तरह इस मीटिंग को फिर टालने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से भी मुलाकात की है. इस मीटिंग से पहले वे कैबिनेट से भी मुलाकात करेंगे. हालांकि, इस बार मीटिंग के टलने की संभावना कम है. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है.



कैबिनेट के एक मंत्री ने कहा, 'मुझे कैबिनेट बैठक में भाग लेने के लिए आज दोपहर एक बजे से पहले पीएम आवास पहुंचने की सूचना दी गई है. यह बैठक सोमवार को नहीं बुलाई जा सकी थी. इसलिए यह आज बुलाई गई है.' ओली ने सचिवालय की बैठक को रद कराने के लिए बिष्णु पोडेल को दहल के पास भेजा था. सचिवालय की बैठक के पिछले दौर में, दहल ने एक दस्तावेज पेश किया था. उन्होंने ओली की गतिविधियों को 'अक्षम्य' करार दिया था और उन्हें पद के लिए अनुपयुक्त करार देते हुए उनके इस्तीफे की मांग की थी.
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