लाइव टीवी

लाइफ टाइम राष्ट्रपति पद पर काबिज रहेंगे पुतिन! रूस के संविधान में हो सकता है ये बदलाव

News18Hindi
Updated: January 16, 2020, 11:51 AM IST
लाइफ टाइम राष्ट्रपति पद पर काबिज रहेंगे पुतिन! रूस के संविधान में हो सकता है ये बदलाव
लाइफ टाइम राष्ट्रपति पद पर रहेंगे पुतिन

रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव (Dmitry Medvedev) सहित पूरी कैबिनेट ने इस्तीफा दे दिया. इस बात की जानकारी उन्होंने बुधवार को दी. यह फैसला उन्होंने राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संदेश के बाद दिया. 

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 16, 2020, 11:51 AM IST
  • Share this:
मॉस्को. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) ने संवैधानिक परिवर्तन करने का प्रस्ताव रखा है. वो अपने संविधान में कई बदलाव करना चाहते हैं. उनके इस प्रस्ताव के चलते प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव (Dmitry Medvedev) सहित पूरी कैबिनेट ने इस्तीफा दे दिया. इस बात की जानकारी उन्होंने बुधवार को दी. यह फैसला उन्होंने राष्ट्रपति के 'राष्ट्र के नाम संदेश' के बाद दिया, जिसमें उन्होंने संविधान में बदलाव का प्रस्ताव रखा था.

पुतिन ने मार्च 2018 में राष्ट्रपति पद के लिए एक बार फिर जीत दर्ज की थी ये उनकी चौथी जीत थी. पुतिन 2024 तक राष्ट्रपति पद पर रहेंगे. पूर्व प्रधानमंत्री Mikhail Kasyanov ने पुतिन की आलोचना करते हुए कहा कि वो संविधान में सिर्फ इसलिए बदलाव करना चाहते हैं कि क्योंकि वो हमेशा राष्ट्रपति पद पर बने रहना चाहते हैं. संविधान के हिसाब से पुतिन अगली बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव नहीं लड़ सकते.

प्रधानमंत्री मेदवेदेव के पद से इस्तीफा देने के बाद उन्हें रूस की सुरक्षा समिति में डिप्टी सेक्रेटरी का पद देने की घोषणा की. पुतिन ने कहा, 'मैंने रूस की सुरक्षा समिति में डिप्टी सेक्रेटरी का पद सृजित करने का मन बनाया है.'

Komsomolskaya Pravda अखबार के लिए क्रेमलिन के रिपोर्टर दिमित्री स्मिरनोव ने कई हैरान करने वाले सवालों के जवाब देते हुए ट्विटर पर कहा, "एक ही दिन में यह सब क्यों हुआ?" उनका जवाब? "इसका मतलब है कि क्रेमलिन के इतिहास को अच्छे से जानते हैं? क्रांति को तेजी से लाया जाना चाहिए, चाहे वह कहीं से भी शुरू हो.'उन्होंने कहा कि संसद की शक्तियों, प्रधानमंत्री पद और राज्य परिषद नामक एक निकाय के विस्तार के लिए पुतिन ने संविधान में संशोधन का प्रस्ताव रखा है. ये बदलाव जब लागू हो जाएंगे तो न सिर्फ़ संविधान के सभी अनुच्छेद बदल जाएंगे बल्कि सत्ता संतुलन और ताक़त में भी बदलाव आएगा. इसलिए मौजूदा सरकार ने इस्तीफ़ा दिया है.

नये साल का भाषण देते हुए मेदवेदेव ने पहले ही संकेत दिये थे कि साल की शुरुआत से ही उनके दिन गिनने शुरू हो सकते हैं.

ये भी पढ़ें : नई शुरुआत: अमेरिका-चीन की हुई दोस्ती, ट्रेड डील के पहले चरण पर दस्तखत

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 16, 2020, 11:21 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर