यूएई में पानी की दिक्कत दूर करने के लिए अंटार्कटिका से आइसबर्ग लाने की तैयारी

संयुक्त अरब अमीरात के एक व्यापारी अब्दुल्ला अल्शेही ने अंटार्कटिका के दो किलोमीटर लंबे आइसबर्ग को अरब लाने की तैयारी की है.

News18Hindi
Updated: July 13, 2019, 10:44 AM IST
यूएई में पानी की दिक्कत दूर करने के लिए अंटार्कटिका से आइसबर्ग लाने की तैयारी
यूएई में पानी की दिक्कत दूर करने के लिए अंटार्कटिका से आइसबर्ग लाने की तैयारी
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Updated: July 13, 2019, 10:44 AM IST
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने पानी की दिक्कत खत्म करने का अनोखा तरीका निकाला है. संयुक्त अरब अमीरात के एक व्यापारी अब्दुल्ला अल्शेही ने अंटार्कटिका के दो किलोमीटर लंबे आइसबर्ग (हिमखंड) को खाड़ी लाने की तैयारी की है. अब्दुल्ला का कहना है कि आइसबर्ग को 9 हजार किलोमीटर दूर खाड़ी देश ले जाया जाएगा.

अब्दुल्ला के मुताबिक अगर उनका यह उपाय कामयाब रहा तो यूएई में पानी की समस्या पूरी तरह से खत्म हो सकेगी और मौसम की स्थिति में सुधार भी लाया जा सकेगा. अब्दुल्ला के मुताबिक आइसबर्ग को अंटार्कटिका से अरब लाने से यहां पर पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा. गौरतलब है कि अब्दुल्ला और उनकी टीम इस प्राजेक्ट पर पिछले छह साल से काम कर रही है. बताया जाता है कि अरब देश पहुंचने में आइसबर्ग को 10 महीने का वक्त लगेगा.



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आइसबर्ग को दक्षिण ध्रुव के हर्ड आइसलैंड से एक मेटल बेल्ट की मदद से खींचा जाएगा. इस बेल्ट को इस तरह से डिजाइन किया गया है, जिससे आइसबर्ग को किसी भी तरह का नुकसान न हो. अब्दुल्ला के मुताबिक 10 महीने की यात्रा के दौरान गर्मी के चलते आइसबर्ग 30 प्रतिशत तक खत्म हो जाएगा.

प्रोजेक्ट में 410 से 550 करोड़ रुपए तक का खर्च आएगा
अब्दुल्ला ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में 410 से 550 करोड़ रुपए तक का खर्च आएगा. इसे एक ट्रायल प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है. अगर यह ट्रायल कामयाब रहा तो इससे बड़े आइसबर्ग को अरब लाने की तैयारी होगी. इसे लाने में 1 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है.

गौरतलब है कि दुनियाभर में मौजूद खारे पानी का 15 प्रतिशत इस्तेमाल अरब देश में किया जाता है. खारे पानी को पहले शुद्ध किया जाता है उसके बाद ही इसे इस्तेमाल में लाया जाता है. अब्दुल्ला अगर अपने प्रोजेक्ट में कामयाब हो जाते हैं तो माना जा रहा है कि वहां के पांच सालों तक पानी की कोई समस्या नहीं रहेगी.
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