चिली में प्रदर्शनकारी हुए हिंसक, चर्च को किया आग के हवाले, लूटपाट की

दक्षिण अमेरिका के चिली की राजधानी सेन्टियागो में प्रदर्शन दंगा में बदल गया.
दक्षिण अमेरिका के चिली की राजधानी सेन्टियागो में प्रदर्शन दंगा में बदल गया.

चिली के सेन्टियागो (Santiago) में पिछले साल एक प्रदर्शन (Protest) के दौरान 30 लोग मारे गए थे और हजारों लोग मारे गए थे. इस घटना की बरसी मनाने के लिए चिली के नागरिक सेंट्रल स्केवयर में इकट्ठा हुए थे और अचानक दंगा मचाना शुरू कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 21, 2020, 8:45 PM IST
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सेन्टियागो. चिली के सेन्टियागो (Santiago) में पिछले साल एक प्रदर्शन (Protest) के दौरान 30 लोग मारे गए थे और हजारों लोग मारे गए थे. इस घटना की बरसी मनाने के लिए चिली के नागरिक सेंट्रल स्केवयर में इकट्ठा हुए और वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे. हालांकि रात होते ही प्रदर्शनकारी दंगा (Riot) मचाने लगे और लूटपाट (Loot) की घटना को अंजाम देने में व्यस्त हो गए. प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और उन्होंने एक चर्च में भी आग लगा दी. पुलिस को हिंसा पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. गुस्साई भीड़ ने दिन के शुरू में कम्युनिस्ट पार्टी के मेयर को धमकी भी दे डाली.

पूरे शहर में निकाली रैली

चिली के लोग दिन में ही इकट्ठा हो गए और पूरे शहर में रैली निकाली. प्रदर्शन में लोगों की संख्या शाम होते होते काफी बढ़ गई. प्रदर्शनकारियों के हाथों में इंद्रधनुषी रंग की घर में तैयार किए गए बैनर थे, जिनमें यह लिखा था कि अगले रविवार को इस बात के लिए रेफरंडम है कि तानाशाही युग के संविधान को समाप्त किया जाए. वर्ष 2019 में हुए प्रदर्शन के दौरान भी यह मांग प्रमुखता से उठाई गई थी.



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प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से और बड़े पैमाने पर शुरू हुआ लेकिन धीरे-धीरे प्रदर्शनकारी हिंसक होते चले गए. उन्होंने सुपरमार्केट को लूटा. प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ जोरदार झड़पें भी हुईं. सेन्टियागो के गृहमंत्री विक्टर पेरेज ने सुबह शुरू हुई रैली के बारे में वह सचमुच प्रशंसा योग्य थी. उन्होंने कहा कि देर रात को शांतिपूर्ण रैली में विस्फोट हुआ और सबकुछ अनियंत्रित हो गया. उन्होंने चीली के नागरिकों से यह अपील की 25 अक्टूबर को संविधान पर रेफरंडम को अपने मतों से पक्ष में करें. उन्होंने कहा कि जो लोग हिंसा के इन कामों को अंजाम देते हैं, वे नहीं चाहते हैं कि चिली लोकतांत्रिक तरीकों से हमारी समस्याओं का समाधान करे.
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