श्रीलंका संसदीय चुनाव: Quarantine हुए वोटर्स की पहचान नहीं की जाएगी उजागर

श्रीलंका संसदीय चुनाव: Quarantine हुए वोटर्स की पहचान नहीं की जाएगी उजागर
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श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे (President Gotabaya Rajapaksa) ने दो मार्च को कार्यकाल से छह महीने पहले ही संसद भंग कर दी थी और 25 अप्रैल को मध्यावधि चुनाव का आह्वान किया था.

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कोलंबो. श्रीलंका में पांच अगस्त के संसदीय चुनाव (Parliamentary Elections) से पहले राष्ट्रीय चुनाव आयोग के अध्यक्ष महिंदा देशप्रिय ने रविवार को कहा कि क्वारेंटाइन में रह रहे व्यक्तियों के लिए अग्रिम मतदान की तारीख 31 जुलाई तय की गई है. देश में 225 सदस्यीय संसद के निर्वाचन के लिए पांच अगस्त को चुनाव है और मतदान के लिये 1.6 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं. चुनाव आयोग (Election Commission) कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्वास्थ्य जोखिम के बीच स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव का इंतजाम करने के लिए प्रयासरत है.

देशप्रिय ने कहा, 'इस महामारी ने चुनाव अधिकारियों को क्वारेंटाइन में रह रहे लोगों के लिए अग्रिम मतदान दिवस तय करने के लिए बाध्य किया. क्वारेंटाइन में रह रहे लोगों को अब 31 जुलाई को वोट डालने की इजाजत होगी.' देशप्रिय ने कहा कि क्वारेंटाइन वाले मतदाताओं की पहचान मीडिया के सामने उजागर नहीं की जाएगी. श्रीलंका में चुनाव ड्यूटी वाले कर्मियों के लिए डाकमतदान के अलावा पहली बार किसी अन्य के लिए अग्रिम मतदान की तारीख तय की गयी है. श्रीलंका कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर कई सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करते हुए छद्म चुनाव अभ्यास के बाद पांच अगस्त के संसदीय चुनाव का समय पहले ही एक घंटे के लिए बढ़ा चुका है. चुनावों के कार्यक्रम को पहले दो बार स्थगित कर दिया गया था.

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छह महीने पहले संसद भंग
राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने दो मार्च को कार्यकाल से छह महीने पहले ही संसद भंग कर दी थी और 25 अप्रैल को मध्यावधि चुनाव का आह्वान किया था. लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते दो बार चुनाव स्थगित करने के बाद पांच अगस्त की तारीख तय की गई.
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