पोप फ्रांसिस ने सभी बिशप को किया तलब

पोप फ्रांसिस ने दुनियाभर के सभी बिशप्स के अध्यक्षों को अगले साल फरवरी में होने वाले सम्मेलन में तलब किया है. इस सम्मेलन में पादरियों के यौन दुर्व्यवहार और बच्चों की सुरक्षा पर चर्चा होगी.

भाषा
Updated: September 12, 2018, 11:25 PM IST
पोप फ्रांसिस ने सभी बिशप को किया तलब
पोप फ्रांसिस ने सभी बिशप को किया तलब (image credit: AP)
भाषा
Updated: September 12, 2018, 11:25 PM IST
पोप फ्रांसिस ने दुनियाभर के सभी बिशप्स के अध्यक्षों को अगले साल फरवरी में होने वाले सम्मेलन में तलब किया है. इस सम्मेलन में पादरियों के यौन दुर्व्यवहार और बच्चों की सुरक्षा पर चर्चा होगी. पोप के इस कदम को लेकर कहा जा रहा है कि उन्हें ये महसूस हुआ है कि ये अनैतिक आचरण वैश्विक स्तर पर हो रहा है और अगर इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो ये उनकी विरासत को कमतर करेगा.

फ्रांसिस के प्रमुख कार्डिनल सलाहकारों ने बुधवार को इस फैसले की घोषणा की. इसके एक दिन बाद पोप फ्रांसिस अमेरिकी कैथलिक चर्च के नेताओं से मुलाकात करेंगे. अमेरिका के कैथोलिक चर्च के नेताओं की छवि को दशकों से चर्च में चल रहे यौन अपराध के आरोपों और उसे ढकने की कोशिश के हालिया प्रकरण से धक्का लगा है.

फरवरी 21 से 24 के बीच वेटिकन में होने वाला सम्मलेन अपनी तरह का पहला सम्मेलन माना जा रहा है. वेटिकन ने आर्कबिशप कार्लो मारिया विगेनो पर लगे आरोपों का जवाब नहीं दिया, लेकिन उन्होंने स्पष्टीकरण का वादा किया जो शायद गुरुवार को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ फ्रांसिस की बैठक के बाद कुछ समय बाद आएगा.

वेटिकन ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकन कॉन्फ्रेंस ऑफ कैथलिक बिशप्स के अध्यक्ष कार्डिनल डेनियल डिनार्डो इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे. पोप फ्रांसिस के शीर्ष यौन दुर्व्यवहार सलाहकार कार्डिनल सीन ओ मैली भी शामिल होंगे.

गौरतलब है कि आर्चबिशप कार्लो मारिया विगानो ने पिछले महीने ये कहकर सनसनी मचा दी थी कि फ्रांसिस ने अमेरिकी कार्डिनल टी मैककैरिक के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों की व्यक्तिगत तौर पर पांच वर्षों तक अनदेखी की.

इसी के साथ विगानो ने पोप से पद से हटने की भी मांग की. विगानो वॉशिंगटन में वैटिकन के राजदूत रह चुके हैं. वहीं फ्रांसिस ने आरोपों पर अब तक कुछ भी कहने से इनकार किया है.

वैटिकन ने गुरुवार को होने वाली बैठक का ब्योरा नहीं दिया, लेकिन डिनार्डो ने 27 अगस्त को कहा था कि विगानो की ओर से उठाए गए प्रश्नों का निर्णायक और साक्ष्यों पर आधारित उत्तर ज़रूरी है.
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बता दें कि जर्मनी में एक कैथोलिक चर्च के अंदर यौन उत्पीड़न पर एक रिपोर्ट में वर्ष 1946 से 2014 के बीच के इस तरह के 3,677 मामलों का ब्योरा दिया गया है. जर्मनी के दो मीडिया संस्थानों ने बुधवार को ये दावा किया.

स्पीजेल ऑनलाइन और डाई जेत ने कहा है कि आधे से अधिक पीड़ित 13 साल से या इससे कम उम्र की हैं और ज्यादातर लड़के हैं. दोनों साप्ताहिक ने बताया है कि हर छठा मामला बलात्कार का है और कम से कम 1670 धर्मगुरू इसमें शमिल थे.
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