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रमजान की प्रार्थना : ज्‍यादातर इस्‍लामिक देशों में पाबंदी, मगर पाकिस्‍तान में इजाजत

ज्‍यादातर इस्‍लामिक देशों में रमजान के मद्देनजर कहा गया है क‍ि लोग घरों में रह कर नमाज पढ़ें मगर पाक में कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है. फाइल फोटो

ज्‍यादातर इस्‍लामिक देशों में रमजान के मद्देनजर कहा गया है क‍ि लोग घरों में रह कर नमाज पढ़ें मगर पाक में कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है. फाइल फोटो

धार्मिक मामलों के केंद्रीय मंत्री नूर-उल-हक कादरी ने कहा कि वह अपने दोस्तों को घर पर तरावीह की नमाज अदा करने की सलाह देंगे.

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    लाहौर. कोरोना वायरस (Corona virus) दुनिया के लिए खतरा बन गया है. ऐसे में पवित्र महीने रमजान के मद्देनजर ज्‍यादातर मुस्लिम देश तमाम तरह की धार्मिक प्रार्थनाओं, कार्यक्रमों आदि पर रोक लगाने के फरमान जारी कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान (Pakistan) में सरकार और मौलवी जैसे इस संबंध में एक नया प्रयोग कर रहे हैं. यानी रमजान के दौरान मस्जिदों में सीमित संख्‍या में और पूरी सावधानी के साथ मस्जिदों में आने की इजाजत दे दी गई है.

    50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों समेत बीमारों के मस्जिदों में प्रवेश पर पाबंदी
    'उर्दू डॉट दुनिया न्‍यूज टीवी' की खबर के हवाले से कहा गया है कि सऊदी अरब के मजहबी विद्वानों ने दुनिया भर के मुसलमानों से रमजान के दौरान घर पर रह कर नमाज अदा करने को कहा है. मगर पाकिस्‍तान में खास शर्तों के साथ नया तजुर्बा किया जा रहा है. इस संबंध में एक टीवी कार्यक्रम में वफाक उल मदारिस के महासचिव मौलाना हनीफ जालंधरी ने कहा कि 'कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुए हालात की वजह से हमें मुश्किल हालात का सामना करना पड़ रहा है. हालात के मद्देनजर सभी धार्मिक विद्वान आपस में संपर्क कर रहे हैं, ताकि मस्जिदों के उलमा और प्रशासन सावधान रहें. वहीं कुछ शर्तों के साथ लोगों को नमाज की अनुमति दी गई है.' इसके तहत 50 साल से ज्‍यादा उम्र के लोग और बच्‍चों के अलावा वे लोग जिन्‍हें सर्दी, बुखार हो, मस्जिदों में न आएं.

    उन्‍होंने आगे कहा है कि 'जरूरी सावधानी बरतें, उपायों को अपनाएं. साथ मस्जिदों में सैनिटाइजर की व्यवस्था करना, मस्जिदों को धोना, कालीनों को हटाना, मास्‍क लगाना, घरों से वुजू करके आना एहतियात अपनाई जा रही हैं.' उन्होंने यह भी कहा कि 'अगर चंद लोग मस्जिद में तरावीह नमाज अदा करें, सबकी तरफ से इबादत पूरी हो जाएगी. इसलिए ज्‍यादातर लोग घरों में रह कर नमाज पढ़ें.'

    सऊदी अरब समेत ज्‍यादातर देशों में मस्जिद में होने वाली प्रार्थना पर रोक
    हालांकि धार्मिक मामलों के केंद्रीय मंत्री नूर-उल-हक कादरी ने कहा कि वह अपने दोस्तों को घर पर तरावीह की नमाज अदा करने की सलाह देंगे. गौरतलब है कि पाकिस्‍तान (Pakistan) में रमजान में 20 एहतियाती बिंदुओं पर सरकार और उलेमाओं के बीच सहमति बन गई है. इसके तहत कहा गया है कि मदरसों में कालीनें और दरियां नहीं बिछाई जाएंगी. क्लोरीन से साफ किए गए फर्श पर नमाज पढ़ी जाएगी. 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, बच्चों और जिन लोगों को सर्दी, खांसी होगी उनके मस्जिदों में प्रवेश करने पर पाबंदी रहेगी. इसके अलावा सऊदी अरब में भी लोगों से रमजान में घरों में रहकर तरावीह नमाज अदा करने को कहा गया है. वही इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने एडवायजरी जारी करते हुए कह चुका है कि इफ्तार की दावतों को रोकें और इस पर खर्च होने वाले पैसे से जरूरतमंदों में राशन बांटा जाए. कोरोना की रोकथाम के लिए सऊदी अरब समेत ज्यादातर मुस्लिम देशों ने भी रमजान के दौरान होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है.

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