अमेरिका को महान बनाए रखने की कसम के साथ ट्रंप के अभियान का ज़ोरदार आगाज़

फ्लोरिडा में ओरलेंडो से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रचार अभियान की शुरुआत की. अपनी 76 मिनट की स्पीच में ट्रंप ने अपने विरोधियों पर जमकर बरसे और अमेरिका को महान बनाए रखने के लिए जनता से चार साल का वक्त मांगा.

News18Hindi
Updated: June 19, 2019, 3:51 PM IST
अमेरिका को महान बनाए रखने की कसम के साथ ट्रंप के अभियान का ज़ोरदार आगाज़
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने विरोधियों पर जमकर साधा निशाना
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Updated: June 19, 2019, 3:51 PM IST
अमेरिकी अखबार वाशिंगटन टाइम्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान के आगाज़ को प्राथमिकता के साथ प्रकाशित किया. वाशिंगटन टाइम्स ने हेडलाइंस बनाई कि - ट्रम्प ने 2020 के लॉन्च में 'अमेरिका को महान रखें' की कसम खाई और कहा कि 'हम काम खत्म करने जा रहे हैं'.

वाशिंगटन टाइम्स लिखता है कि फ्लोरिडा में ओरलेंडो से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल अमेरिकी इतिहास में निर्णायक क्षण है. अपनी 76 मिनट की स्पीच में ट्रंप अपने विरोधियों पर जमकर बरसे और अमेरिका को महान बनाए रखने के लिए जनता से चार साल का वक्त मांगा. ट्रंप के तेवरों में साल 2016 के चुनावी प्रचार की झलक दिखाई देती है.

द डॉन ने भारत, अमेरिका और इस्राइल को खतरनाक लोकतंत्र बताया

पाकिस्तान समाचार पत्र द डॉन में प्रकाशित में एक लेख में भारत, अमेरिका और इस्राइल को दुनिया का सबसे खतरनाक लोकतंत्र बताया गया है. लेख के मुताबिक, ’भारत, अमेरिका और इस्राइल भले ही कई मामलों में अलग हों लेकिन इन तीनों में एक समान बात ये है कि तीनों ही देश आंतरिक रूप से उन तमाम लोगों के लिए खतरा हैं जो यहां बसते हैं तो बाहरी रूप से अपने पड़ौसियों और अन्य देशों के लिए खतरा हैं.’ लेख ने भारत की चुनावी प्रक्रिया, चुनावी नतीजे और जनादेश पर सवाल उठाया है तो आरोप लगाया कि वोटों के जरिए धार्मिक फासीवाद ने एक धर्मनिरपेक्ष राज्य का अपहरण कर लिया है.

खास बात ये है कि भारत, इस्राइल और अमेरिका के लोकतंत्र पर सवाल उठाने वाले पाकिस्तान को खुद के यहां हुकुमत और लोकतंत्र का आइना दिखाई नहीं दिया. पाकिस्तान की जम्हूरियत में सेना-आईएसआई के दखल, दमन और दबाव की हकीकत, सिलसिले, वर्तमान और इतिहास को नज़रअंदाज़ कर पीओके और बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के दाग़ छुपाने की कोशिश की गई. द डॉन में छपे पूर्वाग्रह से ग्रसित इस लेख पर कई सवाल उठते हैं. ऐसे में पाकिस्तान लोकतंत्र की दुहाई न ही दे तो बेहतर होगा.

चाइना डेली ने की उम्मीद कि जी-20 में सुधरेंगे चीन-अमेरिका रिश्ते?

चीन के प्रमुख मीडिया संस्थानों में से एक चाइना डेली ने जी-20 देशों की शिखर वार्ता में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित मुलाकात को हेडलाइंस बनाया. चाइना डेली लिखता है कि मंगलवार को शी जिनपिंग से अमेरिकी राष्ट्रपति ने फोन पर बात की. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनकी चीनी समकक्ष शी चिनफिंग से टेलीफोन पर सकारात्मक बातचीत हुई और वे अगले सप्ताह होने वाले जी-20 सम्मेलन में बैठक करेंगे.
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ट्रंप ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच आर्थिक-व्यापारिक संबंधों की अहमियत को वाशिंगटन समझता है और उम्मीद जताता है कि मौजूदा मतभेदों को दूर करने के लिए दोनों तरफ सार्थक बातचीत होगी. साथ ही ट्रंप ने ये भी कहा कि उन्हें लगता है कि दुनिया अमेरिका और चीन को परस्पर समझौते तक पहुंचते देखना चाहती है.

चाइना डेली ने राष्ट्रपति ट्रंप के चीन के प्रति नरम तेवरों को देखते हुए इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

जापान के ओसाका में इस बार जी-20 देशों के समूह का सम्मेलन हो रहा है. दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर के चलते बढ़ते तनाव के बीच जी-20 देशों की शिखर-वार्ता एक ठहराव ला सकता है. हालांकि चीन की टेलीकॉम इक्विपमेंट कंपनी हुवावे के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध के चलते दोनों देशों के रिश्तों में तनाव तेजी से बढ़ा . हुवावे दुनिया की सबसे बड़ी दूरसंचार उपकरण निर्माता कंपनी है और अमेरिकी बाजार में इस पर बैन लगने के बाद चीन ने भी अमेरिका को चेतावनी दी थी कि वो अपनी कंपनियों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगी.

इसके अलावा चाइना डेली ने अमेरिका में चीनी छात्रों को वीज़ा मिलने में देरी को भी चिंताजनक बताया है.

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First published: June 19, 2019, 3:51 PM IST
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