अपना शहर चुनें

States

इस शख्स ने 7000 बिटकॉइन खरीदे थे लेकिन भूल गया पासवर्ड, आज कीमत है 1700 करोड़ रुपए

 7000 बिटकॉइन खरीदकर भूल गया पासवर्ड, आज कीमत है 1700 करोड़ रुपए.
7000 बिटकॉइन खरीदकर भूल गया पासवर्ड, आज कीमत है 1700 करोड़ रुपए.

Bitcoin News: अमेरिका के स्टीफन के पास डिजिटल वॉलेट में 7000 बिटकॉइन हैं जिनकी कीमत 1700 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है. हालांकि स्टीफन अपना पासवर्ड भूल चुके हिं और उसे वापस हासिल करने का कोई तरीका नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 12:44 PM IST
  • Share this:
न्यूयॉर्क. अमेरिका के सैनफ्रांसिस्को में रह रहे प्रोग्रामर स्टीफन थॉमस (Stephen Thomas) के साथ कुछ ऐसा हुआ है जिसके बारे में न तो वे किसी को ठीक से बता पा रहे हैं और न ही छुपा सकते हैं. स्टीफन ने सालों पहले 7002 आभासी मुद्रा बिटकॉइन (Bitcoin) खरीदी थी लेकिन तब इनका भाव कुछ खास नहीं था और इसलिए वे अपने डिजिटल वॉलेट का पासवर्ड भूल गए. अब इन बिटकॉइन की कीमत बढ़कर 1700 करोड़ रुपए हो चुकी है लेकिन बिना पासवर्ड स्टीफन को कुछ हासिल नहीं हो सकता.

NYT की खबर के मुताबिक उन्होंने जिस डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल किया था उसमें बिना पासवर्ड याद आए इन पैसों तक पहुंचने का कोई और रास्ता नहीं है. इस पासवर्ड से ही वे एक छोटी हार्डड्राइव खोल पाएंगे, जिसे आयरन की कहते हैं. इसमें उस वॉलेट की प्राइवेट की (अन्य पासवर्ड) है जिसमें बिटकॉइन रखे हैं. पासवर्ड याद आए तो अरबपति बन जाएंगे, क्योंकि इससे वे अपने उस डिजिटल वॉलेट को खोल सकेंगे. स्टीफन ने बिटकॉइन खरीदकर आयरन की का पासवर्ड कागज पर लिखा था. हालांकि इसी बीच बिटकॉइन के दाम गिरे और कई देशों ने इसके खिलाफ एक्शन लिया तो स्टीफन इसे भूल गए और उन्होंने वो कागज भी गुमा दिया.

कीमतें बढीं तो आई याद
स्टीफन ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि बिटकॉइन की कीमतें आसमान छू रहीं हैं तो उन्हें इस इन्वेस्टमेंट की याद आई. उन्होंने वो कागज़ ढूंढा, पासवर्ड याद करने की हर कोशिश की लेकिन अभी तक कोई फायदा नहीं मिला. बंदिश यह भी है कि वे 10 कोशिश ही कर सकते हैं. इसके बाद वॉलेट हमेशा के लिए सीज और एनक्रिप्ट हो जाएगा. वे अक्सर जो पासवर्ड फॉर्मूलेशन बनाते हैं, उनसे आठ बार विफल कोशिश कर चुके हैं. अब 2 मौके बचे हैं जिसका मतलब है कि 2 गलतियां करने पर उनके 1700 करोड़ रुपए बर्बाद हो जाएंगे.



बता दें कि बिटकॉइन की कोई रेग्युलेटरी संस्था नहीं है, न कंपनी का नियंत्रण है. इसलिए पासवर्ड बनाने जैसी सुविधा नहीं है. इस मुद्रा बनाने वाला भी एक ख़ुफ़िया आदमी है जो अपना नाम सातोषी नाकामोटो बताता है. बिटकॉइन के पीछे उसका आइडिया था कि कोई भी कहीं से भी डिजिटल अकाउंट खोलकर बिटकॉइन रख सके, जिस पर किसी सरकार या नियामक का नियंत्रण न हो. यह अनूठी सुरक्षा व्यवस्था ही लोगों के लिए मुसीबत का सबब भी बन रही है. वॉलेट रिकवरी सर्विस चेनालिसिस बताती है कि दुनिया में 1.85 करोड़ बिटकॉइन हैं. इनमें 20% (10 लाख करोड़ रु.) को उनके मालिक खो चुके हैं. यह फर्म गुम ‘डिजिटल की’ पाने में मदद करती है. उसके पास पासवर्ड रिकवरी के लिए रोज 70 फोन आने लगे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज