फिलिपींस के बाद ऑस्ट्रेलिया ने भी एस्ट्राजेनेका टीके की खुराक देने पर लगाई रोक

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से ब्लड क्लॉटिंग की खबरों के बाद कई यूरोपीय देशों में वैक्सीनेशन रोका गया था. (फाइल फोटो)

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से ब्लड क्लॉटिंग की खबरों के बाद कई यूरोपीय देशों में वैक्सीनेशन रोका गया था. (फाइल फोटो)

AstraZeneca Corona vaccine updates: समूह ने कहा कहा कि 50 वर्ष से कम आयु के किसी व्यक्ति को एस्ट्राजेनेका का पहला टीका तभी लगाया जाए जब यह स्पष्ट हो जाए कि इसे लगाने से कोई खतरा नहीं है.

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कैनबरा. ऑस्ट्रेलिया में गुरुवार को 50 वर्ष से कम आयु के लोगों को कोविड-19 रोधी टीके एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca Corona vaccine) की खुराक नहीं देने की सिफारिश की गई है. ऑस्ट्रेलिया के औषधि नियामकों की दिन में हुई सिलसिलेवार आपात बैठकों के बाद यह घोषणा की गई.

गौरतलब है कि यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने कहा था कि उसे टीके और दुर्लभ खून के थक्के जमने के बीच एक संभावित संपर्क मिला है. प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि उन्हें सलाहकार समूह की ओर से इस संबंध में विभिन्न सलाह मिली हैं. इनमें से सबसे प्रमुख सलाह यह है कि 50 साल से कम आयु के लोगों को फाइजर टीके लगाए जाने चाहिये.

पहली खुराक लेने के बाद दूसरी है बहुत जरूरी
टीकाकरण से संबंधित ऑस्ट्रेलियाई तकनीकी सलाहकार समूह ने सलाह दी है कि एस्ट्राजेनेका टीके की पहली खुराक ले चुके 50 वर्ष से कम आयु के लोगों को दूसरी खुराक दी जानी चाहिये क्योंकि चिकित्सा सलाह इस ओर इशारा करती है कि खून में थक्के जमने के मामले केवल पहली खुराक लिये जाने के बाद ही सामने आए हैं.
समूह ने कहा कहा कि 50 वर्ष से कम आयु के किसी व्यक्ति को एस्ट्राजेनेका का पहला टीका तभी लगाया जाए जब यह स्पष्ट हो जाए कि इसे लगाने से कोई खतरा नहीं है.



फिलिपींस भी लगा चुका है इस वैक्सीन पर रोक
वहीं फिलिपींस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को 60 साल से कम आयु के लोगों को एस्ट्राजेनेका टीका लगाए जाने पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है. खून के थक्के जमने की खबरें आने के बाद यह निर्णय लिया गया है.

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क्यों लगाई गई इस वैक्सीन पर रोक
उल्लेखनीय है कि यूरोपीय संघ के औषधि नियामक ने कहा है कि उसने एस्ट्राजेनेका के कोरोना वायरस रोधी टीके और खून में दुर्लभ थक्कों की समस्या के बीच ‘संभावित संपर्क’ ढूंढ़ लिया है. हालांकि इसने यह भी कहा कि जोखिमों की तुलना में इस टीके के अब भी लाभ अधिक हैं. ‘यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी’ (ईएमए) ने बुधवार को जारी एक बयान में 18 साल और इससे अधिक आयु के लोगों के लिए टीके के इस्तेमाल को लेकर किसी नए प्रतिबंध की घोषणा नहीं की.
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