क्वाड की मीटिंग में जापान जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पियो, चीन की घबराहट बढ़ी

क्वाड की मीटिंग में शामिल होंगे माइक पोम्पियो
क्वाड की मीटिंग में शामिल होंगे माइक पोम्पियो

Mike Pompeo will participate in QUAD: चीन के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व में बन रहे आस्ट्रेलिया (Australaia), भारत और जापान (Japan) के संगठन QUAD की मीटिंग के लिए विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी जापान जाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 5, 2020, 5:00 PM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) आस्ट्रेलिया (Australaia), भारत और जापान (Japan) के विदेश मंत्रियों के साथ होने वाली दूसरी क्वाड (QUAD meeting) की मीटिंग में भाग लेने जापान जाएंगे. भारत, आस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका (US) के बीच दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक छह अक्टूबर को तोक्यो में होगी, जिसमें इन देशों के विदेश मंत्री कोविड-19 संकट के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक महामारी के साथ पैदा होने वाली विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित कदमों की आवश्यकता पर चर्चा करेंगे. भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) इस मीटिंग में हिस्सा लेंगे.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ओर्तागस ने मंगलवार को कहा, 'विदेश मंत्री पोम्पिओ ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान के विदेश मंत्रियों की छह अक्टूबर को होने वाली दूसरी चतुष्पदीय बैठक में हिस्सा लेंगे.' पोम्पिओ चार अक्टूबर से आठ अक्टूबर तक एशिया के दौरे के तहत उलनबटोर और सियोल की भी यात्रा करेंगे. उन्होंने कहा कि वह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के लिए सात अक्टूबर को उलनबटोर जाएंगे और सात एवं आठ अक्टूबर को सियोल जाएंगे. विदेश मंत्री एस जयशंकर चतुष्कोणीय मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए छह और सात अक्टूबर को तोक्यो जाएंगे. वह द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए अपने जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोतेगी के साथ बातचीत करेंगे.

चीन के आक्रामक रवैये के खिलाफ बनेगी रणनीति
यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के सैन्य ताकत दिखाने को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं की पृष्ठभूमि में होगी. इससे पहले, चतुष्कोणीय बैठक के तहत चारों देशों के विदेश मंत्रियों की पहली मुलाकात सितंबर 2019 को न्यूयॉर्क में हुई थी. अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत को अधिक बड़ी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है. कई देशों का मानना है कि अमेरिका क्षेत्र में चीन की बढ़ती ताकत को काबू करने के लिए ऐसा कर रहा है.
भारत ने मालदीव को डोर्नियर विमान दिया


उधर चीन के प्रभाव को ख़त्म करने के लिए भारत भी लागातार कदम उठा रहा है. इसी क्रम में भारत ने मालदीव को एक डोर्नियर विमान उपलब्ध कराया है जिससे कि द्वीप देश अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र की निगरानी में मजबूती ला सके और समुद्री आतंकवादियों पर नजर रख सके. सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि इस विमान का परिचालन मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (एमडीएनएफ) द्वारा किया जाएगा. डोर्नियर का और इसका परिचालन खर्च भारत द्वारा वहन किया जाएगा.



मालदीव के तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने 2016 में अपनी भारत यात्रा के दौरान अपने देश के लिए डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान की आवश्यकता व्यक्त की थी. सूत्रों ने बताया कि विमान के परिचालन के लिए भारतीय नौसेना मालदीव के पायलटों और निगरानी कर्मियों तथा इंजीनियरों सहित सात सैन्यकर्मियों को प्रशिक्षण दे रही है. इस संबंध में एक सूत्र ने कहा, 'विमान का इस्तेमाल मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध रूप से मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी किया जाएगा. भारत मादक पदार्थ तस्करों की गतिविधियों के बारे में मालदीव के साथ नियमित तौर पर सूचना साझा करता रहा है.' सूत्रों ने बताया कि विमान द्वीप देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र पर भारत और मालदीव की जारी संयुक्त निगरानी में भी मदद करेगा.
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