वैश्विक गरीबी ख़त्म करने में 1990 से बड़ी प्रगति: गेट्स फाउंडेशन

बिल और मिलिंदा गेट्स फाउंडेशन ने एक रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक गरीबी को ख़त्म करने में 1990 से बड़ी प्रगति हुई है लेकिन इस दिशा में अभी और बहुत काम करने की ज़रूरत है.

भाषा
Updated: September 13, 2017, 10:04 PM IST
वैश्विक गरीबी ख़त्म करने में 1990 से बड़ी प्रगति: गेट्स फाउंडेशन
Progress वैश्विक गरीबी ख़त्म करने में 1990 से बड़ी प्रगति: गेट्स फाउंडेशन (Getty Images)
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Updated: September 13, 2017, 10:04 PM IST
बिल और मिलिंदा गेट्स फाउंडेशन ने एक रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक गरीबी को ख़त्म करने में 1990 से बड़ी प्रगति हुई है लेकिन इस दिशा में अभी और बहुत काम करने की ज़रूरत है.

माइक्रोसॉफ्ट के सहसंस्थापक की ओर से बनाई गई इस फाउंडेशन की योजना संयुक्त राष्ट्र के वर्ष 2015 में तय किए गए सतत विकास लक्ष्यों तक पहुंचने की दिशा में प्रगति पर निगरानी से जुड़ी वार्षिक रिपोर्ट जारी करने की है. इन उद्देश्यों में वर्ष 2030 तक गरीबी और भुखमरी समाप्त करने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और सस्ती ऊर्जा तथा लिंग असमानताओं और जलवायु परिवर्तन से निपटना शामिल है.

गेट्स फाउंडेशन की पहली रिपोर्ट तैयार है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र की ओर से निर्धारित 18 विकास संकेतकों पर ध्यान दिया गया है.

बिल गेट्स ने एक बयान में कहा, 'हम उल्लेखनीय प्रगति को दस्तावेज़ी रूप देने का प्रयास कर रहे हैं.' ये प्रगति गरीबी और विभिन्न रोगों से निजात जैसे महत्वपूर्ण विषयों समेत बहुत से क्षेत्रों में दुनियाभर में हुई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु में कमी आई है. ये वर्ष 1990 में एक करोड़ 12 लाख से घटकर वर्ष 2016 में केवल दस लाख रह गई और इसका श्रेय टीकाकरण तथा रहन-सहन की बेहतर स्थितियों को जाता है.

रिपोर्ट में मलावी में हुई प्रगति का ज़िक्र करते हुए कहा गया है कि 1990 में पांच वर्ष की उम्र तक पहुंचने से पहले चार बच्चों में से एक की मौत हो जाती थी, लेकिन वर्ष 2016 में ये संख्या घटकर 16 में एक ही रह गई.
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