US में नस्ली अशांति एक कड़वी सच्चाई और कुछ हिस्सों पर हम शर्मशार: मेलानिया ट्रंप

US में नस्ली अशांति एक कड़वी सच्चाई और कुछ हिस्सों पर हम शर्मशार: मेलानिया ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान में उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप जुट गई हैं. (फाइल फोटो)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trupm) की पत्नी मेलानिया ट्रंप (Melania Trump) ने कहा है कि अमेरिका में नस्ली अशांति (Racist Unrest) एक कड़वी सच्चाई है और ‘हमारे इतिहास के कुछ हिस्सों पर हमें गर्व नहीं है.’

  • Share this:
वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trupm) की पत्नी मेलानिया ट्रंप (Melania Trump) ने कहा है कि अमेरिका में नस्ली अशांति (Racist Unrest) एक कड़वी सच्चाई है और ‘हमारे इतिहास के कुछ हिस्सों पर हमें गर्व नहीं है.’ उन्होंने देश में सामाजिक सौहार्द्र की अपील के लिये अपने आव्रजन की कहानी याद करते हुए यह बात कही. 50 वर्षीय मेलानिया ने मंगलवार को रिपब्लिकन राष्ट्रीय सम्मेलन (Republican National Convention) में व्हाइट हाउस के रोज गार्डन से अपने संबोधन में ‘अपने पति, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फिर से निर्वाचित करने की भावुक अपील की.’ उन्होंने कहा कि ‘अमेरिका उनके दिल में बसता है.’

मैंने नस्लीय हिंसा पर गौर से सोचा है: मेलानिया

उन्होंने कहा कि आप सभी की तरह, मैंने भी हमारे देश में नस्ली अशांति के बारे में गौर से सोचा है. यह एक कड़वी सच्चाई है और इस कारण हमारे इतिहास के कुछ हिस्सों पर हमें गर्व नहीं है. मैं लोगों को अतीत से सीखते हुए अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने को प्रोत्साहित करती हूं.



मई में जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस ने की थी हत्या
मई में मिनियापोलिस शहर में जॉर्ज फ्लॉयड नाम के एक काले व्यक्ति की मौत होने के बाद सामाजिक-राजनीतिक अशांति के संदर्भ में यह उनकी पहली बड़ी टिप्पणी है. फ्लॉयड को मिनियापोलिस, मिनेसोटा में एक दुकान के बाहर पुलिस ने गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी की वीडियो फुटेज में यह दिखा कि एक गोरे पुलिस अधिकारी ने कुछ मिनट तक अपने घुटने से उसकी गर्दन जमीन पर दबाये रखी थी. इस अधिकारी पर हत्या का आरोप लगा. वहीं, फ्लॉयड की मौत के बाद नस्ली अन्याय एवं पुलिस बर्बरता के खिलाफ दुनिया भर में प्रदर्शन हुए.

मेलानिया को 2006 में मिली थी अमेरिकी नागरिकता

अपने आव्रजन की कहानी याद करते हुए स्लोवेनिया में जन्मी मेलानिया ने कहा कि उन्हें 2006 में अमेरिकी नागरिकता मिली और यह उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण था. मेलानिया ने कहा, ‘मैं अमेरिका तब आई जब मैं 26 साल की थी. अवसरों की भूमि पर रहने का सपना सच हो गया, लेकिन मैं और अधिक चाहती थी. मैं यहां की नागरिक बनना चाहती थी. कई साल के दस्तावेजी काम और धैर्य के बाद 2006 में मुझे नागरिकता मिली.’

मेलानिया, अमेरिका के बाहर जन्मीं दूसरी प्रथम महिला (राष्ट्रपति की पत्नी) हैं. उनसे पहले लुइसा एडम्स भी ऐसी प्रथम महिला रही हैं, जिनका जन्म अमेरिका के बाहर हुआ था.

मेलानिया ने ट्रंप से 2005 में शादी की थी.

मेलानिया ने कहा, ‘हमें आज यह अवश्य याद रखना चाहिए कि हम एक समुदाय हैं जिसमें कई नस्ल, धर्म और मूल के लोग शामिल हैं. हमारे विविध इतिहास ने हमारे देश को मजबूत बनाया है और फिर भी हमें अभी एक दूसरे से काफी कुछ सीखना बाकी है.’ उन्होंने अपने प्राइमटाइम संबोधन में कहा कि ट्रंप प्रशासन ने देश में नस्ल और धर्म से जुड़े मुद्दों पर काम किया है.

'ट्रंप देश के लिये सबसे अच्छे उम्मीदवार'

उन्होंने कहा कि ट्रंप देश के लिये सबसे अच्छे उम्मीदवार हैं. अमेरिका को उनके पति के नेतृत्व की अब पहले से कहीं अधिक जरूरत है, ताकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके. मेलानिया ने ट्रंप को चार साल पहले राष्ट्रपति निर्वाचित करने के लिये देशवासियों का आभार भी जताया.

'ट्रंप आपके और आपके परिवार के लिए लड़ते रहेंगे'

उन्होंने अपने ऐतिहासिक संबोधन में यह भी कहा, ‘ मैं यहां इसलिए हूं कि हमें इस बात की जरूरत है कि मेरे पति और चार साल हमारे राष्ट्रपति और कमांडर इन चीफ बने रहें. वह हमारे देश के लिये सर्वश्रेष्ठ विकल्प हैं.’ मेलानिया ने कहा, ‘मेरे पति के रूप में आपके पास एक ऐसा राष्ट्रपति है जो आपके और आपके परिवार के लिये लड़ने से नहीं रूकेंगे.’

ये भी पढ़ें: ट्रंप ने भारत की सुधा समेत पांच को दिलाई नागरिकता की शपथ, तरीफों के पुल बांधे

चीन में आया ने 11 महीने के बच्चे को मारे कई थप्पड़, पुलिस ने भेजा जेल  

कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन इसका कारगर इलाज एवं टीका हर किसी के लिये उपलब्ध होने तक नहीं रूकेगा. गौरतलब है कि इस महामारी से निपटने के ट्रंप प्रशासन के तरीकों की आलोचना की जाती रही है. कोविड-19 से देश में 50 लाख लोग संक्रमित हुए और 1,70,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज