लाइव टीवी

ईशनिंदा के आरोप से बरी आसिया बीबी के जीवन पर आधारित किताब पैरिस में प्रकाशित

News18Hindi
Updated: January 30, 2020, 11:02 AM IST
ईशनिंदा के आरोप से बरी आसिया बीबी के जीवन पर आधारित किताब पैरिस में प्रकाशित
ईश निंदा के आरोप से बरी आसिया बीबी के जीवन पर एक किताब प्रकाशित हुई है. इसमें उन्‍होंने अपने दर्द के साथ पाकिस्‍तान से अपनी मुहब्‍बत का इकरार किया है.

जेल में बिताए अपने जीवन के बारे में उन्‍होंने कहा, 'जेल में आंसू मेरे एकमात्र साथी थे.' उन्‍होंने पाकिस्तान की जेल में बंद अपने दिनों को याद करते हुए वहां के हालात से पर्दा उठाया और बताया कि वहां उन्‍हें जंजीर में बांध कर रखा गया था. वह कहती हैं, 'मेरी कलाई जलती रहती थी, सांस लेना मुश्किल होता था. वहां ईसाइयों की जिंदगी मुश्किल है.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 30, 2020, 11:02 AM IST
  • Share this:
ईश निंदा के आरोप से बरी पाकिस्‍तान (Pakistan) की आसिया बीबी (Asia Bibi) के जीवन पर एक किताब प्रकाशित हुई है. खुद पर लगे ईशनिंदा के आरोप के बाद की नारकीय स्थिति को याद करते हुए इस किताब में उन्‍होंने निर्वासन के दर्द को व्‍यक्‍त किया है और इस किताब के रूप में अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर अपनी बात रखी है.

दरअसल, आसिया बीबी को 2010 में एक पाकिस्तानी अदालत ने ईश निंदा (Blasphemy) के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन 2018 में उन्‍हें इस आरोप से बरी कर दिया गया था. तब से ही वह कनाडा (Canada) में एक अज्ञात स्थान पर जीवन बसर कर रही हैं.

फ्रांसीसी पत्रकार ऐनी-इसाबेल टॉलेट कनाडा में रहने के दौरान आसिया बीबी से मिलने वाली एकमात्र रिपोर्टर हैं. उन्‍होंने उन पर एक किताब लिखी है. 'Enfin Libre' (आखिरकार मुक्त) फिलहाल यह किताब अंग्रेजी और फ्रेंच में दोनों में है. इसमें आसिया बीबी ने अपनी गिरफ्तारी, जेल की स्थितियों, रिहाई के बाद की स्थिति और आ रही दिक्‍कतों को भी शब्‍द दिए हैं.

जेल में बिताए अपने जीवन के बारे में उन्‍होंने कहा, 'जेल में आंसू मेरे एकमात्र साथी थे.' उन्‍होंने पाकिस्तान की जेल में बंद अपने दिनों को याद करते हुए वहां के हालात से पर्दा उठाया और बताया कि वहां उन्‍हें जंजीर में बांध कर रखा गया था. वह कहती हैं, 'मेरी कलाई जलती रहती थी, सांस लेना मुश्किल होता था. वहां ईसाइयों की जिंदगी मुश्किल है.'

दरअसल, ईश निंदा मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में फसाद को हवा देने वाला आरोप है. कई बार इस तरह के आरोप बेबुनियाद साबित होते हैं. आसिया बीबी के साथ 2009 में एक छोटी-सी कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और उन पर यह आरोप लगा. इस किताब के माध्‍यम से उन्‍होंने यह भी कहा है कि मैं पाकिस्‍तान से हमेशा मुहब्‍बत करूंगी. मगर हमेशा निर्वासित रहूंगी.

ये भी पढ़ें- इटली के इस शहर में सिर्फ 78 रुपए में खरीद सकते हैं घर

             10 साल के लड़के से 13 साल की लड़की के प्रेग्नेंट होने पर नया खुलासा 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 30, 2020, 11:02 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर