पोप फ्रांसिस ने समलैंगिकों को भगवान के बच्चे बताया, कहा- समान अधिकार मिले

पोप फ्रांसिस ने समलैंगिकों को समान अधिकार मिलने की बात कही. फोटो: AP
पोप फ्रांसिस ने समलैंगिकों को समान अधिकार मिलने की बात कही. फोटो: AP

पोप फ्रांसिस (Pope Francis) ने कहा है कि उन्हें लगता है कि समलैंगिक जोड़ों (Same Sex Couples) को समान नागरिक अधिकार (Equals Rights) मिलने चाहिए. पोप फ्रांसिस ने यह टिप्पणी यिवजिनी अफिनेवस्की द्वारा निर्देशित एक डॉक्यूमेंट्री में की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 12:07 AM IST
  • Share this:
रोम. पोप फ्रांसिस (Pope Francis) ने कहा है कि उन्हें लगता है कि समलैंगिक जोड़ों (Same Sex Couples) को समान नागरिक अधिकार (Equals Rights) मिलने चाहिए. यिवजिनी अफिनेवस्की द्वारा निर्देशित एक डॉक्यूमेंट्री में पोप फ्रांसिस ने यह टिप्पणी की. उनकी इस टिप्पणी को जानकारों ने समलैंगिक संबंधों पर उनके द्वारा की गई अभी तक की सबसे स्पष्ट टिप्पणी है. इस डॉक्यूमेंट्री का प्रीमियर बुधवार को हुआ. इस फिल्म में उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि समलैंगिक लोगों को परिवार में रहने का अधिकार है.

'समलैंगिकों को एक परिवार में रहने का अधिकार मिले'

फिल्म में पोप फ्रांसिस ने उन्हें भगवान के बच्चे बताते हुए कहा कि उन्हें भी एक परिवार में रहने का अधिकार है. सिर्फ समलैंगिक होने के कारण किसी को भी परिवार से अलग नहीं कर देना चाहिए और न ही सिर्फ समलैंगिक होने के कारण उनका जीवन दयनीय बना दिया जाना चाहिए.



समलैंगिकों के अधिकारों की लड़ाई का मेरा समर्थन
समलैंगिक जोड़ों को नागरिक अधिकारों को देने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हमें जो बनाना है— वह एक नागरिक संघ कानून है. इस तरह से वे क़ानूनी रूप अधिकार प्राप्त कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि वे उनके अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं. जब पोप फ्रांसिस ब्यूनस आयर्स के आर्कबिशप थे और कानून में समलैंगिक विवाहों का विरोध कर रहे थे उस समय भी उन्होंने समलैंगिक जोड़ों के अधिकारों के लिए क़ानूनी संरक्षण का समर्थन किया था.

पोप फ्रांसिस के जीवन और काम से संबंधित इस फिल्म 'फ्रांसेस्को' का प्रीमियर रोम फील फेस्टिवल के एक अंग के रूप में हुआ. इस फिल्म में सिविल यूनियनों पर की गई पोप की टिप्पणियों के साथ-साथ उन्हें दो समलैंगिक पुरुषों को उनके तीन बच्चों के साथ चर्च में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हुए भी दिखाया गया है.

ये भी पढ़ें: चिली में प्रदर्शनकारी हुए हिंसक, चर्च को किया आग के हवाले, लूटपाट की 

नाईजीरिया में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने चलाई ताबड़तोड़ गोलियां, कई मरे

वर्तमान कैथोलिक मत में समलैंगिक संबंधों को पथभ्रष्ट या विकृत व्यवहार माना जाता है. 2003 में वेटिकन की सैद्धांतिक इकाई (Vatican's doctrinal body) ने आस्था मत से जुड़े समागम में कहा कि समलैंगिक व्यक्तियों के लिए हमारा सम्मान किसी भी तरह से न तो समलैंगिक व्यवहार को मंजूरी दे सकता है और न ही या समलैंगिक संघों की कानूनी मान्यता को. पोप के रूप में पोप फ्रांसिस का समलैंगिकों के संबंध में यह उनका पहला मुखर समर्थन है - और निस्संदेह चर्च के उदार विंग द्वारा इसका स्वागत किया जाएगा और परंपरावादियों द्वारा आलोचना की जाएगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज