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ब्रिटेन में प्रदर्शनकारियों ने इंसानों को बेचने-खरीदने वाले कॉलस्टन की मूर्ति तोड़ी, देखें VIDEO

ब्रिटेन में प्रदर्शनकारियों ने इंसानों को बेचने-खरीदने वाले कॉलस्टन की मूर्ति तोड़ी, देखें VIDEO

ब्रिटेन में 125 साल पुरानी एडवर्ड कॉलस्टन की मूर्ति गिराते हुए प्रदर्शनकारी (Photo: Twitter)

ब्रिटेन में 125 साल पुरानी एडवर्ड कॉलस्टन की मूर्ति गिराते हुए प्रदर्शनकारी (Photo: Twitter)

इंग्लैंड के दक्षिण पश्चिमी शहर ब्रिस्टल (Bristol) में एक प्रदर्शन में कुछ प्रदर्शनकारियों ने 17 वीं सदी के गुलाम व्यापारी एडवर्ड कॉलस्टन (Adword Coleton) की कांस्य मूर्ति को जमीन पर गिरा दिया.

    लंदन. अमरीका में हो रहे 'कालों की जिंदगी मायने रखती है' ( Black Lives Matter) आंदोलन के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड में भी नस्लवाद (Racism) का विरोध होने लगा है. इसी कड़ी में इंग्लैंड के दक्षिण पश्चिमी शहर ब्रिस्टल में एक प्रदर्शन में कुछ प्रदर्शनकारियों ने 17 वीं सदी के गुलाम व्यापारी एडवर्ड कॉलस्टन (Adword Coleton) की कांस्य मूर्ति को जमीन पर गिरा दिया. बाद में प्रदर्शनकारी मूर्ति को रस्सी से बाँध कर घसीटते हुए बंदरगाह तक ले गए और वहाँ उसे शोरशराबे के बीच एवन नदी में फेंक दिया.

    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस

    प्रदर्शनकारी द्वारा पूरे शोर शराबे के साथ इस घटना को उत्सव की तरह मनाने को लेकर स्थानीय पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है. एवन और समरसेट पुलिस ने रविवार को दिए एक बयान में कहा कि यह ऐसे लोगों का एक छोटा समूह था जो साफ़ तौर पर ब्रिस्टल बंदरगाह के पास एक मूर्ति को खींचकर उसे क्षति पहुंचाने जैसा आपराधिक कार्य कर रहे थे. पुलिस का यह भी कहना है कि मूर्ति गिराने के इस अपराध में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए एक जांच की जाएगी और वे पहले से ही इस घटना के फुटेज से लोगों का मिलान कर उन्हें पहचानने की कोशिश कर रहे हैं.

    यह प्रतिमा 1895 से सिटी सेंटर में लगी हुई है

    कोलस्टन की यह प्रतिमा 1895 से ब्रिस्टल के सिटी सेंटर में लगी हुई है लेकिन अमरीका में मारे गए फ्रॉयड की नस्लीय घटना के बाद इसे हटाने की मांग के लिए याचिकाएं दाखिल की जाने लगी. इस तरह यह मूर्ति फिर से अचानक विवादों में आ गई.

    कोलस्टन ने अपनी संपत्ति दान कर दी थी

    ब्रिस्टल संग्रहालय की वेबसाइट पर कॉलस्टन को एक श्रद्धेय परोपकारी और प्रसिद्ध दास व्यापारी के रूप में वर्णित किया गया है. वेबसाइट के अनुसार वह 1636 में ब्रिस्टल शहर में पैदा हुआ था लेकिन उसने अपना कामकाजी जीवन लंदन में बिताया. बाद में वह 11 साल तक RAC आरएसी [रॉयल अफ्रीकन कंपनी] के प्रशासनिक निकाय का एक सक्रिय सदस्य बन गया. यह कंपनी गुलाम अफ्रीकियों का व्यापार करती थी. वेबसाइट के अनुसार कोलस्टन ने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा दान में दिया लेकिन यह दान सिर्फ उन लोगों के लिए ही था जो उसकी धार्मिक मन्यताओं से जुड़े हों या उन्हें मानते हों. स्थानीय पुलिस के अनुसार ब्रिस्टल में रविवार को हुए ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन में लगभग 10,000 लोगों ने भाग लिया.


    अबतक किसी की नहीं हुई है गिरफ्तारी

    एवन और समरसेट पुलिस ने कहा कि जो लोग नस्लीय असमानता और अन्याय के बारे में अपनी चिंताओं को लेकर इस प्रदर्शन में आए थे, उन्होंने बहुत शांति और सम्मानपूर्वक प्रदर्शन किया. पुलिस ने यह भी कहा कि जनता की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता थी और शुक्र है कि इसमें कोई गड़बड़ी नहीं हुई और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई.

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    Tags: England, Statue vandalism, Viral video

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