पोप ने पूरी दुनिया को दिया टास्क- 14 मई को सभी धर्मों के लोग मिलकर प्रार्थना करें

पोप फ्रांसिस ने कहा है कि कोरोना वायरस की वजह से लोगों को निराशावादी बनने से बचाना होगा.
पोप फ्रांसिस ने कहा है कि कोरोना वायरस की वजह से लोगों को निराशावादी बनने से बचाना होगा.

पोप (Pope Francis) ने सभी धर्म के लोगों से कहा है कि वो 14 मई को एकसाथ आकर ईश्वर के सामने प्रार्थना करें.

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रोम: पोप फ्रांसिस (Pope Francis) ने पूरी दुनिया की वैज्ञानिक बिरादरी से कहा है कि वो कोरोना (Coronavirus) से निपटने में सभी देशों की मदद करें. उन्होंने कहा है कि कोरोना की वैक्सीन (vaccine) दुनियाभर के सभी देशों में बांटी जानी चाहिए.

रॉयटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक पोप फ्रांसिस ने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों से कहा है कि सभी मिलकर वैक्सीन बनाने में सहयोग करें और अगर वैक्सीन बनाने में कामयाबी मिल जाती है तो इसे पूरी दुनिया के देशों के साथ शेयर किया जाए.

पोप ने कहा है इस वक्त वैज्ञानिक काबिलियत का एकजुट होना जरूरी है. सभी लोग मिलकर पारदर्शी और बिना पक्षपात के वैक्सीन बनाने में सहयोग करें. पोप फ्रांसिस हर रविवार को वेटिकसन सिटी में दिए जाने वाले प्रवचन के दौरान बोल रहे थे. इस बार वो पापल लाइब्रेरी से बोल रहे थे. इटली में लगे लॉकडाउन की वजह से उन्हें ऐसा करना पड़ा.



पोप ने 14 मई को सभी धर्मों के लोगों को साथ आकर प्रार्थना करने को कहा
पोप ने कहा कि इस वक्त सबसे जरूरी है सबसे जरूरी टेक्नोलॉजी की पहुंचन हर देश तक हो और इसकी गारंटी दी जाए. इस दुनिया किसी भी इलाके के, किसी भी संक्रमित मरीज को पूरा ट्रीटमेंट हासिल करने का अधिकार है.

पोप ने एक प्रपोपल भी दिया है. उन्होंने सभी धर्मों के ग्रुप से एक दिन मिलकर प्रार्थना करने को कहा है. इसके लिए एक इंटर रिलिजियस ग्रुप बनाया जाएगा, जिसे हाइअर कमिटी ऑन ह्यूमन फैटरनिटी फॉर एन इंटरनेशन डे का नाम दिया जाएगा. पोप ने कहा है कि सभी लोग 14 मई उपवास रखें, ईश्वर से प्रार्थना करें कि वो मानव जाति को इस महामारी से बचने में सहायता प्रदान करें.

इसके पहले पोप ने कहा था- कुदरत से छेड़छाड़ का जवाब है कोरोना
इसके पहले पोप फ्रांसिस ने कहा था कि कोरोना की महामारी पर्यावरण के साथ किए मानवीय छेड़छाड़ पर कुदरत का दिया जवाब हो सकता है. कुदरत ने पर्यावरण संकट पर अपने तरीके से जवाब दिया है. पोप फ्रांसिस ने एक ईमेल से दिए इंटरव्यू में ये बातें कही थीं. पोप फ्रांसिस का इंटरव्यू कॉमनवेल्थ मैगजीन में छपा था.

अप्रैल के शुरुआती दिनों में दिए इंटरव्यू में पोप ने कहा था कि इस महामारी ने हमें एक अवसर प्रदान किया है कि हम अपने उत्पादन और खपत को धीमा करें. हम कुदरत को समझें और उसी के मुताबिक व्यवहार करें. पोप ने कहा- ‘हमने आंशिक तबाही पर कोई जवाब नहीं दिया. अब आस्ट्रेलिया की आग पर कौन बात करता है. आपको याद है कि 18 महीने पहले नॉर्थ पोल की ग्लेशियर इतना पिघल चुका था कि उससे होकर बोट गुजर सकती थी. अब बाढ़ पर कौन बात करता है.’

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